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भाकियू कार्यकर्ताओं ने समस्याओं के स्थाई निदान की मांग को लेकर एसडीएम कार्यालय के बाहर पशुओं के साथ जमाया डेरा

Mon, 04 Dec 2017 11:58 PM IST
Updated Mon, 04 Dec 2017 11:58 PM IST
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भाकियू कार्यकर्ताओं ने समस्याओं के स्थाई निदान की मांग को लेकर एसडीएम कार्यालय के बाहर पशुओं के साथ जमाया डेरा
धामपुर। भाकियू अफजलगढ़ इकाई के किसानों ने सोमवार को अपने पशुओं और चौका-चूल्हों के साथ एसडीएम के कार्यालय के बाहर डेरा जमा लिया है। धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का निदान नहीं होता है तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान धरने में बैठे एक बुजुर्ग किसान की तबीयत बिगड़ जाने से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया है। उधर, भाकियू के डेरा जमा लेने के बाद तहसील स्तर के अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए हैं। किसानों ने पांच दिसंबर को डीएम कार्यालय पर धरना देने का निर्णय लिया है।
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अफजलगढ़ ब्लॉक के भाकियू अध्यक्ष दर्शन सिंह फौजी, जिला उपाध्यक्ष सरदार मलकीत सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर ट्राली में पशुओं को लादकर दोपहर बाद एसडीएम कार्यालय पर पहुंचे और कार्यालय के बाहर डेरा जमा कर धरने पर बैठ गए। तहसील अध्यक्ष देवराज सिंह और महासचिव हरिराज सिंह जाट के नेतृत्व में किसानों का धरना शुरू हो गया। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का पूरी तरह से निदान नहीं होता है, आंदोलन जारी रहेगा। किसानों का कहना है कि उनके द्वारा 13 सूत्री मांग पत्र निदान के लिए प्रशासन को पहले ही सौंपा जा चुुका है, पर निदान के लिए प्रशासन की ओर से अभी तक कुछ नहीं किया जा सका है, जिससे उनमें असंतोष है। किसानों का आरोप है कि वन विभाग गांव रानी नांगल के खेतीहर किसानों को बेदखली के नोटिस जारी कर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। वन्य जीवों द्वारा फसलों की बर्बाद की क्षतिपूर्ति मांग के बावजूद भी नहीं की जा रही है। अमानगढ़ वन रेंज का कार्यक्षेत्र रामगंगा नदी तक कराने, रसूलपुर आबाद के किसानों को उजाड़ने से पहले उन्हें पुनर्वास करने, केहरीपुर वन चौकी पर रेंजर के बैठने का समय निर्धारित होने, गन्ना कोल्हू के संचालन में व्यवधान पैदा न करने, पराली जलाने के नाम पर किसानों का शोषण न करने, भूमाफिया के नाम पर किसानों को शोषण से मुक्त करने, बिजली की बढ़ी दरों को खत्म करने सहित कई मांगे शामिल हैं। धरने पर बैठे नेता रघुवीर सिंह जाट की ठंड लगने से अचानक तबीयत खराब हो गई, उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। धरने पर बैठने वालों में भूपेंद्र सिंह, बलजीत सिंह, विजेंद्र सिंह, रामकुमार, धर्मसिंह, विरसा सिंह, राजेंद्र सिंह, चेतन सिंह, प्रेम सिंह, फूल सिंह, कृपाल सिंह, पप्पू सिंह, हरकेश सिंह, गुलजार सिंह रहे।
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