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परवान नहीं चढ़ रही कस्तूरबा स्कू लों की योजना
Updated Wed, 12 Jul 2017 11:51 PM IST
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बिजनौर। जिले में लाख कोशिश के बाद भी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की सूरत आठ साल बाद भी नहीं बदल सकी है। इन स्कूलों में छात्राओं की संख्या कम है। नजीबाबाद में जर्जर भवन में स्कूल चल रहा है। कल्लूवाला में पेयजल को छात्राएं तरस रहीं है। कहीं बिजली का संकट है तो कहीं सुरक्षा को लेकर छात्राएं परेशान हैं। प्रत्येक स्कूल में 100 छात्राओं का पंजीकरण होता है लेकिन उपस्थिति 50 प्रतिशत से भी कम है।
छात्राओं की उपस्थिति है कम
नूरपुर। खटाई में चल रहे कस्तूरबा स्कूल में सोमवार को विद्यालय की वार्डन विनीता अग्रवाल व शिक्षिका डोली प्रशिक्षण के लिए बिजनौर गईं थीं, जबकि एक शिक्षिका हिमांशु छुट्टी पर थी। विद्यालय में कुल 40 छात्राएं पंजीकृत हैं। रितु, मानसी, सुहानी, गुंजन, विशाखा, रविता आदि छात्राओं ने बताया कि खाने, नाश्ते एवं सोने की विद्यालय में कोई परेशानी नहीं है। खाना मेन्यू के हिसाब से ही और पूरी मात्रा में मिलता है। वहीं बिजली न होने से भीषण गर्मी में छात्राओं को परेशानी होती है।
शिक्षिकाओं का है अभाव
अफजलगढ़। गांव कल्लूवाला स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय फोरेस्ट विलेज कल्लूवाला के नवनिर्मित भवन में शिक्षण सत्र प्रारंभ हुआ। मगर विद्यालय में शिक्षिकाओं का अभाव है। इसमें सत्र प्रारंभ होने पर 44 छात्राएं विद्यालय में रह रही हैं। वहीं स्कूल में नौ शिक्षिकाओं व एक वार्डन के पद सृजित हैं मगर विद्यालय में मौजूदा वक्त में तीन फुल टाइम व तीन पार्ट टाइम शिक्षिका मौजूद हैं। इसमें वार्डन नहीं है।
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सुविधाओं को तरसे
हल्दौर। स्थानीय कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में छात्राएं सुविधाओं के लिए तरस रही है। 100 बालिकाओं के लिए केवल दो शौचालय बने हैं। शिक्षा विभाग के दावे खोखले हैं। बालिकाओं को यूनीफॉर्म भी नहीं मिली है। विद्यालय में किताबें बैग व ड्रेस उपलब्ध न होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। तीन कमरो में एक सौ छात्राओं को रात में सोना पड़ रहा है।
विद्यालय में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं
नगीना। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय पुरैनी में बरसात का पानी भरने से छात्राएं परेशान रहती है। खुले में स्कूल है। सुरक्षा की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे हैं। स्कूल के चारों ओर बड़ी झाड़ियां खड़ी हैं। उधर हीरावाली के कस्तूरबा स्कूल की वार्डन मीनाक्षी चौधरी के मुताबिक स्कूल का प्रांगण गहरा होने के कारण बरसात का पानी भरने से इन दिनों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल की छात्राओं का कहना है कि रोजमर्रा की वस्तुएं उन्हें समय पर उपलब्ध नहीं होती है। सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्घ कार्रवाई होगी।
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बिजनौर। जिले में लाख कोशिश के बाद भी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की सूरत आठ साल बाद भी नहीं बदल सकी है। इन स्कूलों में छात्राओं की संख्या कम है। नजीबाबाद में जर्जर भवन में स्कूल चल रहा है। कल्लूवाला में पेयजल को छात्राएं तरस रहीं है। कहीं बिजली का संकट है तो कहीं सुरक्षा को लेकर छात्राएं परेशान हैं। प्रत्येक स्कूल में 100 छात्राओं का पंजीकरण होता है लेकिन उपस्थिति 50 प्रतिशत से भी कम है।
छात्राओं की उपस्थिति है कम
नूरपुर। खटाई में चल रहे कस्तूरबा स्कूल में सोमवार को विद्यालय की वार्डन विनीता अग्रवाल व शिक्षिका डोली प्रशिक्षण के लिए बिजनौर गईं थीं, जबकि एक शिक्षिका हिमांशु छुट्टी पर थी। विद्यालय में कुल 40 छात्राएं पंजीकृत हैं। रितु, मानसी, सुहानी, गुंजन, विशाखा, रविता आदि छात्राओं ने बताया कि खाने, नाश्ते एवं सोने की विद्यालय में कोई परेशानी नहीं है। खाना मेन्यू के हिसाब से ही और पूरी मात्रा में मिलता है। वहीं बिजली न होने से भीषण गर्मी में छात्राओं को परेशानी होती है।
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शिक्षिकाओं का है अभाव
अफजलगढ़। गांव कल्लूवाला स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय फोरेस्ट विलेज कल्लूवाला के नवनिर्मित भवन में शिक्षण सत्र प्रारंभ हुआ। मगर विद्यालय में शिक्षिकाओं का अभाव है। इसमें सत्र प्रारंभ होने पर 44 छात्राएं विद्यालय में रह रही हैं। वहीं स्कूल में नौ शिक्षिकाओं व एक वार्डन के पद सृजित हैं मगर विद्यालय में मौजूदा वक्त में तीन फुल टाइम व तीन पार्ट टाइम शिक्षिका मौजूद हैं। इसमें वार्डन नहीं है।
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सुविधाओं को तरसे
हल्दौर। स्थानीय कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में छात्राएं सुविधाओं के लिए तरस रही है। 100 बालिकाओं के लिए केवल दो शौचालय बने हैं। शिक्षा विभाग के दावे खोखले हैं। बालिकाओं को यूनीफॉर्म भी नहीं मिली है। विद्यालय में किताबें बैग व ड्रेस उपलब्ध न होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। तीन कमरो में एक सौ छात्राओं को रात में सोना पड़ रहा है।
विद्यालय में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं
नगीना। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय पुरैनी में बरसात का पानी भरने से छात्राएं परेशान रहती है। खुले में स्कूल है। सुरक्षा की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे हैं। स्कूल के चारों ओर बड़ी झाड़ियां खड़ी हैं। उधर हीरावाली के कस्तूरबा स्कूल की वार्डन मीनाक्षी चौधरी के मुताबिक स्कूल का प्रांगण गहरा होने के कारण बरसात का पानी भरने से इन दिनों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल की छात्राओं का कहना है कि रोजमर्रा की वस्तुएं उन्हें समय पर उपलब्ध नहीं होती है। सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्घ कार्रवाई होगी।