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उद्यमिता के लिए 50 हजार से दो करोड़ तक के ऋण दे रही सरकार : अमिता वर्मा
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बीजेपी
‘उद्यमिता के लिए दो करोड़ तक के ऋण’
बिजनौर। उद्योग विभाग की डिप्टी कमिश्नर अमिता वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार उद्यमिता के लिए 50 हजार से लेकर दो करोड़ के ऋण उपलब्ध करा रही है। इस पर सरकार ने 25 से 43 प्रतिशत तक की छूट देने की व्यवस्था की है। उन्होंने सभी युवाओं को उद्यम बढ़ाने के लिए इस ओर ध्यान देना चाहिए। अमिता वर्मा शनिवार को वर्धमान कॉलेज में उद्यमिता और भारत का विकास विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने नव उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए ऋण दे रही है। केंद्र सरकार युवाओं को उद्यम से जोड़ने के लिए 50 हजार से दो करोड़ तक का लोन बांटा है। करीब 25 से 43 प्रतिशत छूट देने की व्यवस्था की गई है। सभी को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। विशेषकर युवाओं को उद्यम के प्रति जागरूक होना चाहिए। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति अनिल कुमार शुक्ल ने कहा कि संस्कृति की महत्ता पर बल देने की आवश्यकता है। उन्होंने प्राचीन औद्योगीकरण को याद दिलाते हुए कहा कि हमारी प्राचीन संस्कृति आज भी मौजूद है। बस उसे केवल पुन: स्मरण कर आगे बढ़ने की जरूरत है। प्राचार्य सीएम जैन ने बताया कि उद्यमिता के विषय पर अपना शोध पूर्ण कर लेख प्रस्तुत करने का आह्वान किया। इस अवसर पर डॉ. नितेश गुप्ता, वाणिज्य कर विभागाध्यक्ष एनके. जैन, डॉ. दिव्या जैन, डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ. रेनू शर्मा, डॉ. प्रीति खन्ना, डॉ. वैशाली पूनिया, डॉ. अंजू बंसल, डॉ. एनएस त्यागी आदि रहे।
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बिजनौर। उद्योग विभाग की डिप्टी कमिश्नर अमिता वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार उद्यमिता के लिए 50 हजार से लेकर दो करोड़ के ऋण उपलब्ध करा रही है। इस पर सरकार ने 25 से 43 प्रतिशत तक की छूट देने की व्यवस्था की है। उन्होंने सभी युवाओं को उद्यम बढ़ाने के लिए इस ओर ध्यान देना चाहिए। अमिता वर्मा शनिवार को वर्धमान कॉलेज में उद्यमिता और भारत का विकास विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने नव उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए ऋण दे रही है। केंद्र सरकार युवाओं को उद्यम से जोड़ने के लिए 50 हजार से दो करोड़ तक का लोन बांटा है। करीब 25 से 43 प्रतिशत छूट देने की व्यवस्था की गई है। सभी को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। विशेषकर युवाओं को उद्यम के प्रति जागरूक होना चाहिए। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति अनिल कुमार शुक्ल ने कहा कि संस्कृति की महत्ता पर बल देने की आवश्यकता है। उन्होंने प्राचीन औद्योगीकरण को याद दिलाते हुए कहा कि हमारी प्राचीन संस्कृति आज भी मौजूद है। बस उसे केवल पुन: स्मरण कर आगे बढ़ने की जरूरत है। प्राचार्य सीएम जैन ने बताया कि उद्यमिता के विषय पर अपना शोध पूर्ण कर लेख प्रस्तुत करने का आह्वान किया। इस अवसर पर डॉ. नितेश गुप्ता, वाणिज्य कर विभागाध्यक्ष एनके. जैन, डॉ. दिव्या जैन, डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ. रेनू शर्मा, डॉ. प्रीति खन्ना, डॉ. वैशाली पूनिया, डॉ. अंजू बंसल, डॉ. एनएस त्यागी आदि रहे।