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आंगनबाड़ी केंद्रों पर नहीं पहुंची प्री स्कूल किट
Updated Tue, 27 Mar 2018 12:28 AM IST
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब तक नहीं पहुंची प्री स्कूल किट
बिजनौर ।
वित्तीय साल का आखिरी हफ्ता शुरू हो चुका है। लेकिन अब तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री स्कूल किट नहीं पहुंची हैं। आंगनबाड़ी केंद्र केवल नाम के लिए ही चल रहे हैं। केंद्रों पर बच्चों की संख्या में भी कमी आई है।
बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जाता है। इसके अलावा कुपोषण के खिलाफ भी जागरूकता अभियान चलता है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर छह साल तक के बच्चे आते हैं। जिले में 3236 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। यहां पर करीब ढाई लाख बच्चे आते हैं। बच्चों को अक्षर ज्ञान देने के लिए केंद्रों पर प्री स्कूल किट भेजी जाती है। इनमें कुछ किताबें और चार्ट शामिल होते हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका इनसे बच्चों को अक्षरज्ञान कराती हैं। वित्तीय वर्ष का आखिरी हफ्ता चल रहा है। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर अभी तक प्री स्कूल किट नहीं भेजी गई हैं। केंद्रों पर पोषाहार और हाट कुक पहले से ही बंद है। ऐसे में केंद्रों पर आने वाले बच्चों की संख्या में भी कमी आ रही है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव के अनुसार केंद्रों पर प्री स्कूल किट शासन द्वारा भेजी जाती है। केंद्रों पर बच्चों को भेजने के लिए अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है।
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बिजनौर ।
वित्तीय साल का आखिरी हफ्ता शुरू हो चुका है। लेकिन अब तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री स्कूल किट नहीं पहुंची हैं। आंगनबाड़ी केंद्र केवल नाम के लिए ही चल रहे हैं। केंद्रों पर बच्चों की संख्या में भी कमी आई है।
बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जाता है। इसके अलावा कुपोषण के खिलाफ भी जागरूकता अभियान चलता है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर छह साल तक के बच्चे आते हैं। जिले में 3236 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। यहां पर करीब ढाई लाख बच्चे आते हैं। बच्चों को अक्षर ज्ञान देने के लिए केंद्रों पर प्री स्कूल किट भेजी जाती है। इनमें कुछ किताबें और चार्ट शामिल होते हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका इनसे बच्चों को अक्षरज्ञान कराती हैं। वित्तीय वर्ष का आखिरी हफ्ता चल रहा है। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर अभी तक प्री स्कूल किट नहीं भेजी गई हैं। केंद्रों पर पोषाहार और हाट कुक पहले से ही बंद है। ऐसे में केंद्रों पर आने वाले बच्चों की संख्या में भी कमी आ रही है।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव के अनुसार केंद्रों पर प्री स्कूल किट शासन द्वारा भेजी जाती है। केंद्रों पर बच्चों को भेजने के लिए अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है।
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