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कालागढ़ के वनों में मिले 449 हाथी
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कालागढ़ के वनों में मिले 449 हाथी
कालागढ़। हाथी गणना में कालागढ़ के वनों ने बाजी मारी है। कालागढ़ के वनों में 449 हाथी गणना में दर्ज किए गए हैं।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों में छह जून से आठ जून के दौरान की गई हाथी गणना के परिणाम आने लगे हैं। अकेले कालागढ़ के वनों में 449 हाथी गणना में दर्ज किए गए हैं। गणना के परिणामों के मिलान का काम चल रहा है। कालागढ़ उपखंड के अंतर्गत कालागढ़ रेंज 233 हाथियों के पाने से सिरमौर बन गई है। कालागढ़ के उपखंड अधिकारी केएस खाती के अनुसार कालागढ़ रेंज में 233, झिरना में 152 एवं ढेला रेंज में 64 हाथी गणना में दर्ज किए गए हैं। इनका विश्लेषण जारी है। रामगंगा नदी की घाटी में पानी की उपलब्धता पर्याप्त होने के कारण भी अधिक हाथी यहां पाए गए हैं। कालागढ़ के रेंज अधिकारी आरके भट्ट के अनुसार इस रेंज में 150 से 200 के बीच में हाथी दिखाई देते रहे हैं। यहां हाथियों का कुनबा बढ़ गया है। अब इनके संरक्षण एवं सुरक्षा भी एक बड़ी चुनौती मिली है। वनों में यह सबसे बड़ा जीव है, जिसके लिए पर्याप्त हरा चारा और पानी यहां मौजूद है।
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कालागढ़। हाथी गणना में कालागढ़ के वनों ने बाजी मारी है। कालागढ़ के वनों में 449 हाथी गणना में दर्ज किए गए हैं।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों में छह जून से आठ जून के दौरान की गई हाथी गणना के परिणाम आने लगे हैं। अकेले कालागढ़ के वनों में 449 हाथी गणना में दर्ज किए गए हैं। गणना के परिणामों के मिलान का काम चल रहा है। कालागढ़ उपखंड के अंतर्गत कालागढ़ रेंज 233 हाथियों के पाने से सिरमौर बन गई है। कालागढ़ के उपखंड अधिकारी केएस खाती के अनुसार कालागढ़ रेंज में 233, झिरना में 152 एवं ढेला रेंज में 64 हाथी गणना में दर्ज किए गए हैं। इनका विश्लेषण जारी है। रामगंगा नदी की घाटी में पानी की उपलब्धता पर्याप्त होने के कारण भी अधिक हाथी यहां पाए गए हैं। कालागढ़ के रेंज अधिकारी आरके भट्ट के अनुसार इस रेंज में 150 से 200 के बीच में हाथी दिखाई देते रहे हैं। यहां हाथियों का कुनबा बढ़ गया है। अब इनके संरक्षण एवं सुरक्षा भी एक बड़ी चुनौती मिली है। वनों में यह सबसे बड़ा जीव है, जिसके लिए पर्याप्त हरा चारा और पानी यहां मौजूद है।