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बेटियों ने दी मुखाग्नि
Updated Tue, 16 Jan 2018 12:17 AM IST
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बिजनौर। पिता के साथ निभाई जाने वाली आखिरी रस्म मुखाग्नि को दो बेटियों ने मिलकर पूरा किया। भाई न होने पर बहनों ने ही गंगा बैराज पर पिता को मुखाग्नि दी।
नई बस्ती स्टेट बैंक कॉलोनी निवासी डा.अभय भटनागर की तीन बेटियां हैं प्रियंका, स्वाति व ईशिता। डा.अभय भटनागर के कोई बेटा नहीं था लेकिन उन्होंने अपनी बेटियों को भी बेटों से कम नहीं समझा। वे अपनी बेटियों से बहुत प्यार करते थे। डा.अभय भटनागर काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। रविवार को दिल्ली में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। उनकी मौत से घर में शोक छा गया। सोमवार को उनके पार्थिव शरीर को गंगा बैराज ले जाया गया। इस दौरान की जाने वाली सभी धार्मिक क्रियाएं कीं। उनकी बेटी ईशिता व स्वाति ने गंगा बैराज पर पिता के पार्थिव शरीर को गंगा स्नान कराया व चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान मौके पर मौजूद परिजनों व रिश्तेदारों का कहना था कि डा.अभय भटनागर ने अपनी बेटियों को कभी बेटों से कम नहीं समझा। बेटियों ने भी इस बात को साबित कर दिखाया है।
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नई बस्ती स्टेट बैंक कॉलोनी निवासी डा.अभय भटनागर की तीन बेटियां हैं प्रियंका, स्वाति व ईशिता। डा.अभय भटनागर के कोई बेटा नहीं था लेकिन उन्होंने अपनी बेटियों को भी बेटों से कम नहीं समझा। वे अपनी बेटियों से बहुत प्यार करते थे। डा.अभय भटनागर काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। रविवार को दिल्ली में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। उनकी मौत से घर में शोक छा गया। सोमवार को उनके पार्थिव शरीर को गंगा बैराज ले जाया गया। इस दौरान की जाने वाली सभी धार्मिक क्रियाएं कीं। उनकी बेटी ईशिता व स्वाति ने गंगा बैराज पर पिता के पार्थिव शरीर को गंगा स्नान कराया व चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान मौके पर मौजूद परिजनों व रिश्तेदारों का कहना था कि डा.अभय भटनागर ने अपनी बेटियों को कभी बेटों से कम नहीं समझा। बेटियों ने भी इस बात को साबित कर दिखाया है।
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