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राष्ट्रीय लोक अदालत में 8299 वादों का निस्तारण
Updated Sun, 09 Dec 2018 12:09 AM IST
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लोक अदालत में 8299 वादों का निस्तारण
बिजनौर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में लगी राष्ट्रीय लोक अदालत में आठ हजार 299 वादों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना के मामलों में एक करोड़ 14 लाख दस हजार 500 रुपये का मोटर दुर्घटना मुआवजा दिलाया गया। लोक अदालत में तीन लाख 98 हजार 335 रुपये का जुर्माना भी वसूल किया गया।
प्राधिकरण के सचिव जज राकेश सिंह के अनुसार एडीजे संदीप पांडेय ने मोटर दुर्घटना के दो मामलों में नौ लाख 85 हजार रुपये, एडीजे राजकुमार बंसल ने आठ वादों में 18 लाख 65 हजार रुपये, एडीजे सुनील कुमार ने चार वादों में 17 लाख 45 हजार रुपये, एडीजे रजनीश कुमार ने दो वादों में आठ लाख 90 हजार रुपये, एडीजे ओपी वर्मा ने दो वादों में दस लाख 70 हजार, एडीजे मुमताज अली ने पांच वादों में 16 लाख 50 हजार रुपये, एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट डा.पल्लवी अग्रवाल ने दो वादों में छह लाख 77 हजार 500 रुपये, एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रमोद कुमार गंगवार ने तीन वादों में दस लाख 30 हजार, एडीजे नगीना चंद्रशेखर मिश्र ने दो वादों में पांच लाख रुपये का मोटर दुर्घटना मुआवजा दिलाया। परिवार न्यायाधीश सुनित चंद्रा ने 35 वैवाहिक वादों का निस्तारण किया। एडीजे रजनीश कुमार ने 480 वादों का निस्तारण किया। सीजेएम उदयवीर सिंह ने 422 वादों का निस्तारण करते हुए दो लाख पांच हजार रुपये का जुर्माना वसूला। बिजनौर मुख्यालय में स्थित अन्य मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा एक हजार 87 वादों का निस्तारण कर 44 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। नजीबाबाद स्थित मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा 240 वादों का निस्तारण कर 59 हजार 880 रुपये का जुर्माना वसूला गया। नगीना स्थित मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा 480 वादों का निस्तारण कर 64 हजार 225 रुपये का जुर्माना वसूला गया। चांदपुर के सिविल जज जूनियर डिविजन द्वारा 47 वादों का निस्तारण कर 25 हजार 105 रुपये का जुर्माना वसूला गया। जिलेभर की राजस्व न्यायालयों द्वारा 5530 वादों का निस्तारण लोक अदालत में किया गया। बैंकों के प्री लिटिगेशन के 320 मामलों का निस्तारण किया गया व बैंकों द्वारा 70 लाख 17 हजार 500 रुपये की ऋणराशि का समझौता किया गया। एसबीआई के शिविर में 105 केसों का निस्तारण कर एक करोड़ छह लाख रुपये का ऋण समझौता किया गया। शिविर में आरएम ऋषिपाल सिंह, बालमुकुंद वर्मा, महेश, बलदेव सिंह, निशिकांत आर्य आदि मौजूद रहे।
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बिजनौर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में लगी राष्ट्रीय लोक अदालत में आठ हजार 299 वादों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना के मामलों में एक करोड़ 14 लाख दस हजार 500 रुपये का मोटर दुर्घटना मुआवजा दिलाया गया। लोक अदालत में तीन लाख 98 हजार 335 रुपये का जुर्माना भी वसूल किया गया।
प्राधिकरण के सचिव जज राकेश सिंह के अनुसार एडीजे संदीप पांडेय ने मोटर दुर्घटना के दो मामलों में नौ लाख 85 हजार रुपये, एडीजे राजकुमार बंसल ने आठ वादों में 18 लाख 65 हजार रुपये, एडीजे सुनील कुमार ने चार वादों में 17 लाख 45 हजार रुपये, एडीजे रजनीश कुमार ने दो वादों में आठ लाख 90 हजार रुपये, एडीजे ओपी वर्मा ने दो वादों में दस लाख 70 हजार, एडीजे मुमताज अली ने पांच वादों में 16 लाख 50 हजार रुपये, एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट डा.पल्लवी अग्रवाल ने दो वादों में छह लाख 77 हजार 500 रुपये, एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रमोद कुमार गंगवार ने तीन वादों में दस लाख 30 हजार, एडीजे नगीना चंद्रशेखर मिश्र ने दो वादों में पांच लाख रुपये का मोटर दुर्घटना मुआवजा दिलाया। परिवार न्यायाधीश सुनित चंद्रा ने 35 वैवाहिक वादों का निस्तारण किया। एडीजे रजनीश कुमार ने 480 वादों का निस्तारण किया। सीजेएम उदयवीर सिंह ने 422 वादों का निस्तारण करते हुए दो लाख पांच हजार रुपये का जुर्माना वसूला। बिजनौर मुख्यालय में स्थित अन्य मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा एक हजार 87 वादों का निस्तारण कर 44 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। नजीबाबाद स्थित मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा 240 वादों का निस्तारण कर 59 हजार 880 रुपये का जुर्माना वसूला गया। नगीना स्थित मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा 480 वादों का निस्तारण कर 64 हजार 225 रुपये का जुर्माना वसूला गया। चांदपुर के सिविल जज जूनियर डिविजन द्वारा 47 वादों का निस्तारण कर 25 हजार 105 रुपये का जुर्माना वसूला गया। जिलेभर की राजस्व न्यायालयों द्वारा 5530 वादों का निस्तारण लोक अदालत में किया गया। बैंकों के प्री लिटिगेशन के 320 मामलों का निस्तारण किया गया व बैंकों द्वारा 70 लाख 17 हजार 500 रुपये की ऋणराशि का समझौता किया गया। एसबीआई के शिविर में 105 केसों का निस्तारण कर एक करोड़ छह लाख रुपये का ऋण समझौता किया गया। शिविर में आरएम ऋषिपाल सिंह, बालमुकुंद वर्मा, महेश, बलदेव सिंह, निशिकांत आर्य आदि मौजूद रहे।
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