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डीएम के आदेश पर मार्ग की जमीन को कब्जामुक्त कराने पहुंची राजस्व विभाग की टीम पैमादश में उलझी
Updated Fri, 01 Dec 2017 12:38 AM IST
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कासमपुरगढ़ी। डीएम के आदेश पर राजस्व विभाग की ओर से ग्राम सीरबासुचंद स्थित कब्रिस्तान को जाने वाले मार्ग पर अभिलेखों के अनुरूप कब्जामुक्त नहीं होने से कमेटी के लोगों में असंतोष है। कमेटी के लोगों ने मार्ग को मानक अनुरूप में कब्जामुक्त कराने की मांग की है। शिकायत पर पहुंची टीम ने मार्ग की पैमाइश कराई, पर पैमाइश ठीक प्रकार से न होने से मामला उलझ गया है।
कब्रिस्तान के अध्यक्ष मो. अशरफ आदि ने डीएम से शिकायत की थी कि कब्रिस्तान को जाने वाले मार्ग की चौड़ाई करीब 12 मीटर और लंबाई करीब 150 मीटर से ज्यादा है, लेकिन कई लोगों ने जमीन पर कब्जा कर मार्ग को संकीर्ण कर दिया है। डीएम के आदेश पर बृहस्पतिवार को हलके के लेखपाल के साथ टीम गांव में गई। टीम में शामिल लेखपालों ने अभिलेखों के अनुसार मार्ग की पैमाइश की, पर पैमाइश ठीक प्रकार से न होने से मामला उलझ गया। लेखपाल आनंद सिंह का कहना है कि अभिलेखों के अनुसार मार्ग की चौड़ाई करीब 12 मीटर होनी चाहिए थी, लेकिन वर्तमान में करीब 10 फीट के आसपास है। अधिकांश रास्ते की जमीन पर कुछ लोगों से स्थायी निर्माण कर रखा है और कुछ से रास्ते की जमीन को खेतों में मिला रखा है। ग्रामीण मोहम्मद अशरफ़, ग्राम प्रधान कासमपुरगढ़ी हामिद हसन, सरफराज, शमसुलहई, सिराजुलहक, दिलशाद, आशिफ, ताहिर, बाबर ने राजस्व अभिलेखों के अनुसार मार्ग की जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग की है।
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कब्रिस्तान के अध्यक्ष मो. अशरफ आदि ने डीएम से शिकायत की थी कि कब्रिस्तान को जाने वाले मार्ग की चौड़ाई करीब 12 मीटर और लंबाई करीब 150 मीटर से ज्यादा है, लेकिन कई लोगों ने जमीन पर कब्जा कर मार्ग को संकीर्ण कर दिया है। डीएम के आदेश पर बृहस्पतिवार को हलके के लेखपाल के साथ टीम गांव में गई। टीम में शामिल लेखपालों ने अभिलेखों के अनुसार मार्ग की पैमाइश की, पर पैमाइश ठीक प्रकार से न होने से मामला उलझ गया। लेखपाल आनंद सिंह का कहना है कि अभिलेखों के अनुसार मार्ग की चौड़ाई करीब 12 मीटर होनी चाहिए थी, लेकिन वर्तमान में करीब 10 फीट के आसपास है। अधिकांश रास्ते की जमीन पर कुछ लोगों से स्थायी निर्माण कर रखा है और कुछ से रास्ते की जमीन को खेतों में मिला रखा है। ग्रामीण मोहम्मद अशरफ़, ग्राम प्रधान कासमपुरगढ़ी हामिद हसन, सरफराज, शमसुलहई, सिराजुलहक, दिलशाद, आशिफ, ताहिर, बाबर ने राजस्व अभिलेखों के अनुसार मार्ग की जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग की है।
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