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पाठशाला से हादसे रोकेगा परिवहन विभाग
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पाठशाला से हादसे रोकेगा परिवहन विभाग
विद्यालयों और चौराहों पर पाठशाला लगाकर किया जाएगा जागरूक
बिजनौर। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए परिवहन विभाग विद्यालयों और चौराहों पर पाठशाला का आयोजन करेगा। पाठशाला के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा, जिससे लोग यातायात नियमों का पालन कर ही वाहनों का संचालन कर सकें।
जिले में करीब 50 हजार वाहन एआरटीओ कार्यालय में दर्ज हैं। इनमें करीब 70 प्रतिशत बाइक और 30 प्रतिशत अन्य वाहन हैं। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार हर साल जिले में करीब 550 लोगों की सड़क हादसों में मौत हो जाती हैं। अफसरों की मानें तो लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए पाठशाला का आयोजन किया जाएगा। दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए व लोगों को परिवहन नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए विभाग की ओर से स्कूल-कॉलेजों और मुख्य चौराहों पर पाठशाला आयोजित करेगा। इसमें सिर्फ परिवहन नियम सड़क सुरक्षा पर लोगों का ध्यान केंद्रित करेगा। परिवहन विभाग के अधिकारी जागरूकता कार्यक्रम चलाएंगे। एआरटीओ प्रवर्तन रमेश कुमार चौबे ने बताया कि पाठशाला में लोगों को यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी, जिससे सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके। सरकार की भी यही मंशा है। पाठशाला में सड़क सुरक्षा के नियम बनाए जाएंगे।
सड़क दुर्घटनाओं की मुख्य वजह
1. तेज गति से वाहन चलाना।
2. बिना हेलमेट व सीट बेल्ट के वाहन चलाना।
3. वाहन को मोड़ते समय इंडीगेटर का प्रयोग न करना।
4. तिराहों पर चौराहों पर लगी संकेतक लाइटों पर ध्यान न देना।
5. एक-दूसरे वाहनों के बीच उचित दूरी बनाकर न चलने के साथ ही ओवरटेक करना।
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विद्यालयों और चौराहों पर पाठशाला लगाकर किया जाएगा जागरूक
बिजनौर। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए परिवहन विभाग विद्यालयों और चौराहों पर पाठशाला का आयोजन करेगा। पाठशाला के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा, जिससे लोग यातायात नियमों का पालन कर ही वाहनों का संचालन कर सकें।
जिले में करीब 50 हजार वाहन एआरटीओ कार्यालय में दर्ज हैं। इनमें करीब 70 प्रतिशत बाइक और 30 प्रतिशत अन्य वाहन हैं। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार हर साल जिले में करीब 550 लोगों की सड़क हादसों में मौत हो जाती हैं। अफसरों की मानें तो लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए पाठशाला का आयोजन किया जाएगा। दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए व लोगों को परिवहन नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए विभाग की ओर से स्कूल-कॉलेजों और मुख्य चौराहों पर पाठशाला आयोजित करेगा। इसमें सिर्फ परिवहन नियम सड़क सुरक्षा पर लोगों का ध्यान केंद्रित करेगा। परिवहन विभाग के अधिकारी जागरूकता कार्यक्रम चलाएंगे। एआरटीओ प्रवर्तन रमेश कुमार चौबे ने बताया कि पाठशाला में लोगों को यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी, जिससे सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके। सरकार की भी यही मंशा है। पाठशाला में सड़क सुरक्षा के नियम बनाए जाएंगे।
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सड़क दुर्घटनाओं की मुख्य वजह
1. तेज गति से वाहन चलाना।
2. बिना हेलमेट व सीट बेल्ट के वाहन चलाना।
3. वाहन को मोड़ते समय इंडीगेटर का प्रयोग न करना।
4. तिराहों पर चौराहों पर लगी संकेतक लाइटों पर ध्यान न देना।
5. एक-दूसरे वाहनों के बीच उचित दूरी बनाकर न चलने के साथ ही ओवरटेक करना।