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ढबारसी में डटे रहे डाक्टर, बंदरों का चल रहा इलाज
Updated Wed, 04 Apr 2018 02:00 AM IST
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अमरोहा। ढबारसी में सोमवार को भी डाक्टरों की डटी रही। इन्होंने बीमार बंदरों का इलाज जारी रखा। खैर मंगलवार को किसी बंदर की मौत नहीं हुई है। जिसके चलते डाक्टरों की टीम और वन विभाग ने राहत की सांस ली।
मंगलवार का दिन बंदरों के लिए राहत भरा रहा। फिलहाल दर्जनों बंदर अभी भी बीमार चल रहे हैं। जिनके इलाज के लिए पशु चिकित्सकों की टीम गांव में डटी हुई है। बंदरों को केले में दवाइयां रख कर दी जा रही है। वहीं ग्लूकोज देने के लिए टब भरकर रखे गए हैं। जिससे बंदरों ही हालत में सुधार हो सके। गौरतलब है कि पिछले 13 दिनों से ढबारसी में लगातार बंदरों की मौत हो रही थी। बंदर की विसरा जांच रिपोर्ट में जहर देने की पुष्टि हो चुकी है। फिलहाल वन विभाग ने वाइल्ड लाइफ एक्ट में मामला दर्ज कर किया है।
मामला दर्ज करते हुए बाकायदा तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। सोमवार को एक नमकीन विक्रेता से पुलिस ने पूछताछ की थी लेकिन, कुछ हासिल नहीं हो सका। इसके अलावा पिछले कई दिनों से स्वास्थ्य विभाग की टीम भी गांव में मौजूद थी। मंगलवार को डाक्टरों की टीम ने बंदरों का उपचार किया। सीवीओ डा. ब्रजवीर सिह ने बताया कि बंदरों का इलाज चल रहा है। इनकी हालत में लगातार सुधार देखा जा रहा है।
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पानी और नमकीन की रिपोर्ट आना बाकी
अमरोहा। आईवीआरआई बरेली की टीम ढबारसी पहुंची थी। जिसने बंदरों की हालत का जायजा लिया। टीम ने गांव की नालियों में बह रहे पानी का नमूना लिया था। वहीं आसपास बिखरे पड़े नमकीन का नमूना भी लिया। नमूने लेकर टीम बरेली चली गई। अब इसकी जांच रिपोर्ट आना बाकी रह गया है। रिपोर्ट आते ही साफ हो जाएगा कि बंदरों को जहर किस तरह से दिया गया है।
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मंगलवार का दिन बंदरों के लिए राहत भरा रहा। फिलहाल दर्जनों बंदर अभी भी बीमार चल रहे हैं। जिनके इलाज के लिए पशु चिकित्सकों की टीम गांव में डटी हुई है। बंदरों को केले में दवाइयां रख कर दी जा रही है। वहीं ग्लूकोज देने के लिए टब भरकर रखे गए हैं। जिससे बंदरों ही हालत में सुधार हो सके। गौरतलब है कि पिछले 13 दिनों से ढबारसी में लगातार बंदरों की मौत हो रही थी। बंदर की विसरा जांच रिपोर्ट में जहर देने की पुष्टि हो चुकी है। फिलहाल वन विभाग ने वाइल्ड लाइफ एक्ट में मामला दर्ज कर किया है।
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मामला दर्ज करते हुए बाकायदा तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। सोमवार को एक नमकीन विक्रेता से पुलिस ने पूछताछ की थी लेकिन, कुछ हासिल नहीं हो सका। इसके अलावा पिछले कई दिनों से स्वास्थ्य विभाग की टीम भी गांव में मौजूद थी। मंगलवार को डाक्टरों की टीम ने बंदरों का उपचार किया। सीवीओ डा. ब्रजवीर सिह ने बताया कि बंदरों का इलाज चल रहा है। इनकी हालत में लगातार सुधार देखा जा रहा है।
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पानी और नमकीन की रिपोर्ट आना बाकी
अमरोहा। आईवीआरआई बरेली की टीम ढबारसी पहुंची थी। जिसने बंदरों की हालत का जायजा लिया। टीम ने गांव की नालियों में बह रहे पानी का नमूना लिया था। वहीं आसपास बिखरे पड़े नमकीन का नमूना भी लिया। नमूने लेकर टीम बरेली चली गई। अब इसकी जांच रिपोर्ट आना बाकी रह गया है। रिपोर्ट आते ही साफ हो जाएगा कि बंदरों को जहर किस तरह से दिया गया है।