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शुगर मिलों को 30 तक का दिया अल्टीमेटम
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Sat, 23 Apr 2016 12:30 AM IST
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बिजनौर के नेहरू स्टेडियम में पत्रकारों से वार्ता करते भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में रालोद ने किसानों के गन्ना भुगतान को लेकर शुगर मिलों को 30 अप्रैल तक अल्टीमेटम दिया है। गन्ना भुगतान नहीं होने पर दो मई से बिलाई शुगर मिल पर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
रालोद जिलाध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कहा कि जिले की शुगर मिलों पर करीब 268 करोड़ रुपये 87 लाख रुपये बकाया है। इसमें से अकेले बिलाई शुगर पर 118 करोड़ 57 लाख रुपये बकाया है। बिलाई शुगर मिल के अलावा बिजनौर शुगर मिल पर नौ करोड़ रुपये, स्योहारा पर 62 करोड़, धामपुर पर 18 करोड़ रुपये, बुंदकी पर आठ करोड़ रुपये, चांदपुर पर 14 करोड़ रुपये, नजीबाबाद पर छह करोड़ रुपये, बरकातपुर पर करीब 38 लाख रुपये गन्ना भुगतान का बकाया है। यह गन्ना भुगतान 230 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बकाया है, जबकि शासन ने पेराई सत्र 2015-16 का 280 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य घोषित किया है। इस बकाया भुगतान के अलावा सभी शुगर मिलों पर 50 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भी गन्ना भुगतान अवशेष है। इस भुगतान को लेकर गन्ना विभाग व प्रदेश सरकार चुप्पी साधे है। जबकि चीनी का मूल्य तथा रिकवरी दोनों बढ़ गई है।
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रालोद जिलाध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कहा कि जिले की शुगर मिलों पर करीब 268 करोड़ रुपये 87 लाख रुपये बकाया है। इसमें से अकेले बिलाई शुगर पर 118 करोड़ 57 लाख रुपये बकाया है। बिलाई शुगर मिल के अलावा बिजनौर शुगर मिल पर नौ करोड़ रुपये, स्योहारा पर 62 करोड़, धामपुर पर 18 करोड़ रुपये, बुंदकी पर आठ करोड़ रुपये, चांदपुर पर 14 करोड़ रुपये, नजीबाबाद पर छह करोड़ रुपये, बरकातपुर पर करीब 38 लाख रुपये गन्ना भुगतान का बकाया है। यह गन्ना भुगतान 230 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बकाया है, जबकि शासन ने पेराई सत्र 2015-16 का 280 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य घोषित किया है। इस बकाया भुगतान के अलावा सभी शुगर मिलों पर 50 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भी गन्ना भुगतान अवशेष है। इस भुगतान को लेकर गन्ना विभाग व प्रदेश सरकार चुप्पी साधे है। जबकि चीनी का मूल्य तथा रिकवरी दोनों बढ़ गई है।
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