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रक्षाबंधन का त्योहार शुभ मुहूर्त सुबह 05:59
Updated Sat, 25 Aug 2018 12:53 AM IST
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उत्साह और स्वाभिमान बढ़ाएगा रक्षाबंधन का त्योहार
बिजनौर। इस बार रक्षाबंधन का त्योहार उत्साह और उमंग पैदा करने वाला रहेगा। हर साल की तरह इस वर्ष भद्रा नक्षत्र की छाया भाई-बहनों स्नेह पर नहीं पड़ेगी। करीब 15 साल के बाद ऐसा संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों ने इसकी पुष्टि की है। रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त सुबह 05:59 बजे से शाम 04:29 बजे तक रहेगा। शाम 04:30 बजे से लेकर छह बजे तक मनाही की है। इस समय पर राहु काल रहेगा और राहु काल में रक्षासूत्र बांधना या कोई शुभ कार्य वर्जित माना जाता है।
इस बार रक्षा बंधन का त्योहार 26 अगस्त को है। भविष्य पुराण के अनुसार जब देव और दानवों में युद्ध शुरू हुआ तब दानव हावी होते नजर आने लगे। इस पर भगवान इंद्र घबराकर देव गुरु बृहस्पति के पास गए। इंद्र की पत्नी इंद्राणी यह सब बातें सुन रही थीं। उन्होंने एक रेशम का धागा मंत्रों की शक्ति से पवित्र करके अपने पति के हाथ पर बांध दिया। मान्यता है कि इंद्र इस लड़ाई में इसी धागे की शक्ति से विजयी हुए थे। संयोग से वह श्रावण मास की पूर्णिमा का दिन था। पंडित ललित शर्मा ने बताया कि करीब 15 साल बाद श्रावण मास की पूर्णिमा पर राजयोग बन रहा है, जो बहन-भाइयों के लिए शुभ रहेगा।
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बिजनौर। इस बार रक्षाबंधन का त्योहार उत्साह और उमंग पैदा करने वाला रहेगा। हर साल की तरह इस वर्ष भद्रा नक्षत्र की छाया भाई-बहनों स्नेह पर नहीं पड़ेगी। करीब 15 साल के बाद ऐसा संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों ने इसकी पुष्टि की है। रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त सुबह 05:59 बजे से शाम 04:29 बजे तक रहेगा। शाम 04:30 बजे से लेकर छह बजे तक मनाही की है। इस समय पर राहु काल रहेगा और राहु काल में रक्षासूत्र बांधना या कोई शुभ कार्य वर्जित माना जाता है।
इस बार रक्षा बंधन का त्योहार 26 अगस्त को है। भविष्य पुराण के अनुसार जब देव और दानवों में युद्ध शुरू हुआ तब दानव हावी होते नजर आने लगे। इस पर भगवान इंद्र घबराकर देव गुरु बृहस्पति के पास गए। इंद्र की पत्नी इंद्राणी यह सब बातें सुन रही थीं। उन्होंने एक रेशम का धागा मंत्रों की शक्ति से पवित्र करके अपने पति के हाथ पर बांध दिया। मान्यता है कि इंद्र इस लड़ाई में इसी धागे की शक्ति से विजयी हुए थे। संयोग से वह श्रावण मास की पूर्णिमा का दिन था। पंडित ललित शर्मा ने बताया कि करीब 15 साल बाद श्रावण मास की पूर्णिमा पर राजयोग बन रहा है, जो बहन-भाइयों के लिए शुभ रहेगा।
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