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175 ग्राम सभाओं को उतराखंड में शामिल करने की तेज, 11 लोगों की कमेटी बनाई
Updated Thu, 31 Aug 2017 12:32 AM IST
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गांवों को उत्तराखंड में शामिल करने की कवायद तेज
अफजलगढ़(बिजनौर)। उत्तराखंड-उत्तरप्रदेश सीमांत संघर्ष समिति की बैठक में उत्तराखंड की सीमा से लगी 175 ग्राम पंचायतों को उत्तराखंड में शामिल करने के लिए आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 11 लोगों की कमेटी बनाई गई।
बुधवार को गांव भोगपुर के पूर्व प्रधान फोजाराम के आवास पर बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें सर्वसम्मति से 11 लोगों की समिति का गठित किया गया। जिसमें अनिल सेमवाल, सुरेश चंद्र, फोजाराम, अशोक कपतियाल, नरेंद्र रावत, बागेंद्र सिंह भंडारी, बाग सिंह, गुरनाम सिंह, कांबोज, सतवीर सिंह, भूपेंद्र मानसिंह रावत, राजेंद्र सजवाण शामिल हैं। पूर्व प्रधान फोजाराम ने कहा कि समिति के नेतृत्व में 175 ग्राम पंचायतों को उत्तराखंड में शामिल करने के लिए चल रहे आंदोलन को तेज किया जाएगा। क्योंकि सरकार को उनकी मांग की आवाज सुनाई नहीं दे रही है। बॉर्डर के इन गांवों का विकास थम गया है। लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित होते जा रहे हैं। अपने अधिकारों के लिए सभी को एकजुट होकर संघर्ष करने की जरूरत है। कमेटी में शामिल सदस्यों ने जनता से इस मामले को लेकर गांवों में जाकर संपर्क करने का आह्वान किया है।
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अफजलगढ़(बिजनौर)। उत्तराखंड-उत्तरप्रदेश सीमांत संघर्ष समिति की बैठक में उत्तराखंड की सीमा से लगी 175 ग्राम पंचायतों को उत्तराखंड में शामिल करने के लिए आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 11 लोगों की कमेटी बनाई गई।
बुधवार को गांव भोगपुर के पूर्व प्रधान फोजाराम के आवास पर बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें सर्वसम्मति से 11 लोगों की समिति का गठित किया गया। जिसमें अनिल सेमवाल, सुरेश चंद्र, फोजाराम, अशोक कपतियाल, नरेंद्र रावत, बागेंद्र सिंह भंडारी, बाग सिंह, गुरनाम सिंह, कांबोज, सतवीर सिंह, भूपेंद्र मानसिंह रावत, राजेंद्र सजवाण शामिल हैं। पूर्व प्रधान फोजाराम ने कहा कि समिति के नेतृत्व में 175 ग्राम पंचायतों को उत्तराखंड में शामिल करने के लिए चल रहे आंदोलन को तेज किया जाएगा। क्योंकि सरकार को उनकी मांग की आवाज सुनाई नहीं दे रही है। बॉर्डर के इन गांवों का विकास थम गया है। लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित होते जा रहे हैं। अपने अधिकारों के लिए सभी को एकजुट होकर संघर्ष करने की जरूरत है। कमेटी में शामिल सदस्यों ने जनता से इस मामले को लेकर गांवों में जाकर संपर्क करने का आह्वान किया है।
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