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माध्यमिक विद्मालयों के 60 हजार छात्र छात्राएं आनलाइन पढाई से जुडे

Tue, 05 May 2020 10:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 05 May 2020 10:33 PM IST
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60 thousand students of secondary schools connected to online education
माध्यमिक विद्यालयों के 60 हजार छात्र-छात्राएं आनलाइन पढ़ाई से जुड़े
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बिजनौर। जिले में यूपी बोर्ड विद्यालयों के करीब 60 हजार छात्र-छात्राएं ऑनलाइन पढ़ाई से जुड़ गए हैं। शासन की टीवी से शुरू की गई ऑनलाइन पढ़ाई ने इंटरनेट प्रॉब्लम से जूझ रहे छात्र-छात्राएं को बड़ी राहत दी है। प्रशासन ने ऑनलाइन पढ़ाई आखिरी छात्र तक पहुंचाने के लिए टीवी प्रसारण का क्षेत्र बढ़ाने का सुझाव प्रमुख सचिव के समक्ष रखा है। लॉकडाउन में यूपी बोर्ड के छात्र-छात्राओं की 20 अप्रैल से ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है। जिले के 387 माध्यमिक विद्यालयों के पचपन हजार से अधिक छात्र-छात्राएं ऑनलाइन पढ़ाई में शामिल हो गए थे। अनेक छात्रों के पास एंड्रॉयड फोन नहीं होने तथा दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में मोबाइल इंटरनेट प्रॉब्लम होने से अनेक छात्र ऑनलाइन पढ़ाई से नहीं जुड़े थे। इसके बाद शासन ने टीवी से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की है। इसका प्रसारण प्रतिदिन सुबह 11 बजे से एक बजे से तथा शाम को साढे चार बजे से साढे छह बजे तक है। डीआईओएस प्रतिनिधि निशांत यादव ने बताया कि टीवी से ऑनलाइन पढ़ाई का फायदा नेट प्रॉब्लम क्षेत्र के छात्रों को मिला है। बताया कि तीन दिन में करीब पांच हजार छात्र-छात्राएं टीवी पढ़ाई से जुड़े हैं। एंड्रॉयड फोन रखने वाले छात्र ऑनलाइन पढ़ाई का दोहरा लाभ ले रहे हैं। प्रथम चरण में कक्षा 10 तथा 12 का हिंदी, अंग्रेजी विषय की पढ़ाई चल रही है। टाइम टेबल के अनुसार अन्य विषय की पढ़ाई होगी।
मूल्यांकन के लिए परीक्षकों को कॉपियां घर देने की मांग
बिजनौर। माध्यमिक शिक्षक संघ ने आनलाइन बैठक करके हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट की कापियों का मूल्यांकन जल्द कराकर छात्रों का रिजल्ट घोषित करने की मांग की हैं। जिलाध्यक्ष विनेश त्यागी, उपाध्यक्ष आसिफ गयूर तथा महामंत्री विनोद कुमार ने बताया कि जिला रेड जोन में है। मूल्यांकन हटाना उचित है। संघ ने लॉकडाउन को देखते हुए कापी परीक्षकों को घरों पर जांचने के लिए दिए जाने की मांग की है। इस मामले में प्रांतीय अध्यक्ष ओपी शर्मा ने शिक्षामंत्री को ज्ञापन दिया है। संघ ने शिक्षामंत्री पर शिक्षकों के हितों को अनदेखा करने का आरोप लगाया है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जान है तो जहान है, पर अमल करने की नसीहत दी है।
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मूल्यांकन पर रोक सही कदम
धामपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री विनोद कुमार ने बताया कि सोमवार को शिक्षक संघ ऑनलाइन बैठक हुई जिसमें जिलामंत्री व शिक्षकों ने कहा कि यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के बाद से ही मूल्यांकन कराने के लिए शिक्षकों पर जोर दे रहे हैं। हालांकि रेड जोन क्षेत्र में सरकार की ओर से मूल्यांकन प्रक्रिया को रोक दिया गया है, जो सही कदम है। जिला मंत्री ने शिक्षकों से इसी तरह से एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया है।
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आज से ठीक होगा गलत अपलोड शैक्षिक डाटा
धामपुर। बीईओ योगेशपाल ने कहा कि पता नहीं बीआरसी स्तर से मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों के शैक्षिक डाटा में गलतियों को कैसे अपलोड कर दिया गया है। यह घोर लापरवाही है। शिक्षकों, शिक्षामित्रों की ओर से अवगत कराया गया है कि कुछ की जन्मतिथि गलत है। किसी की ज्वाइनिंग तिथि को गलत अपडेट कर रखा है। कोई शिक्षक है तो उसे शिक्षामित्र। ऐसी कई गलतियां हैं। यह सब फीडिंग उनके कार्यकाल से पहले की है। इन गलतियों को सरकार के आदेश पर बीएसए बिजनौर के निर्देश पर बुधवार को संशोधित कराने का प्रयास होगा। इसके लिए उनके स्तर से बीआरसी बाबुओं को कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।

ऑनलाइन शिक्षा को औचित्यहीन बताया
नजीबाबाद। भाजपा नेता मास्टर रमेश सिंह ने ऑनलाइन शिक्षण कार्य को प्राइमरी से जूनियर तक विद्यार्थियों के लिए औचित्यहीन बताया। उन्होंने ऑन लाइन शिक्षा को फीस वसूली की औपचारिकता बताया। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते शिक्षण संस्थाओं द्वारा ऑन लाइन शिक्षा व्यवस्था को भाजपा नेता मास्टर रमेश सिंह और साहनपुर निवासी मनोज राजपूत ने औचित्यहीन शिक्षण संस्थाओं द्वारा शिक्षा की औपचारिकता कर फीस वसूली का माध्यम बताया। भाजपा नेता मास्टर रमेश सिंह ने कहा कि ऑन लाइन शिक्षा के माध्यम से जूनियर हाई स्कूल तक के विद्यार्थियों की मोबाइल द्वारा शिक्षा ग्रहण करने का उनकी आखों पर प्रभाव के साथ विद्यार्थियों और अभिभावकों का तनाव बढ़ेगा। मास्टर रमेश सिंह ने प्रशासन से छोटे विद्यार्थियों की ऑन लाइन शिक्षा तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग की है।
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