{"_id":"5c267577bdec223c71481d61","slug":"21546024311-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों ने मिड डे मील देने को शासन ने आदेश किए जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों ने मिड डे मील देने को शासन ने आदेश किए जारी
विज्ञापन
मिड-डे मील
- फोटो : अमर उजाला
आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को भी मिलेगा मिड-डे मील
बिजनौर। गांवों में आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों को परिषदीय स्कूलों के बच्चों के साथ मिड-डे मील परोसे जाने का रास्ता साफ हो गया है। बच्चों को सवा चार रुपये यूनिट प्रतिदिन के हिसाब से खाना दिया जाएगा। इसके लिए अनाज की व्यवस्था ग्राम प्रधान ही करेंगे। ग्राम प्रधानों को इस संबंध में शासन ने आदेश जारी कर दिए हैं।
पहले आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों को हॉट कुक दिया जाता था। हॉट कुक आंगनबाड़ी केंद्र पर कार्यकर्ता और सहायिका द्वारा ही बनाया जाता था। लेकिन करीब ढाई साल पहले हॉट कुक का बजट मिलना बंद हो गया था। कुछ महीने पहले आंगनबाड़ी केंद्रों पर परिषदीय स्कूलों के बच्चों के साथ भोजन देने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन इन आदेशों के प्रभावी ढंग से लागू न हो पाने के कारण मिड डे मील बंटना शुरू नहीं हो पाया था। प्रधानों ने मिड-डे मील के संबंध में स्पष्ट निर्देश न होने की बात कहते हुए इसमें सहयोग करने से इनकार कर दिया था, लेकिन इस संबंध में अब शासन ने आदेश जारी कर दिए हैं।
शासन ने ग्राम प्रधानों से तुरंत ही बच्चों को मिड-डे मील उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। शासन के इस आदेश से केंद्रों पर आने वाले तीन से छह साल के दो लाख से ज्यादा बच्चे लाभान्वित होंगे। शासन द्वारा मिड-डे मील के लिए प्रति बच्चा सवा चार रुपये निर्धारित किए गए हैं। इनमें सवा दो रुपये खाद्यान्न, 50 पैसे ईंधन, एक रुपये रसोइया का पारिश्रमिक और 50 पैसे आंगनबाड़ी सहायिका का पारिश्रमिक होगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव के अनुसार प्रधानों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं, तुरंत ही बच्चों को मिड-डे मील देने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। गांवों में आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों को परिषदीय स्कूलों के बच्चों के साथ मिड-डे मील परोसे जाने का रास्ता साफ हो गया है। बच्चों को सवा चार रुपये यूनिट प्रतिदिन के हिसाब से खाना दिया जाएगा। इसके लिए अनाज की व्यवस्था ग्राम प्रधान ही करेंगे। ग्राम प्रधानों को इस संबंध में शासन ने आदेश जारी कर दिए हैं।
पहले आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों को हॉट कुक दिया जाता था। हॉट कुक आंगनबाड़ी केंद्र पर कार्यकर्ता और सहायिका द्वारा ही बनाया जाता था। लेकिन करीब ढाई साल पहले हॉट कुक का बजट मिलना बंद हो गया था। कुछ महीने पहले आंगनबाड़ी केंद्रों पर परिषदीय स्कूलों के बच्चों के साथ भोजन देने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन इन आदेशों के प्रभावी ढंग से लागू न हो पाने के कारण मिड डे मील बंटना शुरू नहीं हो पाया था। प्रधानों ने मिड-डे मील के संबंध में स्पष्ट निर्देश न होने की बात कहते हुए इसमें सहयोग करने से इनकार कर दिया था, लेकिन इस संबंध में अब शासन ने आदेश जारी कर दिए हैं।
विज्ञापन
शासन ने ग्राम प्रधानों से तुरंत ही बच्चों को मिड-डे मील उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। शासन के इस आदेश से केंद्रों पर आने वाले तीन से छह साल के दो लाख से ज्यादा बच्चे लाभान्वित होंगे। शासन द्वारा मिड-डे मील के लिए प्रति बच्चा सवा चार रुपये निर्धारित किए गए हैं। इनमें सवा दो रुपये खाद्यान्न, 50 पैसे ईंधन, एक रुपये रसोइया का पारिश्रमिक और 50 पैसे आंगनबाड़ी सहायिका का पारिश्रमिक होगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव के अनुसार प्रधानों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं, तुरंत ही बच्चों को मिड-डे मील देने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन