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गंदगी को देख भड़के निदेशक परिवार कल्याण
Updated Sat, 12 Aug 2017 12:32 AM IST
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बिजनौर। निदेशक परिवार कल्याण उमाकांत ने शुक्रवार की सुबह जिला संयुक्त चिकित्सालय का निरीक्षण किया। अस्पताल में गंदगी देख वे खूब भड़के। उन्होंने जिला महिला अस्पताल में सुधार के निर्देश दिए। दोपहर को सीएमओ कार्यालय में स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक की। बैठक में पीसीपीएनडीटी एक्स का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए।
निदेशक परिवार कल्याण उमाकांत ने शुक्रवार की सुबह जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में उन्हें सीएमएस डा. आभा वर्मा गैर हाजिर मिलीं। अस्पताल के वार्ड और शौचालयों में साफ-सफाई व्यवस्था सही नहीं मिलने पर उन्होंने कर्मचारियों और अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता सुधारने को भी कहा।
इसके बाद निदेशक ने पुरुष अस्पताल का निरीक्षण किया, जहां सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त मिली। उन्होंने सीएमओ को सीएमएस महिला के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। निदेशक परिवार कल्याण उमाकांत ने दोपहर को सीएमओ कार्यालय में स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक की। उन्होंने पीसीपीएनडीटी एक्ट का प्रभावी ढंग से पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में मुखबिर योजना भी चलाई जाएं और लगातार अभियान चलाकर अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच की जाएं। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा।
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निदेशक परिवार कल्याण उमाकांत ने शुक्रवार की सुबह जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में उन्हें सीएमएस डा. आभा वर्मा गैर हाजिर मिलीं। अस्पताल के वार्ड और शौचालयों में साफ-सफाई व्यवस्था सही नहीं मिलने पर उन्होंने कर्मचारियों और अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता सुधारने को भी कहा।
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इसके बाद निदेशक ने पुरुष अस्पताल का निरीक्षण किया, जहां सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त मिली। उन्होंने सीएमओ को सीएमएस महिला के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। निदेशक परिवार कल्याण उमाकांत ने दोपहर को सीएमओ कार्यालय में स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक की। उन्होंने पीसीपीएनडीटी एक्ट का प्रभावी ढंग से पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में मुखबिर योजना भी चलाई जाएं और लगातार अभियान चलाकर अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच की जाएं। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा।
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