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कुपोषण से लड़ाई में उतरेगा सरकारी अमला

Sun, 24 Jun 2018 12:45 AM IST
Updated Sun, 24 Jun 2018 12:45 AM IST
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कुपोषण से लड़ाई में उतरेगा सरकारी अमला
बिजनौर। बच्चों से कुपोषण और बौनेपन को खत्म करने के लिए जिले में अभियान चलेगा। सभी विभागों के अधिकारी बच्चों से कुपोषण व बौनापन दूर करने के लिए अपने सुझाव देंगे। आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाकर ये सुझाव विशेषकर महिलाओं को दिए जाएंगे। इसके लिए केंद्र सरकार ने पोषण अभियान की शुरूआत की है।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में पांच साल तक के तीन लाख 44 हजार 490 बच्चे हैं। इनमें से 13 हजार 961 बच्चे अतिकुपोषित तथा 45 हजार 789 बच्चे कुपोषित हैं। कुल 59750 बच्चे कुपोषित हैं। कुपोषण के साथ साथ ये बच्चे बौनेपन का भी शिकार हैं। केंद्र सरकार ने कुपोषण और बौनेपन की दूर करने के लिए पोषण अभियान शुरू किया गया है। पहले महिला बाल विकास एवं पोषाहार विभाग को ही कुपोषण के खात्मे के लिए लगाया गया था। मगर, अब सभी विभाग इस अभियान से जुड़ेंगे। अभियान के तहत सभी विभागों के कर्मचारी कुपोषण खत्म करने के लिए सुझाव देंगे। ये सुझाव केवल मीटिंग तक ही सीमित नहीं रहेंगे। इन्हें धरातल पर भी उतारा जाएगा। विभागों के अधिकारी गांवों में जाकर प्रधानों और अन्य जनप्रतिनिधियों से भी इन सुझावों को साझा करेंगे।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव के अनुसार पहले माना जाता था कि गरीब परिवारों के बच्चे ही कुपोषित होते हैं, लेकिन अब अमीर घरों के बच्चों में भी इसके लक्षण देखने को मिल रहा है। साथ ही केवल वजन का आयु के अनुपात में कम होना ही कुपोषण नहीं बल्कि वजन का अधिक होना भी कुपोषण है। कहना है कि कुपोषण को जागरूकता से खत्म किया जा सकता है। सभी अपने बच्चों को पोषक युक्त भोजन दें।
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