{"_id":"5a57b26f4f1c1b73188b4692","slug":"71515696751-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले की ग्राम पंचायतों में खुलेंगे सर्विस सेंटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले की ग्राम पंचायतों में खुलेंगे सर्विस सेंटर
Updated Fri, 12 Jan 2018 12:30 AM IST
विज्ञापन
जिले की ग्राम पंचायतों में खुलेंगे सर्विस सेंटर
बिजनौर।
ग्रामीणों के लिए अच्छी खबर है, अब उन्हें खसरा, खतौनी, जीवन, मृत्यु प्रमाण पत्र आदि अभिलेखों को प्राप्त करने के लिए सरकारी कार्यालयों में कई-कई दिन तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए शासन ने जिले की 1128 ग्राम पंचायतों में सर्विस सेंटर खोलने के निर्देश दिए हैं।
सूचना एवं प्रोद्यौगिकी विभाग के निदेशक नंदकिशोर के मुताबिक ग्रामीणों को जमीन संबंधी और अन्य अभिलेखों को प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था है, इसके लिए लोकवाणी केंद्रों की स्थापना की गई थी। लेकिन इसके बाद भी आवेदकों को अभिलेख प्राप्त करने के लिए कई-कई दिन संबंधित कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे। शासन ने ग्रामीणों को इस परेशानी से निजात दिलाने के लिए जनवरी 2016 से जिला स्तर पर जिला सर्विस प्रोवाइडर गठन किया था। जिला सर्विस प्रोवाइडर को प्रत्येक ग्राम पंचायत में अपने सेंटर खोलने के निर्देश दिए गए थे। जिले में करीब 800 सेंटर खोल दिए गए हैं।
अब शासन ने जिला सर्विस प्रोवाइडर को हिदायत दी है कि वे सेंटर खोलने में तेजी लाएं। इस काम में सहयोग की जिम्मेदारी एक निजी कंपनी को सौंपी है। नंदकिशोर के अनुसार लोकवाणी केंद्र के संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वह अपने केंद्रों को जिला सर्विस प्रोवाइडर के केंद्रों में तब्दील करा लेें। साथ ही सर्विस सेंटर चलाने के इच्छुक बेरोजगार युवक जिला सूचना एवं प्रौद्योगिकी केंद्र बिजनौर में संपर्क कर सकते हैं। बेरोजगार युवक इस युवक को संचालित करके 15 से 20 हजार रुपये प्रति माह की कमाई कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर।
ग्रामीणों के लिए अच्छी खबर है, अब उन्हें खसरा, खतौनी, जीवन, मृत्यु प्रमाण पत्र आदि अभिलेखों को प्राप्त करने के लिए सरकारी कार्यालयों में कई-कई दिन तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए शासन ने जिले की 1128 ग्राम पंचायतों में सर्विस सेंटर खोलने के निर्देश दिए हैं।
सूचना एवं प्रोद्यौगिकी विभाग के निदेशक नंदकिशोर के मुताबिक ग्रामीणों को जमीन संबंधी और अन्य अभिलेखों को प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था है, इसके लिए लोकवाणी केंद्रों की स्थापना की गई थी। लेकिन इसके बाद भी आवेदकों को अभिलेख प्राप्त करने के लिए कई-कई दिन संबंधित कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे। शासन ने ग्रामीणों को इस परेशानी से निजात दिलाने के लिए जनवरी 2016 से जिला स्तर पर जिला सर्विस प्रोवाइडर गठन किया था। जिला सर्विस प्रोवाइडर को प्रत्येक ग्राम पंचायत में अपने सेंटर खोलने के निर्देश दिए गए थे। जिले में करीब 800 सेंटर खोल दिए गए हैं।
विज्ञापन
अब शासन ने जिला सर्विस प्रोवाइडर को हिदायत दी है कि वे सेंटर खोलने में तेजी लाएं। इस काम में सहयोग की जिम्मेदारी एक निजी कंपनी को सौंपी है। नंदकिशोर के अनुसार लोकवाणी केंद्र के संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वह अपने केंद्रों को जिला सर्विस प्रोवाइडर के केंद्रों में तब्दील करा लेें। साथ ही सर्विस सेंटर चलाने के इच्छुक बेरोजगार युवक जिला सूचना एवं प्रौद्योगिकी केंद्र बिजनौर में संपर्क कर सकते हैं। बेरोजगार युवक इस युवक को संचालित करके 15 से 20 हजार रुपये प्रति माह की कमाई कर सकता है।
विज्ञापन