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फीस जमा न होने पर स्कूल प्रबंधन ने उठाया कदम
Updated Thu, 15 Feb 2018 12:29 AM IST
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नजीबाबाद। फीस जमा न होने पर दो परीक्षार्थियों को परीक्षा देने से रोक दिया गया। परीक्षार्थियों के परिजनों ने पुलिस को मामले की तहरीर सौंपकर स्कूल प्रबंधन और प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
नजीबाबाद निवासी शकील अहमद ने पुलिस को तहरीर सौंपी है। शकील अहमद ने बताया कि उनका पुत्र मुनाफ पीएनएस अरिहंत पब्लिक एकेडमी में कक्षा नौ का छात्र है। बुधवार को वह परीक्षा देने स्कूल गया, तो प्रधानाचार्य ने उसे यह कहते हुए परीक्षा से रोक दिया कि उसकी फरवरी की फीस जमा नहीं हुई है। शकील अहमद ने बताया कि इससे मानसिक आघात पहुंचा है और अन्य परिजन तब से परेशान हैं। शकील का आरोप है कि जानकारी होने पर जब वह स्कूल पहुंचे, तो प्रधानाचार्य ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।
उधर, आदर्शनगर निवासी मनमोहन सिंह ने भी पुत्री संध्या को परीक्षा देने से रोकने की शिकायत पुलिस से करते हुए कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा कुछ और विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने से रोकने से अभिभावकों में रोष व्याप्त है। अभिभावकों का कहना है कि फीस जमा करने के लिए प्रत्येक माह की 15 तारीख निर्धारित है। इसके बावजूद परीक्षार्थियों को परीक्षा देने से रोकना गलत है। स्कूल के चेयरमैन पारसनाथ जैन ने माना कि फीस जमा न करने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा देने से रोका गया है। कहा कि बच्चे स्कूल में पढ़ेंगे, तो फीस तो मांगी ही जाएगी।
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नजीबाबाद निवासी शकील अहमद ने पुलिस को तहरीर सौंपी है। शकील अहमद ने बताया कि उनका पुत्र मुनाफ पीएनएस अरिहंत पब्लिक एकेडमी में कक्षा नौ का छात्र है। बुधवार को वह परीक्षा देने स्कूल गया, तो प्रधानाचार्य ने उसे यह कहते हुए परीक्षा से रोक दिया कि उसकी फरवरी की फीस जमा नहीं हुई है। शकील अहमद ने बताया कि इससे मानसिक आघात पहुंचा है और अन्य परिजन तब से परेशान हैं। शकील का आरोप है कि जानकारी होने पर जब वह स्कूल पहुंचे, तो प्रधानाचार्य ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।
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उधर, आदर्शनगर निवासी मनमोहन सिंह ने भी पुत्री संध्या को परीक्षा देने से रोकने की शिकायत पुलिस से करते हुए कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा कुछ और विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने से रोकने से अभिभावकों में रोष व्याप्त है। अभिभावकों का कहना है कि फीस जमा करने के लिए प्रत्येक माह की 15 तारीख निर्धारित है। इसके बावजूद परीक्षार्थियों को परीक्षा देने से रोकना गलत है। स्कूल के चेयरमैन पारसनाथ जैन ने माना कि फीस जमा न करने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा देने से रोका गया है। कहा कि बच्चे स्कूल में पढ़ेंगे, तो फीस तो मांगी ही जाएगी।
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