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जिला पंचायत की कुर्सी की जंग में दो खेमों में बंटी भाजपा हगामा 5
Updated Sun, 13 Aug 2017 12:56 AM IST
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बिजनौर। जिला पंचायत की कुर्सी को लेकर छिड़ी सियासी जंग में भाजपा दो खेमों में बंट गई है। भाजपा सांसद व विधायक अलग-अलग खेमों में बंट गए हैं। भाजपा सांसद भारतेंद्र सिंह खुलकर साकेंद्र चौधरी के साथ खड़े हैं तो नूरपुर के विधायक लोकेंद्र चौहान जिला पंचायत अध्यक्ष उदयन वीरा का साथ दे रहे हैं। भाजपा के कई और विधायक भी गुपचुप तरीके से उदयन वीरा का साथ दे रहे हैं। जिला पंचायत की जंग में भाजपा के अंदर रार बढ़ती जा रही है।
जिला पंचायत अध्यक्ष उदयन वीरा के खिलाफ अविश्वास को लेकर छिड़ी सियासी जंग अब सड़कों पर आ गई है। इस जंग में भाजपा नेता दो खेमों में बंटकर आमने-सामने आ गए हैं। सांसद भारतेंद्र सिंह शुरू से ही साकेेंद्र चौधरी का साथ दे रहे हैं। कलक्ट्रेट में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर दिए गए धरने में बिजनौर के सांसद के अलावा नगीना के सांसद डा.यशवंत सिंह भी धरने पर बैठे थे। भारतेंद्र सिंह खुलकर साकेंद्र चौधरी के साथ खड़े हैं, तो दूसरे खेमे की कमान नूरपुर विधायक लोकेंद्र चौहान ने संभाल रखी है। लोकेंद्र चौहान पूर्व विधायक रुचि वीरा के साथ खड़े हैं। रुचि वीरा के पति उदयन वीरा जिला पंचायत के अध्यक्ष हैं। डाक बंगले में विधायक लोकेंद्र चौहान के साथ हुई रार भी साकेंद्र पक्ष के तीन जिला पंचायत सदस्यों को उठाने को लेकर हुई थी। शुक्रवार को निपेंद्र राठी के पिता जसवंत सिंह की मौत के बाद मचे हंगामे में भाजपा के नेता एक-दूसरे के खिलाफ खुलकर सामने आ गए हैं। बिजनौर कोतवाली में शुक्रवार रात चल रहे हंगामे के दौरान धामपुर के भाजपा विधायक अशोक राणा भी शामिल रहे। लोकेंद्र चौहान सपा सरकार के दौरान से ही पूर्व विधायक रुचि वीरा के साथ खड़े होकर उनके पति जिला पंचायत अध्यक्ष उदयन वीरा का समर्थन करते आए हैं। लोकेंद्र चौहान के अलावा बिजनौर की विधायक सुचि चौधरी व कई और विधायक भी उदयन वीरा का इस लड़ाई में साथ दे रहे हैं। सुचि चौधरी के पति ऐश्वर्य चौधरी पेद्दा कांड में जेल में बंद हैं। चर्चा है कि अपने पति को जेल से बाहर लाने के लिए सुचि चौधरी पूर्व विधायक रुचि वीरा के साथ खड़ी है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष उदयन वीरा के खिलाफ अविश्वास को लेकर छिड़ी सियासी जंग अब सड़कों पर आ गई है। इस जंग में भाजपा नेता दो खेमों में बंटकर आमने-सामने आ गए हैं। सांसद भारतेंद्र सिंह शुरू से ही साकेेंद्र चौधरी का साथ दे रहे हैं। कलक्ट्रेट में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर दिए गए धरने में बिजनौर के सांसद के अलावा नगीना के सांसद डा.यशवंत सिंह भी धरने पर बैठे थे। भारतेंद्र सिंह खुलकर साकेंद्र चौधरी के साथ खड़े हैं, तो दूसरे खेमे की कमान नूरपुर विधायक लोकेंद्र चौहान ने संभाल रखी है। लोकेंद्र चौहान पूर्व विधायक रुचि वीरा के साथ खड़े हैं। रुचि वीरा के पति उदयन वीरा जिला पंचायत के अध्यक्ष हैं। डाक बंगले में विधायक लोकेंद्र चौहान के साथ हुई रार भी साकेंद्र पक्ष के तीन जिला पंचायत सदस्यों को उठाने को लेकर हुई थी। शुक्रवार को निपेंद्र राठी के पिता जसवंत सिंह की मौत के बाद मचे हंगामे में भाजपा के नेता एक-दूसरे के खिलाफ खुलकर सामने आ गए हैं। बिजनौर कोतवाली में शुक्रवार रात चल रहे हंगामे के दौरान धामपुर के भाजपा विधायक अशोक राणा भी शामिल रहे। लोकेंद्र चौहान सपा सरकार के दौरान से ही पूर्व विधायक रुचि वीरा के साथ खड़े होकर उनके पति जिला पंचायत अध्यक्ष उदयन वीरा का समर्थन करते आए हैं। लोकेंद्र चौहान के अलावा बिजनौर की विधायक सुचि चौधरी व कई और विधायक भी उदयन वीरा का इस लड़ाई में साथ दे रहे हैं। सुचि चौधरी के पति ऐश्वर्य चौधरी पेद्दा कांड में जेल में बंद हैं। चर्चा है कि अपने पति को जेल से बाहर लाने के लिए सुचि चौधरी पूर्व विधायक रुचि वीरा के साथ खड़ी है।
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