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चीनी के दाम गिरे
Updated Thu, 22 Mar 2018 11:08 PM IST
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बिजनौर। बंपर उत्पादन ने चीनी मिलों को बदहजमी कर दी है। चीनी के दाम पिछले तीन साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। दो ही महीने में चीनी के दाम 3,850 रुपये प्रति क्विंटल से घटकर 2,950 रुपये ही रह गए हैं। कुछ दिन पहले चीनी के दाम संभले थे, लेकिन अब तीन हजार से भी नीचे आ गए हैं। शीरा बेचने के लिए तो शुगर मिलों को पूरे जोर लगाने पड़ रहे हैं। सीजन की शुरुआत में 400 रुपये प्रति क्विंटल तक बिकने वाले शीरे की कीमत 12 रुपये प्रति क्विंटल ही रह गई है।
गन्ने की खेती में अर्ली प्रजाति अपनाने की क्रांति ने अब तक किसानों व शुगर मिलों को बहुत फायदा पहुंचाया है। चार-पांच साल पहले जहां जिले में करीब 20 प्रतिशत तक ही अर्ली प्रजाति के गन्ने का रकबा रहता था, अब यह रकबा 95 प्रतिशत से भी अधिक हो गया है। अर्ली प्रजाति का गन्ना सामान्य गन्ने से 25 से 30 प्रति क्विंटल प्रति बीघा तक अधिक निकलता है। इसके अलावा सामान्य गन्ने में जहां नौ प्रतिशत तक रिकवरी निकलती थी, अब रिकवरी 13 प्रतिशत से भी ऊपर निकल रही है। शुरुआत में चीनी से लाभ कमाने वाली शुगर मिलों को अब दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। गन्ने व चीनी के बंपर उत्पादन से चीनी के दाम धड़ाम हो गए हैं। जनवरी में चीनी के दाम 3,850 रुपये प्रति क्विंटल तक थे। अब चीनी के दाम घटकर 2,950 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। सबसे ज्यादा घाटा शीरे में उठाना पड़ रहा है। शीरे के दाम 97 प्रतिशत तक घट गए हैं। शीरे के दाम सीजन की शुरुआत में 400 रुपये प्रति क्विंटल तक थे। ये दाम अब घटकर 12 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। बिजनौर शुगर मिल के प्रशासनिक अधिकारी एके सिंह के अनुसार चीनी के दाम गिरने से चीनी मिलों को घाटा हो रहा है। हालांकि अभी तक किसानों को समय से भुगतान किया जा रहा है।
साल गन्ना उत्पादन कीमत चीनी
2013-14 660 1800 करोड़ 72 लाख
2014-15 700 2200 करोड़ 81 लाख
2015-16 746 2100 करोड़ 86 लाख
2016-17 891 2150 करोड़ 104 लाख
2017-18 अब तक 805 2432 करोड़ 90 लाख
नोट:गन्ने व चीनी का उत्पादन लाख क्विंटल में है। चीनी का उत्पादन 120 लाख क्विंटल तक जाने का अनुमान है। ये आंकड़े जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय से लिए गए हैं।
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शीरे के दाम सीजन की शुरुआत में 400 रुपये प्रति क्विंटल तक थे। शीरा आसवनी इकाइयों व डिस्टलरी प्लांट को सप्लाई होता है। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा आसवनी इकाइयों के संचालन पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी गई। जब ये इकाइयां शुरू हुईं तो उनके पास अपना खुद का पहले का बहुत स्टॉक था। इससे शीरे के दाम 97 प्रतिशत तक गिरकर 12 रुपये प्रति क्विंटल ही रह गए।
बढ़ रही है चीनी की रिकवरी
एक कुंतल गन्ने से करीब 13 किलो चीनी तक बनती है। इसके अलावा करीब 30 किलोग्राम खोई व साढ़े चार किलोग्राम शीरा बनता है। शुगर मिलें शीरे से एथनॉल भी बनाती हैं। जिले में किसानों द्वारा अगेती प्रजाति का गन्ना बोए जाने के कारण चीनी की रिकवरी बढ़ी है।
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गन्ने की खेती में अर्ली प्रजाति अपनाने की क्रांति ने अब तक किसानों व शुगर मिलों को बहुत फायदा पहुंचाया है। चार-पांच साल पहले जहां जिले में करीब 20 प्रतिशत तक ही अर्ली प्रजाति के गन्ने का रकबा रहता था, अब यह रकबा 95 प्रतिशत से भी अधिक हो गया है। अर्ली प्रजाति का गन्ना सामान्य गन्ने से 25 से 30 प्रति क्विंटल प्रति बीघा तक अधिक निकलता है। इसके अलावा सामान्य गन्ने में जहां नौ प्रतिशत तक रिकवरी निकलती थी, अब रिकवरी 13 प्रतिशत से भी ऊपर निकल रही है। शुरुआत में चीनी से लाभ कमाने वाली शुगर मिलों को अब दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। गन्ने व चीनी के बंपर उत्पादन से चीनी के दाम धड़ाम हो गए हैं। जनवरी में चीनी के दाम 3,850 रुपये प्रति क्विंटल तक थे। अब चीनी के दाम घटकर 2,950 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। सबसे ज्यादा घाटा शीरे में उठाना पड़ रहा है। शीरे के दाम 97 प्रतिशत तक घट गए हैं। शीरे के दाम सीजन की शुरुआत में 400 रुपये प्रति क्विंटल तक थे। ये दाम अब घटकर 12 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। बिजनौर शुगर मिल के प्रशासनिक अधिकारी एके सिंह के अनुसार चीनी के दाम गिरने से चीनी मिलों को घाटा हो रहा है। हालांकि अभी तक किसानों को समय से भुगतान किया जा रहा है।
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साल गन्ना उत्पादन कीमत चीनी
2013-14 660 1800 करोड़ 72 लाख
2014-15 700 2200 करोड़ 81 लाख
2015-16 746 2100 करोड़ 86 लाख
2016-17 891 2150 करोड़ 104 लाख
2017-18 अब तक 805 2432 करोड़ 90 लाख
नोट:गन्ने व चीनी का उत्पादन लाख क्विंटल में है। चीनी का उत्पादन 120 लाख क्विंटल तक जाने का अनुमान है। ये आंकड़े जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय से लिए गए हैं।
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शीरे के दाम सीजन की शुरुआत में 400 रुपये प्रति क्विंटल तक थे। शीरा आसवनी इकाइयों व डिस्टलरी प्लांट को सप्लाई होता है। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा आसवनी इकाइयों के संचालन पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी गई। जब ये इकाइयां शुरू हुईं तो उनके पास अपना खुद का पहले का बहुत स्टॉक था। इससे शीरे के दाम 97 प्रतिशत तक गिरकर 12 रुपये प्रति क्विंटल ही रह गए।
बढ़ रही है चीनी की रिकवरी
एक कुंतल गन्ने से करीब 13 किलो चीनी तक बनती है। इसके अलावा करीब 30 किलोग्राम खोई व साढ़े चार किलोग्राम शीरा बनता है। शुगर मिलें शीरे से एथनॉल भी बनाती हैं। जिले में किसानों द्वारा अगेती प्रजाति का गन्ना बोए जाने के कारण चीनी की रिकवरी बढ़ी है।