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अल्पसंख्यक छात्रों की संख्या घटी
Updated Thu, 02 Nov 2017 12:38 AM IST
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गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की जांच शुरू
- छात्रवृत्ति के आवेदन करने वाले अल्पसंख्यक छात्रों की संख्या घटी
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
भारत सरकार की छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले पोस्ट मैट्रिक छात्रों की संख्या पिछले साल के मुकाबले एक तिहाई रह गई है। प्री मैट्रिक तथा मैरिट छात्रों की संख्या भी कम हुई है। आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर थी। जिले में गैर सहायता प्राप्त मदरसों की संख्या बढ़ी है। शासन के निर्देश पर अल्पसंख्यक विभाग ने मदरसों की जांच शुरू कर दी है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार मिश्र के अनुसार जिले में छह शासन से सहायता प्राप्त, 669 गैर सहायता प्राप्त मदरसे हैं। इस साल मदरसों की संख्या 675 हो गई है। पिछले साल मदरसे 640 थे। बढे़ मदरसों के संचालकों ने इसकी सूचना विभाग को नहीं दी है। इस बारे में संचालकों की जवाबदेही तय की जा रही है। अल्पसंख्यक छात्रों ने भारत सरकार की छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने में कोई रुचि नहीं ली है। इस साल पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए मात्र चार हजार 486 छात्रों ने आवेदन किया है। पिछले साल यह संख्या चौदह हजार 371 थी। प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 49289 ने आवेदान किया। गत वर्ष छप्पन हजार 434 ने आवेदन किया था। मैरिट छात्रवृत्ति के लिए इस साल 919 आवेदन हुए। पिछले साल 686 ने आवेदन किया था। मिश्र के अनुसार पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने वाले मदरसों ने विभाग को हार्ड कापी उपलब्ध नहीं कराई है। विभाग इसको लेकर गंभीर है।
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- छात्रवृत्ति के आवेदन करने वाले अल्पसंख्यक छात्रों की संख्या घटी
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
भारत सरकार की छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले पोस्ट मैट्रिक छात्रों की संख्या पिछले साल के मुकाबले एक तिहाई रह गई है। प्री मैट्रिक तथा मैरिट छात्रों की संख्या भी कम हुई है। आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर थी। जिले में गैर सहायता प्राप्त मदरसों की संख्या बढ़ी है। शासन के निर्देश पर अल्पसंख्यक विभाग ने मदरसों की जांच शुरू कर दी है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार मिश्र के अनुसार जिले में छह शासन से सहायता प्राप्त, 669 गैर सहायता प्राप्त मदरसे हैं। इस साल मदरसों की संख्या 675 हो गई है। पिछले साल मदरसे 640 थे। बढे़ मदरसों के संचालकों ने इसकी सूचना विभाग को नहीं दी है। इस बारे में संचालकों की जवाबदेही तय की जा रही है। अल्पसंख्यक छात्रों ने भारत सरकार की छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने में कोई रुचि नहीं ली है। इस साल पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए मात्र चार हजार 486 छात्रों ने आवेदन किया है। पिछले साल यह संख्या चौदह हजार 371 थी। प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 49289 ने आवेदान किया। गत वर्ष छप्पन हजार 434 ने आवेदन किया था। मैरिट छात्रवृत्ति के लिए इस साल 919 आवेदन हुए। पिछले साल 686 ने आवेदन किया था। मिश्र के अनुसार पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने वाले मदरसों ने विभाग को हार्ड कापी उपलब्ध नहीं कराई है। विभाग इसको लेकर गंभीर है।
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