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दो घंटे बाद भी नहीं पंहुची एंबुलेंस, मरीज की मौत
Updated Thu, 07 Sep 2017 12:08 AM IST
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बिजनौर/बरूकी। 108 एंबुलेंस की इंतजार में अस्थमा पीड़ित एक महिला ने दम तोड़ दिया। इसको लेकर परिवार में सरकारी सिस्टम व प्रदेश सरकार के खिलाफ गुस्सा है, वह उनको ही महिला की मौत का मान रहे हैं।
अभी गोरखपुर व फरूखबाद में सरकारी सिस्टम की लापरवाही से हुई बच्चों की मौत को कोई भुला नहीं पा रहा है। बिजनौर में सरकारी सिस्टम से लड़कर कोतवाली देहात के गांव उमरी कलां की सावित्री (50) पत्नी राकेश ने दो घंटे 108 एंबुलेंस के इंतजार के बाद दम तोड़ दिया। राकेश ने बताया कि उनकी पत्नी कई माह से अस्थमा बीमारी से पीड़ित थी। उसका इलाज सरकारी अस्पताल में भी चल रहा था। बुधवार सुबह उसकी अचानक तबीयत खराब हो गई। उन्होंने सुबह साढ़े नौ बजे एंबुलेंस बुलाने के लिए 108 नंबर पर कॉल किया, लेकिन करीब दो घंटे तक भी एंबुलेंस उनके घर नहीं पहुंची। एंबुलेंस के नहीं आने पर वह प्राइवेट वाहन से पत्नी को लेकर जिला अस्पताल आए। यहां चिकित्सकों ने उसको मृत घोषित कर दिया। परिवार महिला की मौत के बाद सरकारी सिस्टम व प्रदेश सरकार को जमकर कोस रहा है। उनका कहना है कि अगर एंबुलेंस सही समय पर आ जाती तो उनकी जान बच जाती।
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नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है-सीएमओ
सीएमओ डा.राकेश मित्तल ने बताया कि एंबुलेंस नही पहुंचने पर 108 व 102 एंबुलेंस के जिला कोआर्डिनेटर मनोज सावंत को नोटिस भेजकर जवाब मांगा जा रहा है।
एंबुलेंस में पहले ही था मरीज : डीसी
108 व 102 एंबुलेंस के जिला कोआर्डिनेटर मनोज सावंत ने बताया कि जब सावित्री के घर से कॉल आई थी उसके समय बिजनौर, कोतवाली, नगीना व आसपास की एंबुलेंस पर पहले से ही मरीज था। 108 एंबुलेंस के स्टाफ ने उनसे कहा था कि वह मरीज को बिजनौर छोड़कर आपके मरीज को रिसीव करेंगे, लेकिन परिवार ने बताया कि उनके पास इतना समय नहीं है।
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अभी गोरखपुर व फरूखबाद में सरकारी सिस्टम की लापरवाही से हुई बच्चों की मौत को कोई भुला नहीं पा रहा है। बिजनौर में सरकारी सिस्टम से लड़कर कोतवाली देहात के गांव उमरी कलां की सावित्री (50) पत्नी राकेश ने दो घंटे 108 एंबुलेंस के इंतजार के बाद दम तोड़ दिया। राकेश ने बताया कि उनकी पत्नी कई माह से अस्थमा बीमारी से पीड़ित थी। उसका इलाज सरकारी अस्पताल में भी चल रहा था। बुधवार सुबह उसकी अचानक तबीयत खराब हो गई। उन्होंने सुबह साढ़े नौ बजे एंबुलेंस बुलाने के लिए 108 नंबर पर कॉल किया, लेकिन करीब दो घंटे तक भी एंबुलेंस उनके घर नहीं पहुंची। एंबुलेंस के नहीं आने पर वह प्राइवेट वाहन से पत्नी को लेकर जिला अस्पताल आए। यहां चिकित्सकों ने उसको मृत घोषित कर दिया। परिवार महिला की मौत के बाद सरकारी सिस्टम व प्रदेश सरकार को जमकर कोस रहा है। उनका कहना है कि अगर एंबुलेंस सही समय पर आ जाती तो उनकी जान बच जाती।
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नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है-सीएमओ
सीएमओ डा.राकेश मित्तल ने बताया कि एंबुलेंस नही पहुंचने पर 108 व 102 एंबुलेंस के जिला कोआर्डिनेटर मनोज सावंत को नोटिस भेजकर जवाब मांगा जा रहा है।
एंबुलेंस में पहले ही था मरीज : डीसी
108 व 102 एंबुलेंस के जिला कोआर्डिनेटर मनोज सावंत ने बताया कि जब सावित्री के घर से कॉल आई थी उसके समय बिजनौर, कोतवाली, नगीना व आसपास की एंबुलेंस पर पहले से ही मरीज था। 108 एंबुलेंस के स्टाफ ने उनसे कहा था कि वह मरीज को बिजनौर छोड़कर आपके मरीज को रिसीव करेंगे, लेकिन परिवार ने बताया कि उनके पास इतना समय नहीं है।
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