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Bijnor News: खंडहर बन चुके 684 आवासों की होगी मरम्मत
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सतीश शर्मा
धामपुर। 2012-13 में कांशीराम आवास योजना के तहत धामपुर ,चांदपुर और हल्दौर में करीब 684 आवासों का 14.69 करोड़ की लागत से निर्माण हुआ था। मगर, आज तक आवासों का आवंटन नहीं हो सका। वर्तमान में सभी आवास खंडहर बन चुके हैं। अब 12 साल बाद इस आवासों की फिर से मरम्मत की जाएगी। डूडा विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है।
डूडा विभाग के परियोजना अधिकारी पवन कुमार शर्मा ने बताया कि इन आवासों की तीन चरणों में मरम्मत होगी। पहले चरण में धामपुर के 240 आवासों की मरम्मत होगी। इसकी मरम्मत कराने के लिए विभाग की ओर से छह करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि मरम्मत के बाद में इन आवासों का आवंटन गरीब लोगों को नहीं होगा, बल्कि छात्र-छात्राओं को पढ़ने के लिए या फिर सरकारी नौकरी पेशा को किराए पर दिया जाएगा। आवासों के देखरेख की जिम्मेदारी पालिका और संबंधित निर्माण कंपनी के अधिकारियों की होगी। किराए के तौर पर मिलने वाली धनराशि इन आवासों की मेंटीनेंस पर खर्च होगी।
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राजनीति के फेर में खंडहर बन गए आवास : बसपा शासन काल में वर्ष 2012-13 में कांशीराम आवास योजना के अंतर्गत गरीबों को आशियाना उपलब्ध कराने के लिए धामपुर में 5.88 करोड़ की लागत से 240 आवासों का निर्माण हुआ था।
चांदपुर में 6.17 करोड़ की लागत से 252 और हल्दौर में 2.64 करोड़ की लागत से 108 आवासों का निर्माण हुआ था। मगर, इनका आज तक आवंटन नहीं हो सका।
उत्तर प्रदेश में बसपा के बाद सपा सरकार आई, लेकिन इन आवासों के लिए बजट नहीं मिला। भाजपा सरकार का दूसरा कार्य चल रहा है, लेकिन अभी तक भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया था। मगर, अब एक बार फिर से इन आवासों की मरम्मत करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। संवाद
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धामपुर। 2012-13 में कांशीराम आवास योजना के तहत धामपुर ,चांदपुर और हल्दौर में करीब 684 आवासों का 14.69 करोड़ की लागत से निर्माण हुआ था। मगर, आज तक आवासों का आवंटन नहीं हो सका। वर्तमान में सभी आवास खंडहर बन चुके हैं। अब 12 साल बाद इस आवासों की फिर से मरम्मत की जाएगी। डूडा विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है।
डूडा विभाग के परियोजना अधिकारी पवन कुमार शर्मा ने बताया कि इन आवासों की तीन चरणों में मरम्मत होगी। पहले चरण में धामपुर के 240 आवासों की मरम्मत होगी। इसकी मरम्मत कराने के लिए विभाग की ओर से छह करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है।
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उन्होंने बताया कि मरम्मत के बाद में इन आवासों का आवंटन गरीब लोगों को नहीं होगा, बल्कि छात्र-छात्राओं को पढ़ने के लिए या फिर सरकारी नौकरी पेशा को किराए पर दिया जाएगा। आवासों के देखरेख की जिम्मेदारी पालिका और संबंधित निर्माण कंपनी के अधिकारियों की होगी। किराए के तौर पर मिलने वाली धनराशि इन आवासों की मेंटीनेंस पर खर्च होगी।
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राजनीति के फेर में खंडहर बन गए आवास : बसपा शासन काल में वर्ष 2012-13 में कांशीराम आवास योजना के अंतर्गत गरीबों को आशियाना उपलब्ध कराने के लिए धामपुर में 5.88 करोड़ की लागत से 240 आवासों का निर्माण हुआ था।
चांदपुर में 6.17 करोड़ की लागत से 252 और हल्दौर में 2.64 करोड़ की लागत से 108 आवासों का निर्माण हुआ था। मगर, इनका आज तक आवंटन नहीं हो सका।
उत्तर प्रदेश में बसपा के बाद सपा सरकार आई, लेकिन इन आवासों के लिए बजट नहीं मिला। भाजपा सरकार का दूसरा कार्य चल रहा है, लेकिन अभी तक भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया था। मगर, अब एक बार फिर से इन आवासों की मरम्मत करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। संवाद