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24 घंटे की बारिश ने तोड़ा 18 साल का रिकार्ड
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बिजनौर में हुई भारी बारिश से खेतों में पानी में डूबी धान की फसल।
- फोटो : BIJNOR
24 घंटे की बारिश ने तोड़ा 18 साल का रिकार्ड
बिजनौर/नगीना। 24 घंटे तक हुई बारिश ने 18 साल का रिकार्ड तोड़ दिया। रविवार और सोमवार को जितनी बारिश हुई इतनी बारिश साल 2002 में पूरे महीने में हुई थी। अक्तूबर महीने में होने वाली कुल औसत बारिश से छह गुना से ज्यादा बारिश केवल 24 घंटे में ही हो गई। जिले में 24 घंटे में 185.4 एमएम और दो दिन में 201.4 एमएम बारिश हुई है। बारिश से खेतों से लेकर सड़कों तक जलभराव हो गया। बारिश से धान, दलहन, तिलहन और सब्जी की फसलों को भारी नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। बारिश से जनजीवन भी अस्त व्यस्त हो गया।
शनिवार सुबह करीब नौ बजे शुरू हुई बारिश शाम को करीब चार बजे कुछ ही देर के लिए रुकी थी और फिर शुरू हो गई। रविवार शाम से लेकर सोमवार करीब तीन बजे तक लगातार बारिश हुई। जिससे नई बस्ती, सिविल लाइन, काजीपाड़ा, जाटान, आवास विकास, नजीबाबाद रोड आदि क्षेत्रों में जलभराव हो गया। बारिश के कारण लोग घरों में कैद होकर रह गए। तेज हवा के कारण धान की फसल पहले ही गिर गई थी। अब बारिश होने से खेतों में पानी भर गया। जिससे फसल को भारी नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। जिले में सितंबर महीने में बारिश का औसत 29.8 एमएम है, जबकि केवल 24 घंटे में ही 185.4 एमएम बारिश हुई है। दो दिन में 201.4 एमएम बारिश हो चुकी है। इतनी बारिश साल 2002 में पूरे महीने में 202 एमएम हुई थी।
वहीं, कृषि विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में फसलों को भारी नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। धान की फसल को 30 से 35, दलहन में शामिल उड़द को 35 से 40 प्रतिशत नुकसान हुआ है। इसके अलावा सब्जी और सरसों की फसलों को भी भारी नुकसान होने का अनुमान है। हालांकि बारिश से गन्ने को कोई नुकसान नहीं हुआ है। जिस खेत में धान कटा पड़ा था, उस फसल के ही अंकुरित होने की संभावना थी। अब खेत में गिरी हुई फसल के भी अंकुरित होने की संभावना बढ़ गई है। बारिश से तापमान भी 12 डिग्री सेल्सियस तक कम हो गया है। नगीना में भी कई मोहल्लों में बारिश के कारण जलभराव की समस्या बनी रही। हिंदू इंटर कॉलेज, एमएम इंटर कॉलेज, साहू सिनेमा हॉल परिसर, रोडवेज बस स्टैंड परिसर में भी काफी पानी भरा नजर आया।
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बारिश के आंकड़े
2003 - 00
2004 - .5
2005- 00
2006 - 8.8
2007 - 31.2
2008 - 37.3
2009 -15
2010 - 2
2011 - 00
2012 - 00
2013 - 70
2014 - 83
2015 - 90
2016 - 2
2017 - 00
2018 - 43
2019 - 00
2020 - 00
2021 - 201.4
बारिश के आंकड़े एमएम में हैं। ये नगीना स्थित मौसम वेधशाला से लिए गए हैं।
चीनी मिलों का संचालन होगा प्रभावित
गन्ने में रिकवरी पहले ही कम आ रही थी। बारिश की वजह से अब रिकवरी और प्रभावित हो जाएगी। जिले की चीनी मिलें अक्तूबर के आखिरी सप्ताह में पेराई शुरू करने की तैयारी में थीं। अब अक्तूबर में पेराई होना मुश्किल लग रहा है। बिलाई चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक जयवीर सिंह के अनुसार 25 अक्तूबर से पेराई शुरू होनी थी। अब पेराई पिछड़ जाएगी। बिजनौर चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक राहुल चौधरी के अनुसार रिकवरी और बाकी चीजों को ध्यान में रखकर ही पेराई शुरू की जाएगी।
मौसम में आएगी ठंडक
नगीना स्थित मौसम वेधशाला के प्रेक्षक सतीश कुमार के अनुसार बारिश से मौसम में परिवर्तन होगा। अब जल्दी ही ठंडक होनी शुरू हो जाएगी। मंगलवार को भी बारिश होने के आसार बने हुए हैं।
गन्ने को छोड़ सभी फसलों में नुकसान
जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा के अनुसार बारिश से गन्ने को छोड़कर बाकी फसलों को नुकसान हुआ है। धान की फसल अंकुरित होने से उसका दाना खराब हो जाएगा।
