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आवास योजना में अपात्रों को लाभ पहुंचाया
Updated Tue, 12 Dec 2017 12:25 AM IST
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स्योहारा। इंदिरा आवास व लोहिया आवास योजना में अपात्र लोगों को लाभान्वित करने का बड़ा मामला सामने आया है। परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण बिजनौर द्वारा की गई जांच निष्कर्ष में पात्रों को तथ्य छिपाकर आवास लाभ प्राप्त करने पर भू-राजस्व की भांति अवमुक्त धनराशि की वसूली किये जाने एवं सेक्टर प्रभारी तथा पंचायत सचिव के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
गांव पंचायत लतीफपुर उर्फ सिपाहीवाला विकास खंड धामपुर में 2014-15 में बनाए गये इंदिरा आवास ओर लोहिया आवास की जांच मुख्य विकास अधिकारी बिजनौर के आदेश पर परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण बिजनौर विजय प्रकाश श्रीवास्तव द्वारा 17 नवंबर को की गई थी। अपनी जांच आख्या निष्कर्ष में परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण ने गांव पंचायत लतीफपुुर उर्फ सिपाहीवाला की शाकिरा पत्नी अहमद अली, मीना पत्नी भूरे, शहनाज पत्नी शहादत, रेखा पत्नी अश्वनी कुमार, रेखा पत्नी सुरेश के इंदिरा आवास तथा यादराम पुत्र मोती, अनीता पत्नी चंद्रपाल, शमशीदा पत्नी फिरासत, फिरोजा पत्नी रिसालत के लोहिया आवास को अपात्र लाभार्थी पाया गया। इन्होंने तथ्यों को छिपाते हुए योजना का लाभ प्राप्त किया है। इनसेे भूराजस्व की भांति अवमुक्त धनराशि की वसूली किए जाने एवं संबंधित सेक्टर प्रभारी व ग्राम पंचायत सचिव के विरुद्ध कार्रवाई किये जाने की संस्तुति की गई है।
इंदिरा व लोहिया आवास में 2015 से ही अपात्र व्यक्तियों लाभ दिया गया। इसकी शिकायत गांव के ही विकलांग हैदर अली द्वारा लगातार उच्च अधिकारियों से की जा थी। हैदर अली का कहना है कि राजनीतिक दबाव और धनबल के कारण पूर्व प्रधान शेषपाल सिंह तथा पूर्व ग्राम पंचायत अधिकारी अजयपाल सिंह द्वारा उसका तथा उससे पांच अन्य सहयोगियों का शांतिभंग की धारा 151 में चालान करा दिया गया था। इसमें उसे परेशान करनेे के लिए उसकी सात दिन तक जमानत भी नहीं होनेे दी गई थी।
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जहर खाकर आत्म हत्या की
स्योहारा। गांव सफियाबाद में एक 50 वर्षीय व्यक्ति ने रविवार की देर रात जहरीला पदार्थ खा लिया। गंभीर हालत में उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया। यहां से उसकी गंभीर हालत देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिये देर रात ही दफना दिया।
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गांव पंचायत लतीफपुर उर्फ सिपाहीवाला विकास खंड धामपुर में 2014-15 में बनाए गये इंदिरा आवास ओर लोहिया आवास की जांच मुख्य विकास अधिकारी बिजनौर के आदेश पर परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण बिजनौर विजय प्रकाश श्रीवास्तव द्वारा 17 नवंबर को की गई थी। अपनी जांच आख्या निष्कर्ष में परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण ने गांव पंचायत लतीफपुुर उर्फ सिपाहीवाला की शाकिरा पत्नी अहमद अली, मीना पत्नी भूरे, शहनाज पत्नी शहादत, रेखा पत्नी अश्वनी कुमार, रेखा पत्नी सुरेश के इंदिरा आवास तथा यादराम पुत्र मोती, अनीता पत्नी चंद्रपाल, शमशीदा पत्नी फिरासत, फिरोजा पत्नी रिसालत के लोहिया आवास को अपात्र लाभार्थी पाया गया। इन्होंने तथ्यों को छिपाते हुए योजना का लाभ प्राप्त किया है। इनसेे भूराजस्व की भांति अवमुक्त धनराशि की वसूली किए जाने एवं संबंधित सेक्टर प्रभारी व ग्राम पंचायत सचिव के विरुद्ध कार्रवाई किये जाने की संस्तुति की गई है।
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इंदिरा व लोहिया आवास में 2015 से ही अपात्र व्यक्तियों लाभ दिया गया। इसकी शिकायत गांव के ही विकलांग हैदर अली द्वारा लगातार उच्च अधिकारियों से की जा थी। हैदर अली का कहना है कि राजनीतिक दबाव और धनबल के कारण पूर्व प्रधान शेषपाल सिंह तथा पूर्व ग्राम पंचायत अधिकारी अजयपाल सिंह द्वारा उसका तथा उससे पांच अन्य सहयोगियों का शांतिभंग की धारा 151 में चालान करा दिया गया था। इसमें उसे परेशान करनेे के लिए उसकी सात दिन तक जमानत भी नहीं होनेे दी गई थी।
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जहर खाकर आत्म हत्या की
स्योहारा। गांव सफियाबाद में एक 50 वर्षीय व्यक्ति ने रविवार की देर रात जहरीला पदार्थ खा लिया। गंभीर हालत में उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया। यहां से उसकी गंभीर हालत देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिये देर रात ही दफना दिया।