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बांसली ग्राम प्रधान के खिलाफ साबित नहीं हो सका अविश्वास..
Updated Sun, 01 Jul 2018 12:32 AM IST
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गजरौला/रजबपुर। ग्राम पंचायत बांसली में प्रधान के खिलाफ अविश्वास साबित ही नहीं हो सका। खुली बैठक में विपक्षी खेमे में मात्र 108 लोग ही रह गए। जबकि 386 वोटर का होना जरूरी था। इस कारण विपक्षी गुट द्वारा ग्राम प्रधान को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव सफल नहीं हो सका।
शनिवार को बांसली पंचायत के जूनियर हाईस्कूल में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर खुली बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें नामित समिति से एडीओ रामचंद्र सिंह, एडीओ हसनपुर और गजरौला ब्लॉक के कर्मचारियों ने प्रक्रिया प्रक्रिया पूरी कराई। गौरतलब है कि पिछले दिनों ने प्रधान के विपक्षी गुट ने अविश्वास प्रस्ताव के लिए अधिकारियों को ज्ञापन दिया था। इस नोटिस पर 433 लोगों ने हस्ताक्षर कर ग्राम प्रधान के खिलाफ अविश्वास जताया। ग्राम प्रधान संगीता देवी को हटाने की मांग उठाई थी। जिस पर प्रशासन ने कमेटी गठित करते हुए शनिवार को खुली बैठक कराई। बैठक में अविश्वास वाले लोगों का सत्यापन किया गया तो 33 हस्ताक्षर फर्जी पाए गए। वहीं बाकी बचे 4 सौ लोगों में से केवल 108 ने ही ग्राम प्रधान पर अविश्वास जताया। ग्राम पंचायत में कुल 766 मतदाता हैं। ऐसे में प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए 386 मतदाताओं का होना जरूरी था। इस कारण प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। इस दौरान पुलिस बल मौजूद रही।
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शनिवार को बांसली पंचायत के जूनियर हाईस्कूल में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर खुली बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें नामित समिति से एडीओ रामचंद्र सिंह, एडीओ हसनपुर और गजरौला ब्लॉक के कर्मचारियों ने प्रक्रिया प्रक्रिया पूरी कराई। गौरतलब है कि पिछले दिनों ने प्रधान के विपक्षी गुट ने अविश्वास प्रस्ताव के लिए अधिकारियों को ज्ञापन दिया था। इस नोटिस पर 433 लोगों ने हस्ताक्षर कर ग्राम प्रधान के खिलाफ अविश्वास जताया। ग्राम प्रधान संगीता देवी को हटाने की मांग उठाई थी। जिस पर प्रशासन ने कमेटी गठित करते हुए शनिवार को खुली बैठक कराई। बैठक में अविश्वास वाले लोगों का सत्यापन किया गया तो 33 हस्ताक्षर फर्जी पाए गए। वहीं बाकी बचे 4 सौ लोगों में से केवल 108 ने ही ग्राम प्रधान पर अविश्वास जताया। ग्राम पंचायत में कुल 766 मतदाता हैं। ऐसे में प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए 386 मतदाताओं का होना जरूरी था। इस कारण प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। इस दौरान पुलिस बल मौजूद रही।
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