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अभिव्यक्ति की एक शाम आजादी के नाम संध्या आयोजित
Updated Fri, 18 Aug 2017 01:16 AM IST
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नजीबाबाद । अभिव्यक्ति की ओर से एक शाम आजादी के नाम संध्या में रचनाकारों ने देश की एकता, अखंडता और संस्कृति से जुड़ीं रचनाएं प्रस्तुत कीं।
कुमुद कुमार के निवास पर एक शाम आजादी के नाम काव्य संध्या का उद्घाटन मुख्य अतिथि केएल दीक्षित ने किया। प्रमोद शर्मा ने सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मनोज त्यागी के संचालन में बलवीर सिंह की रचना हे लोकतंत्र के पावन पर्व आज तुम्हारा अभिनंदन है, राजेंद्र त्यागी की रचना मुझे कुछ हौसला दे दो, जितेंद्र कक्कड़ की रचना ये भारत मां की कोख है नूर जनेगी.., प्रदीप डेजी की रचना वतन जब मुस्कुराएगा.., पेश की। काव्य संध्या में डॉ. बेगराज, राजेश मिश्रा राजू, राजेश गुप्ता, अजय जौहरी, प्रमोद शर्मा, नीरज सिंघल, भागीरथ, अशोक सविता, बलराम राजवंशी, जयपाल सिंह, मनोज त्यागी ने अपनी रचनाएं पेश की। मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य केएल दीक्षित को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।
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कुमुद कुमार के निवास पर एक शाम आजादी के नाम काव्य संध्या का उद्घाटन मुख्य अतिथि केएल दीक्षित ने किया। प्रमोद शर्मा ने सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मनोज त्यागी के संचालन में बलवीर सिंह की रचना हे लोकतंत्र के पावन पर्व आज तुम्हारा अभिनंदन है, राजेंद्र त्यागी की रचना मुझे कुछ हौसला दे दो, जितेंद्र कक्कड़ की रचना ये भारत मां की कोख है नूर जनेगी.., प्रदीप डेजी की रचना वतन जब मुस्कुराएगा.., पेश की। काव्य संध्या में डॉ. बेगराज, राजेश मिश्रा राजू, राजेश गुप्ता, अजय जौहरी, प्रमोद शर्मा, नीरज सिंघल, भागीरथ, अशोक सविता, बलराम राजवंशी, जयपाल सिंह, मनोज त्यागी ने अपनी रचनाएं पेश की। मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य केएल दीक्षित को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।