{"_id":"595be44b4f1c1b3a518b45e3","slug":"81499194443-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किताब उपलब्ध कराने के दावे साबित हो रहे खोखले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किताब उपलब्ध कराने के दावे साबित हो रहे खोखले
Updated Wed, 05 Jul 2017 12:59 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कक्षा एक से छह तक के छात्रों से किताबें अब भी दूर
बिजनौर।
परिषदीय स्कूलों में बच्चों को किताबें उपलब्ध कराने के शासन के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। एक अप्रैल से शिक्षा सत्र चल रहा है। प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की पुस्तकें विभाग को प्राप्त नहीं हुई है। कक्षा सात और आठ के बच्चों को किताबें बांटी जा रही है। बिना पुस्तकों के ही बच्चे स्कूल आ रहे हैं।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को नि:शुल्क किताबें उपलब्ध कराई जाती है। एक अप्रैल से शिक्षा सत्र चल रहा है। पर अभी तक प्राथमिक विद्यालयों से किताबें दूर हैं। जबकि बेसिक शिक्षा विभाग ने अप्रैल के महीने में ही बच्चों को किताबें उपलब्ध कराने के लिए छात्र संख्या तथा किताबों की डिमांड भेजी गई थी। 20 मई से 30 जून तक स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश था। एक जुलाई को स्कूल खुले पर प्राथमिक विद्यालयों में किताबें नहीं पहुंची। हालांकि विभाग ने किताबों की ढुलाई की व्यवस्था पहले ही कर ली थी। विभाग की माने तो उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा सात और आठ के छात्रों की पुस्तकें आनी शुरू हो गई थी तथा जिले के अधिकांश स्कूलों में बच्चों की किताबें वितरित कराई गईं। पर अन्य कक्षाओं की पुस्तकें नहीं आने से शिक्षा विभाग के अफसर भी परेशान हैं।
शासन से जल्द ही पुस्तकें भिजवाने की मांग की जा रही है। इन स्कूलों में पुस्तकों के अभाव के चलते छात्र परेशान है। शिक्षा विभाग के अधिकारी पुस्तकें आने का इंतजार कर रहे हैं। पुस्तक पटल देख रहे जिला समन्वयक निर्माण सलीम अख्तर बेग ने बताया कि पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। मुख्यालय पर पुस्तकें आते ही छात्रों तक पहुंचा दी जाएगी। इसकी रूपरेखा पहले ही तैयार कर ली गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर।
परिषदीय स्कूलों में बच्चों को किताबें उपलब्ध कराने के शासन के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। एक अप्रैल से शिक्षा सत्र चल रहा है। प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की पुस्तकें विभाग को प्राप्त नहीं हुई है। कक्षा सात और आठ के बच्चों को किताबें बांटी जा रही है। बिना पुस्तकों के ही बच्चे स्कूल आ रहे हैं।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को नि:शुल्क किताबें उपलब्ध कराई जाती है। एक अप्रैल से शिक्षा सत्र चल रहा है। पर अभी तक प्राथमिक विद्यालयों से किताबें दूर हैं। जबकि बेसिक शिक्षा विभाग ने अप्रैल के महीने में ही बच्चों को किताबें उपलब्ध कराने के लिए छात्र संख्या तथा किताबों की डिमांड भेजी गई थी। 20 मई से 30 जून तक स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश था। एक जुलाई को स्कूल खुले पर प्राथमिक विद्यालयों में किताबें नहीं पहुंची। हालांकि विभाग ने किताबों की ढुलाई की व्यवस्था पहले ही कर ली थी। विभाग की माने तो उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा सात और आठ के छात्रों की पुस्तकें आनी शुरू हो गई थी तथा जिले के अधिकांश स्कूलों में बच्चों की किताबें वितरित कराई गईं। पर अन्य कक्षाओं की पुस्तकें नहीं आने से शिक्षा विभाग के अफसर भी परेशान हैं।
विज्ञापन
शासन से जल्द ही पुस्तकें भिजवाने की मांग की जा रही है। इन स्कूलों में पुस्तकों के अभाव के चलते छात्र परेशान है। शिक्षा विभाग के अधिकारी पुस्तकें आने का इंतजार कर रहे हैं। पुस्तक पटल देख रहे जिला समन्वयक निर्माण सलीम अख्तर बेग ने बताया कि पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। मुख्यालय पर पुस्तकें आते ही छात्रों तक पहुंचा दी जाएगी। इसकी रूपरेखा पहले ही तैयार कर ली गई है।
विज्ञापन