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बारिश में टिनशेड गिरा, बच्ची की मौत
- गांव फैजुल्लापुर में हुआ हादसा, एक भैंस ने भी दम तोड़ा
- ग्रामीणों ने मलबे में दबे परिवार को निकाला, महिला की हालत गंभीर
फोटो समाचार
स्योहारा। दो दिन से हो रही बारिश के कारण गांव फैजुल्लापुर में डेयरी की टिन से बनी छत गिर जाने से दो वर्ष की मासूम बच्ची मौत हो गई। घायल हुए डेयरी संचालक और उसकी पत्नी को सघन चिकित्सा के लिए मुरादाबाद ले जाया गया है। हादसे का कारण टिनशेड पर रखी पराली के बारिश में गीला होने को माना जा रहा है। हादसे में टिनशेड के नीचे बंधी एक भैंस की भी जान चली गई।
गांव फैजुल्लापुर में चीनी मिल सेक्टर रोड के किनारे शाहनवाज ने डेयरी बना रखी है। जिसकी छत टिन की बनी थी। टिनशेड पर धान की पराली रखी हुई थी। रविवार सुबह से लगातार हो रही बारिश के कारण टिनशेड टूटकर नीचे गिर गया। इसके नीचे सो रहा डेयरी स्वामी का परिवार मलबे में दब गया। छत के गिरने की आवाज से आसपास के लोग जमा हो गए। लोगों ने पराली व टिन को हटाकर शाहनवाज, उसकी पत्नी हसीन जहां व दो वर्षीय बेटी इकरा को बाहर निकाला। हादसे में एक भैंस की भी मलबे में दबकर मौत हो गई।
घायलों को निजी चिकित्सालय ले जाया गया, जहां से उनको सघन चिकित्सा के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। मुरादाबाद ले जाते समय इकरा ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। लोगों का कहना है कि टिनशेड पर रखी पराली बारिश के कारण भारी हो गई, टिन पर वजन बढ़ जाने के कारण वह टूटकर गिर गई। वहीं, मोहल्ला पीर का बाजार निवासी बलागत हुसैन बारिश के बीच अपने भैंसे को लेकर घर जा रहे थे। मिल चौराहे से बाजार की ओर आते हुए भैंसा सड़क के किनारे खड़े बिजली के एक खंभे की चपेट में आ गया। खंभे में करंट होने के कारण भैंसे की मौके पर ही मौत हो गई।
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बिजनौर/नगीना। 24 घंटे तक हुई बारिश ने 18 साल का रिकार्ड तोड़ दिया। रविवार और सोमवार को जितनी बारिश हुई इतनी बारिश साल 2002 में पूरे महीने में हुई थी। अक्तूबर महीने में होने वाली कुल औसत बारिश से छह गुना से ज्यादा बारिश केवल 24 घंटे में ही हो गई। जिले में 24 घंटे में 185.4 एमएम और दो दिन में 201.4 एमएम बारिश हुई है। बारिश से खेतों से लेकर सड़कों तक जलभराव हो गया। बारिश से धान, दलहन, तिलहन और सब्जी की फसलों को भारी नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। बारिश से जनजीवन भी अस्त व्यस्त हो गया।
शनिवार सुबह करीब नौ बजे शुरू हुई बारिश शाम को करीब चार बजे कुछ ही देर के लिए रुकी थी और फिर शुरू हो गई। रविवार शाम से लेकर सोमवार करीब तीन बजे तक लगातार बारिश हुई। जिससे नई बस्ती, सिविल लाइन, काजीपाड़ा, जाटान, आवास विकास, नजीबाबाद रोड आदि क्षेत्रों में जलभराव हो गया। बारिश के कारण लोग घरों में कैद होकर रह गए। तेज हवा के कारण धान की फसल पहले ही गिर गई थी। अब बारिश होने से खेतों में पानी भर गया। जिससे फसल को भारी नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। जिले में सितंबर महीने में बारिश का औसत 29.8 एमएम है, जबकि केवल 24 घंटे में ही 185.4 एमएम बारिश हुई है। दो दिन में 201.4 एमएम बारिश हो चुकी है। इतनी बारिश साल 2002 में पूरे महीने में 202 एमएम हुई थी।
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वहीं, कृषि विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में फसलों को भारी नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। धान की फसल को 30 से 35, दलहन में शामिल उड़द को 35 से 40 प्रतिशत नुकसान हुआ है। इसके अलावा सब्जी और सरसों की फसलों को भी भारी नुकसान होने का अनुमान है। हालांकि बारिश से गन्ने को कोई नुकसान नहीं हुआ है। जिस खेत में धान कटा पड़ा था, उस फसल के ही अंकुरित होने की संभावना थी। अब खेत में गिरी हुई फसल के भी अंकुरित होने की संभावना बढ़ गई है। बारिश से तापमान भी 12 डिग्री सेल्सियस तक कम हो गया है। नगीना में भी कई मोहल्लों में बारिश के कारण जलभराव की समस्या बनी रही। हिंदू इंटर कॉलेज, एमएम इंटर कॉलेज, साहू सिनेमा हॉल परिसर, रोडवेज बस स्टैंड परिसर में भी काफी पानी भरा नजर आया।
