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साक्षात्कार के विरोध में कस्तूरबा स्टाफ का प्रदर्शन
Updated Sat, 21 Apr 2018 12:24 AM IST
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बिजनौर। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की शिक्षिकाओं एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने नवीनीकरण के लिए साक्षात्कार का विरोध किया। इसके लेकर काफी देर तक विकास भवन में हंगामा होता रहा।
जिले के 14 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में शिक्षिकाएं एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी मानदेय पर तैनात हैं। कई साल से यह स्कूल चल रहे हैं। प्रत्येक वर्ष अप्रैल के महीने में शिक्षिकाओं एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का नवीनीकरण किया जाता है। बीएसए महेश चंद ने कस्तूरबा के स्टाफ को नवीनीकरण लिए शुक्रवार को दोपहर 3.30 बजे विकास भवन पर बुलाया था। शिक्षिका संजू, प्रभा, कल्पना, सुषमा, राजरानी, सपना, रमन, अंजू गुप्ता, अर्चना गुप्ता, शालिनी शर्मा शिक्षिकाएं एवं शिक्षेत्तर कर्मचारी विकास भवन पर एकत्रित हुए। सभी हाथ की बांह पर काली बांध कर नवीनीकरण के लिए साक्षात्कार का विरोध कर प्रदर्शन किया और धरना देकर बैठ गए।
उनका कहना था कि जिले में पिछले 13 साल से कस्तूरबा गांधी स्कूल चल रहे हैं। लेकिन नवीनीकरण के लिए कभी भी साक्षात्कार नहीं हुआ है। परियोजना से आए निर्देशों में एक वार्षिक प्रपत्र भरवाया जाता रहा है। बीएसए लगातार उनका उत्पीड़न कर रहे हैं। किसी भी सूरत में वह साक्षात्कार नहीं देंगे। जरूरत पड़ी तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। बीएसए की ओर से बुलाए गए साक्षात्कार का विरोध किया और शिक्षिका एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी लाख कोशिश के बाद भी साक्षात्कार के लिए राजी नहीं हुए।
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परियोजना के निर्देशों का होगा पालन : सीडीओ
बिजनौर। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की शिक्षिकाओं एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के साक्षात्कार का विरोध करने पर बीएसए भी बैकफुट पर आ गए। शिक्षा विभाग के अफसरों का उम्मीद थी कि दबाव के चलते कस्तूरबा स्कूलों का स्टाफ साक्षात्कार देगा। साक्षात्कार के बहाने शिक्षकों से अवैध वसूली भी होने की आशंका जताई जा रही थी तथा कई शिक्षकों को हटाने की कार्रवाई भी हो सकती थी। पर शिक्षकों व कर्मचारियों के विरोध के चलते साक्षात्कार नहीं हो सका। उधर, सीडीओ डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि परियोजना के निर्देशों का स्कूलों में पालन कराया जाएगा। नवीनीकरण भी परियोजना के आदेश के अनुसार ही होगा।
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जिले के 14 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में शिक्षिकाएं एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी मानदेय पर तैनात हैं। कई साल से यह स्कूल चल रहे हैं। प्रत्येक वर्ष अप्रैल के महीने में शिक्षिकाओं एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का नवीनीकरण किया जाता है। बीएसए महेश चंद ने कस्तूरबा के स्टाफ को नवीनीकरण लिए शुक्रवार को दोपहर 3.30 बजे विकास भवन पर बुलाया था। शिक्षिका संजू, प्रभा, कल्पना, सुषमा, राजरानी, सपना, रमन, अंजू गुप्ता, अर्चना गुप्ता, शालिनी शर्मा शिक्षिकाएं एवं शिक्षेत्तर कर्मचारी विकास भवन पर एकत्रित हुए। सभी हाथ की बांह पर काली बांध कर नवीनीकरण के लिए साक्षात्कार का विरोध कर प्रदर्शन किया और धरना देकर बैठ गए।
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उनका कहना था कि जिले में पिछले 13 साल से कस्तूरबा गांधी स्कूल चल रहे हैं। लेकिन नवीनीकरण के लिए कभी भी साक्षात्कार नहीं हुआ है। परियोजना से आए निर्देशों में एक वार्षिक प्रपत्र भरवाया जाता रहा है। बीएसए लगातार उनका उत्पीड़न कर रहे हैं। किसी भी सूरत में वह साक्षात्कार नहीं देंगे। जरूरत पड़ी तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। बीएसए की ओर से बुलाए गए साक्षात्कार का विरोध किया और शिक्षिका एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी लाख कोशिश के बाद भी साक्षात्कार के लिए राजी नहीं हुए।
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परियोजना के निर्देशों का होगा पालन : सीडीओ
बिजनौर। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की शिक्षिकाओं एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के साक्षात्कार का विरोध करने पर बीएसए भी बैकफुट पर आ गए। शिक्षा विभाग के अफसरों का उम्मीद थी कि दबाव के चलते कस्तूरबा स्कूलों का स्टाफ साक्षात्कार देगा। साक्षात्कार के बहाने शिक्षकों से अवैध वसूली भी होने की आशंका जताई जा रही थी तथा कई शिक्षकों को हटाने की कार्रवाई भी हो सकती थी। पर शिक्षकों व कर्मचारियों के विरोध के चलते साक्षात्कार नहीं हो सका। उधर, सीडीओ डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि परियोजना के निर्देशों का स्कूलों में पालन कराया जाएगा। नवीनीकरण भी परियोजना के आदेश के अनुसार ही होगा।