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आयुष चिकित्सक करेंगे उपचार
Updated Wed, 13 Dec 2017 12:26 AM IST
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अब सीएचसी और पीएचसी केवल रेफर सेंटर ही बनकर नहीं रहेंगे। चिकित्सकों की कमी से मरीजों को परेशान नहीं होना होगा। एमबीबीएस चिकित्सकों के साथ यूनानी और आयुर्वेदिक/आयुष चिकित्सक भी सीएचसी और पीएचसी में इलाज करेंगे। एमबीबीएस चिकित्सकों की कमी व उनके सरकारी सेवा में घटते रुझान को देखते हुए शासन ने यह फैसला लिया है। इस संबंध में मुख्य सचिव राजीव कुमार ने निर्देश जारी कर दिया है।
देहात में मरीजों के उपचार के लिए सीएचसी और पीएचसी संचालित होते हैं। यहां पर एमबीबीएस चिकित्सकों की तैनाती की जाती है। जिले में सीएचसी और पीएचसी पर वर्तमान में 86 चिकित्सक तैनात हैं, जबकि 83 चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। जो चिकित्सक तैनात भी हैं, उनमें से एक दर्जन से ज्यादा लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे हैं। चिकित्सकों की कमी से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। यहां पर चिकित्सकों की तैनाती करना शासन के लिए भी टेढ़ी खीर बना हुआ है। युवा एमबीबीएस चिकित्सक सरकारी सेवा में नहीं आना चाहते हैं। अब शासन ने चिकित्सकों की इस कमी को यूनानी और आयुर्वेदिक चिकित्सकों की नियुक्ति कर दूर करने का निर्णय लिया है। एमबीबीएस चिकित्सकों के साथ आयुष चिकित्सक भी सीएचसी एवं पीएचसी पर उपचार करेंगे। इन्हें इनकी विधा के अनुसार दवाईयां और अन्य सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। डीएम की निगरानी में गठित समिति आयुष चिकित्सकों की तैनाती करेगी। शुरू में यह व्यवस्था दो साल के लिए की गई है। आयुर्वेदिक एवं यूनानी क्षेत्रीय अधिकारी डा. मोहन प्रसाद भट्ट के अनुसार शासन के निर्देश प्राप्त हो गए हैं। जल्दी ही सीएचसी और पीएचसी पर आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति हो जाएगी।
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अब सीएचसी और पीएचसी केवल रेफर सेंटर ही बनकर नहीं रहेंगे। चिकित्सकों की कमी से मरीजों को परेशान नहीं होना होगा। एमबीबीएस चिकित्सकों के साथ यूनानी और आयुर्वेदिक/आयुष चिकित्सक भी सीएचसी और पीएचसी में इलाज करेंगे। एमबीबीएस चिकित्सकों की कमी व उनके सरकारी सेवा में घटते रुझान को देखते हुए शासन ने यह फैसला लिया है। इस संबंध में मुख्य सचिव राजीव कुमार ने निर्देश जारी कर दिया है।
देहात में मरीजों के उपचार के लिए सीएचसी और पीएचसी संचालित होते हैं। यहां पर एमबीबीएस चिकित्सकों की तैनाती की जाती है। जिले में सीएचसी और पीएचसी पर वर्तमान में 86 चिकित्सक तैनात हैं, जबकि 83 चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। जो चिकित्सक तैनात भी हैं, उनमें से एक दर्जन से ज्यादा लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे हैं। चिकित्सकों की कमी से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। यहां पर चिकित्सकों की तैनाती करना शासन के लिए भी टेढ़ी खीर बना हुआ है। युवा एमबीबीएस चिकित्सक सरकारी सेवा में नहीं आना चाहते हैं। अब शासन ने चिकित्सकों की इस कमी को यूनानी और आयुर्वेदिक चिकित्सकों की नियुक्ति कर दूर करने का निर्णय लिया है। एमबीबीएस चिकित्सकों के साथ आयुष चिकित्सक भी सीएचसी एवं पीएचसी पर उपचार करेंगे। इन्हें इनकी विधा के अनुसार दवाईयां और अन्य सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। डीएम की निगरानी में गठित समिति आयुष चिकित्सकों की तैनाती करेगी। शुरू में यह व्यवस्था दो साल के लिए की गई है। आयुर्वेदिक एवं यूनानी क्षेत्रीय अधिकारी डा. मोहन प्रसाद भट्ट के अनुसार शासन के निर्देश प्राप्त हो गए हैं। जल्दी ही सीएचसी और पीएचसी पर आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति हो जाएगी।
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