{"_id":"5b8ed54b867a55486d1635ad","slug":"61536087371-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव वाले ने नहीं भेजे बच्चे स्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव वाले ने नहीं भेजे बच्चे स्कूल
Updated Wed, 05 Sep 2018 12:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बच्चों को नहीं भेजा स्कूल
हल्दौर। गांव कुम्हारपुरा के आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार को अपने बच्चों को स्कूल नहीं जाने दिया। गांववालों ने एलान किया कि जब तक उनके घरों पर शैचालय नहीं बनेंगे , वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। इतना कुछ होने के बाद भी कोई अफसर गांव वालों की सुध लेने नहीं पहुंचा।
सरकार की योजना स्वच्छ भारत मिशन ओडीएफ के अंतर्गत जिले भर में गांव-गांव घरों में नि:शुल्क शौचालय बनाए गए हैं। ताकि ग्रामीण खुले में शौच को जाए और स्वच्छता बनी रहे। गांव कुम्हारपुरा में अपने घर पर शौचालय नहीं होने से खुले में शौच को जंगल गई एक गर्भवती दलित महिला ज्योति पत्नी ह्रदेश का जंगल में पैर फिसलकर गिरकर उसे जंगल में ही डिलीवरी हो गई। महिला के नवजात शिशु की मौत से ओडीएफ की पोल खुलकर सामने आ गई । इस घटना से अफसरों के भरी हाथ पांच फूले रहे। ग्रामीणों के अनुसार कई लोग ऐसे है जिनकें घरों पर शौचालय नहीं बनवाए गए है। ग्रामीणों को मजबूर होकर खुले में शौच जाने को मजबूर है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान राजबाला देवी पर अपने घरों पर शौचालय न बनवाने का आरोप लगाया। मंगलवार को घर पर शौचालय नही बनने से नाराज गुड्डू सिंह, परवेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, भूपेंद्र सिंह, जंगवहादुर सिंह, विपिन कुमार, जोगेंद्र सिंह समेत तमाम ग्रामीणों ने अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। गांव के स्कूलों में बच्चे नहीं पहुंचे । स्कूल बच्चों के बिना खाली नजर आ रहे थे। गांव के प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में 58 बच्चों में मंगलवार को 22 बच्चे ही आए। स्कूल की हेड मास्टर सीमा देवी ने बच्चे कम आने की पुष्टि की है। प्राथमिक विद्यालय प्रथम में 20 बच्चे कम पहुंचे।
विज्ञापन
हल्दौर। गांव कुम्हारपुरा के आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार को अपने बच्चों को स्कूल नहीं जाने दिया। गांववालों ने एलान किया कि जब तक उनके घरों पर शैचालय नहीं बनेंगे , वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। इतना कुछ होने के बाद भी कोई अफसर गांव वालों की सुध लेने नहीं पहुंचा।
सरकार की योजना स्वच्छ भारत मिशन ओडीएफ के अंतर्गत जिले भर में गांव-गांव घरों में नि:शुल्क शौचालय बनाए गए हैं। ताकि ग्रामीण खुले में शौच को जाए और स्वच्छता बनी रहे। गांव कुम्हारपुरा में अपने घर पर शौचालय नहीं होने से खुले में शौच को जंगल गई एक गर्भवती दलित महिला ज्योति पत्नी ह्रदेश का जंगल में पैर फिसलकर गिरकर उसे जंगल में ही डिलीवरी हो गई। महिला के नवजात शिशु की मौत से ओडीएफ की पोल खुलकर सामने आ गई । इस घटना से अफसरों के भरी हाथ पांच फूले रहे। ग्रामीणों के अनुसार कई लोग ऐसे है जिनकें घरों पर शौचालय नहीं बनवाए गए है। ग्रामीणों को मजबूर होकर खुले में शौच जाने को मजबूर है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान राजबाला देवी पर अपने घरों पर शौचालय न बनवाने का आरोप लगाया। मंगलवार को घर पर शौचालय नही बनने से नाराज गुड्डू सिंह, परवेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, भूपेंद्र सिंह, जंगवहादुर सिंह, विपिन कुमार, जोगेंद्र सिंह समेत तमाम ग्रामीणों ने अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। गांव के स्कूलों में बच्चे नहीं पहुंचे । स्कूल बच्चों के बिना खाली नजर आ रहे थे। गांव के प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में 58 बच्चों में मंगलवार को 22 बच्चे ही आए। स्कूल की हेड मास्टर सीमा देवी ने बच्चे कम आने की पुष्टि की है। प्राथमिक विद्यालय प्रथम में 20 बच्चे कम पहुंचे।
विज्ञापन