{"_id":"6255c80807f18c07d2773227","slug":"50-thousand-cheated-by-giving-fake-admit-card-for-admission-in-ms-bijnor-news-mrt584290270","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमएस में दाखिले के लिए फर्जी प्रवेशपत्र देकर 50 हजार ठगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमएस में दाखिले के लिए फर्जी प्रवेशपत्र देकर 50 हजार ठगे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगीना (बिजनौर)। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में मास्टर ऑफ सर्जरी में (एमएस) दाखिले के लिए फर्जी प्रवेशपत्र देकर एमबीबीएस शिवानी के पिता से 50 हजार ही ठगी कर ली गई। कानपुर पहुंचने के बाद डॉक्टर के पिता को ठगी का पता चला। आरोपी ने फर्जी प्रवेश पत्र भी दे दिया था।
नगीना में क्लीनिक चलाने वाले नरेंद्र दास ने बताया कि उसकी पुत्री शिवानी एमबीबीएस कर चुकी है और एमएस में दाखिला चाहती थी। इसके लिए उसने प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया, लेकिन अंक कम रहने के कारण नंबर नहीं आ सका। इसके बाद गाजियाबाद के वैशाली कॉलोनी निवासी आकाश नाम के एक व्यक्ति की उनके पास कॉल आई तथा उसने उनसे उनकी पुत्री का मेडिकल में एडमिशन कराने के लिए एक लाख रुपये की डिमांड रखी। नरेंद्र दास ने रुपये देने के लिए हामी भर दी और कॉल करने वाले आकाश के खाते में एडवांस के रूप में 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। नरेंद्र दास ने बताया कि कॉल करने वाले आकाश ने उन्हें 3 अप्रैल को गाजियाबाद अपने दफ्तर बुलाकर कानपुर के मेडिकल कॉलेज में उनके पुत्री का एडमिशन होने का लेटर थमा दिया। जिसमें 11 या 12 अप्रैल को एडमिशन लेने के लिए पहुंचने की बात लिखी गई थी। नरेंद्र दास ने बताया कि वह अपनी पुत्री को मेडिकल में एडमिशन दिलाने के लिए 11 अप्रैल को कानपुर पहुंच गए। जब उन्होंने वहां के प्रधानाचार्य को एडमिशन लेटर दिखाया तो उन्होंने इसे फर्जी करार दे दिया, जिसके बाद उन्हें ठगे जाने का एहसास हुआ।
कानपुर पहुंचे तो मिले ठगी के शिकार हुए कई लोग
नरेंद्र दास ने बताया कि जब वह कानपुर के मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो वहां उन जैसे कई और लोगों के पास भी फर्जी प्रवेश पत्र थे। उनके साथ भी ठगी हुई थी। पता चला कि सभी से ठगी करने वाला एक ही व्यक्ति था। यह पूछे जाने पर कि उनका गाजियाबाद के इस व्यक्ति से संपर्क कैसे हुआ तो उन्होंने बताया कि उनकी पुत्री ने नीट की परीक्षा से पहले देहरादून में कोचिंग की थी संभवत वहीं से यह नंबर उसे उपलब्ध हुआ होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगीना में क्लीनिक चलाने वाले नरेंद्र दास ने बताया कि उसकी पुत्री शिवानी एमबीबीएस कर चुकी है और एमएस में दाखिला चाहती थी। इसके लिए उसने प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया, लेकिन अंक कम रहने के कारण नंबर नहीं आ सका। इसके बाद गाजियाबाद के वैशाली कॉलोनी निवासी आकाश नाम के एक व्यक्ति की उनके पास कॉल आई तथा उसने उनसे उनकी पुत्री का मेडिकल में एडमिशन कराने के लिए एक लाख रुपये की डिमांड रखी। नरेंद्र दास ने रुपये देने के लिए हामी भर दी और कॉल करने वाले आकाश के खाते में एडवांस के रूप में 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। नरेंद्र दास ने बताया कि कॉल करने वाले आकाश ने उन्हें 3 अप्रैल को गाजियाबाद अपने दफ्तर बुलाकर कानपुर के मेडिकल कॉलेज में उनके पुत्री का एडमिशन होने का लेटर थमा दिया। जिसमें 11 या 12 अप्रैल को एडमिशन लेने के लिए पहुंचने की बात लिखी गई थी। नरेंद्र दास ने बताया कि वह अपनी पुत्री को मेडिकल में एडमिशन दिलाने के लिए 11 अप्रैल को कानपुर पहुंच गए। जब उन्होंने वहां के प्रधानाचार्य को एडमिशन लेटर दिखाया तो उन्होंने इसे फर्जी करार दे दिया, जिसके बाद उन्हें ठगे जाने का एहसास हुआ।
विज्ञापन
कानपुर पहुंचे तो मिले ठगी के शिकार हुए कई लोग
नरेंद्र दास ने बताया कि जब वह कानपुर के मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो वहां उन जैसे कई और लोगों के पास भी फर्जी प्रवेश पत्र थे। उनके साथ भी ठगी हुई थी। पता चला कि सभी से ठगी करने वाला एक ही व्यक्ति था। यह पूछे जाने पर कि उनका गाजियाबाद के इस व्यक्ति से संपर्क कैसे हुआ तो उन्होंने बताया कि उनकी पुत्री ने नीट की परीक्षा से पहले देहरादून में कोचिंग की थी संभवत वहीं से यह नंबर उसे उपलब्ध हुआ होगा।
विज्ञापन