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बारिश के आंकड़े
2003 - 00
2004 - .5
2005- 00
2006 - 8.8
2007 - 31.2
2008 - 37.3
2009 -15
2010 - 2
2011 - 00
2012 - 00
2013 - 70
2014 - 83
2015 - 90
2016 - 2
2017 - 00
2018 - 43
2019 - 00
2020 - 00
2021 - 201.4
बारिश के आंकड़े एमएम में हैं। ये नगीना स्थित मौसम वेधशाला से लिए गए हैं।
चीनी मिलों का संचालन होगा प्रभावित
गन्ने में रिकवरी पहले ही कम आ रही थी। बारिश की वजह से अब रिकवरी और प्रभावित हो जाएगी। जिले की चीनी मिलें अक्तूबर के आखिरी सप्ताह में पेराई शुरू करने की तैयारी में थीं। अब अक्तूबर में पेराई होना मुश्किल लग रहा है। बिलाई चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक जयवीर सिंह के अनुसार 25 अक्तूबर से पेराई शुरू होनी थी। अब पेराई पिछड़ जाएगी। बिजनौर चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक राहुल चौधरी के अनुसार रिकवरी और बाकी चीजों को ध्यान में रखकर ही पेराई शुरू की जाएगी।
मौसम में आएगी ठंडक
नगीना स्थित मौसम वेधशाला के प्रेक्षक सतीश कुमार के अनुसार बारिश से मौसम में परिवर्तन होगा। अब जल्दी ही ठंडक होनी शुरू हो जाएगी। मंगलवार को भी बारिश होने के आसार बने हुए हैं।
गन्ने को छोड़ सभी फसलों में नुकसान
जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा के अनुसार बारिश से गन्ने को छोड़कर बाकी फसलों को नुकसान हुआ है। धान की फसल अंकुरित होने से उसका दाना खराब हो जाएगा।
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बारिश में टिनशेड गिरा, बच्ची की मौत
- गांव फैजुल्लापुर में हुआ हादसा, एक भैंस ने भी दम तोड़ा
- ग्रामीणों ने मलबे में दबे परिवार को निकाला, महिला की हालत गंभीर
फोटो समाचार
स्योहारा। दो दिन से हो रही बारिश के कारण गांव फैजुल्लापुर में डेयरी की टिन से बनी छत गिर जाने से दो वर्ष की मासूम बच्ची मौत हो गई। घायल हुए डेयरी संचालक और उसकी पत्नी को सघन चिकित्सा के लिए मुरादाबाद ले जाया गया है। हादसे का कारण टिनशेड पर रखी पराली के बारिश में गीला होने को माना जा रहा है। हादसे में टिनशेड के नीचे बंधी एक भैंस की भी जान चली गई।
गांव फैजुल्लापुर में चीनी मिल सेक्टर रोड के किनारे शाहनवाज ने डेयरी बना रखी है। जिसकी छत टिन की बनी थी। टिनशेड पर धान की पराली रखी हुई थी। रविवार सुबह से लगातार हो रही बारिश के कारण टिनशेड टूटकर नीचे गिर गया। इसके नीचे सो रहा डेयरी स्वामी का परिवार मलबे में दब गया। छत के गिरने की आवाज से आसपास के लोग जमा हो गए। लोगों ने पराली व टिन को हटाकर शाहनवाज, उसकी पत्नी हसीन जहां व दो वर्षीय बेटी इकरा को बाहर निकाला। हादसे में एक भैंस की भी मलबे में दबकर मौत हो गई।
घायलों को निजी चिकित्सालय ले जाया गया, जहां से उनको सघन चिकित्सा के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। मुरादाबाद ले जाते समय इकरा ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। लोगों का कहना है कि टिनशेड पर रखी पराली बारिश के कारण भारी हो गई, टिन पर वजन बढ़ जाने के कारण वह टूटकर गिर गई। वहीं, मोहल्ला पीर का बाजार निवासी बलागत हुसैन बारिश के बीच अपने भैंसे को लेकर घर जा रहे थे। मिल चौराहे से बाजार की ओर आते हुए भैंसा सड़क के किनारे खड़े बिजली के एक खंभे की चपेट में आ गया। खंभे में करंट होने के कारण भैंसे की मौके पर ही मौत हो गई।

बिजनौर में भारी बारिश से मोहल्ला चाहशीरी में हुए जलभराव से गुजरते वाहन।- फोटो : BIJNOR

दिल्ली-पौढ़ी नेशनल हाइवे पर बिजनौर में आदर्श नगर में भारी बारिश से हुए जलभराव से गुजरते वाहन।- फोटो : BIJNOR