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Bijnor News: जिले में होगा 44 आईपीआरपी का चयन
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जिले में होगा 44 आईपीआरपी का चयन
धामपुर। उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों के समूचे रिकार्ड (लेखाजोखा) को सुव्यवस्थित रखने के लिए ब्लॉक स्तर परे अब जल्द ही आंतरिक प्रोफेशनल रिसोर्स पर्सन (आईपीआरपी) की तैैनाती होगी। जिले के 11 ब्लाकों में 44 पदों पर तैैनाती होनी है। स्वयं सहायता समूहों में शामिल 12 वीं पास महिलाएं ही इस पद के लिए आवेदन कर सकती हैं। नहटौर ब्लॉक में प्रक्रिया शुरू कर दी है। 26 दिसंबर से संबंधित पद के लिए आवेदन मांगे गए हैं।
नहटौर ब्लॉक के प्रभारी खंड विकास अधिकारी ने बताया कि आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने, देश की तरक्की में उनके योगदान को पहले से और बढ़ाने के लिए यूपी और केंद्र सरकार की ओर से बहुआयामी कार्यक्रम संचालित किए जा रहे है। इन सभी कार्यक्रमों में ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यक्रम महत्वपूर्ण स्थान रखता है। नहटौर ब्लाक में करीब 1188 महिलाओं के समूह विभिन्न रोजगारपरक क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक समूह में कम से कम 12 महिलाएं शामिल हैं। अभी हाल में(आईसीआरपी) आंतरिक कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन के सौ पदों पर चयन हुआ है। ठीक उसी प्रकार से आईपीआरपी पद पर चयन होगा। चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर सीडीओ की अध्यक्षता में गठित कमेटी की ओर से किया जाएगा। जिनका चयन हो जाएगा, उनका दस दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण लखनऊ में होगा।
25 कलस्टरों पर होगा एक आईपीआरपी का चयन
प्रभारी बीडीओ ने बताया कि कम से कम तीन सौ महिला समूहों ( कम से कम 25 कलस्टरों ) पर एक आईपीआरपी ( इंटरनल प्रोफेसनल रिसोर्स पर्सन) की तैनाती होगी। मिशन की ओर से प्रति आईपीआरपी को सात हजार रुपये का मासिक मानदेय मिलेगा। अभी आवेदन मांगे जा रहे हैं। परीक्षा तब होगी, जब मिशन निदेशालय से आदेश प्राप्त हो जाएगा।
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दोनों के काम एक-दूसरे से अलग
अधिकारियों ने बताया कि आईसीआरपी का कार्य पंचायतों में जाकर महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के प्रेरित कर समूहों का गठन कराना है, जबकि आईपीआरपी समूहों की सभी महिलाओं के रिकार्ड को पूरा कर अच्छी तरह से सुव्यवस्थित ढंग से रखना है। दोनों के काम एक-दूसरे से अलग हैं।
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धामपुर। उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों के समूचे रिकार्ड (लेखाजोखा) को सुव्यवस्थित रखने के लिए ब्लॉक स्तर परे अब जल्द ही आंतरिक प्रोफेशनल रिसोर्स पर्सन (आईपीआरपी) की तैैनाती होगी। जिले के 11 ब्लाकों में 44 पदों पर तैैनाती होनी है। स्वयं सहायता समूहों में शामिल 12 वीं पास महिलाएं ही इस पद के लिए आवेदन कर सकती हैं। नहटौर ब्लॉक में प्रक्रिया शुरू कर दी है। 26 दिसंबर से संबंधित पद के लिए आवेदन मांगे गए हैं।
नहटौर ब्लॉक के प्रभारी खंड विकास अधिकारी ने बताया कि आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने, देश की तरक्की में उनके योगदान को पहले से और बढ़ाने के लिए यूपी और केंद्र सरकार की ओर से बहुआयामी कार्यक्रम संचालित किए जा रहे है। इन सभी कार्यक्रमों में ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यक्रम महत्वपूर्ण स्थान रखता है। नहटौर ब्लाक में करीब 1188 महिलाओं के समूह विभिन्न रोजगारपरक क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक समूह में कम से कम 12 महिलाएं शामिल हैं। अभी हाल में(आईसीआरपी) आंतरिक कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन के सौ पदों पर चयन हुआ है। ठीक उसी प्रकार से आईपीआरपी पद पर चयन होगा। चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर सीडीओ की अध्यक्षता में गठित कमेटी की ओर से किया जाएगा। जिनका चयन हो जाएगा, उनका दस दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण लखनऊ में होगा।
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25 कलस्टरों पर होगा एक आईपीआरपी का चयन
प्रभारी बीडीओ ने बताया कि कम से कम तीन सौ महिला समूहों ( कम से कम 25 कलस्टरों ) पर एक आईपीआरपी ( इंटरनल प्रोफेसनल रिसोर्स पर्सन) की तैनाती होगी। मिशन की ओर से प्रति आईपीआरपी को सात हजार रुपये का मासिक मानदेय मिलेगा। अभी आवेदन मांगे जा रहे हैं। परीक्षा तब होगी, जब मिशन निदेशालय से आदेश प्राप्त हो जाएगा।
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दोनों के काम एक-दूसरे से अलग
अधिकारियों ने बताया कि आईसीआरपी का कार्य पंचायतों में जाकर महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के प्रेरित कर समूहों का गठन कराना है, जबकि आईपीआरपी समूहों की सभी महिलाओं के रिकार्ड को पूरा कर अच्छी तरह से सुव्यवस्थित ढंग से रखना है। दोनों के काम एक-दूसरे से अलग हैं।