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ढबारसी के जंगल में रहने वाले मोर का जुटाया जाएगा आंकड़ा

Mon, 16 Apr 2018 01:44 AM IST
Updated Mon, 16 Apr 2018 01:44 AM IST
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ढबारसी के जंगल में रहने वाले मोर का जुटाया जाएगा आंकड़ा
अमरोहा। ढबारसी के जंगल और बागों में रहने वाले मोर का आंकड़ा जुटाया जाएगा। मोर की गिनती कराने के लिए वन विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। दरअसल एक ही सप्ताह में दो मोर की मौत और एक घायल मिलने के बाद यह कदम उठाया जा रहा है। वहीं वन विभाग राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत को लेकर सतर्क हो गया है और कड़ी कार्रवाई के मूड में हैं।
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रविवार को वन विभाग के अधिकारियों ने ढबारसी के जंगल में रहने वाले मोर की गिनती कराने के आदेश जारी कर दिए हैं। गौरतलब है कि एक सप्ताह में दो मोर मर चुके हैं। वहीं एक बाग से घायल हालत में मिला मोर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। पिछली नौ अप्रैल को ढबारसी के एक बाग में मोर घायल हालत में मिला था। जिसे वन विभाग ने अपनी सुपुर्दगी में लेते हुए इलाज शुरू कराया। वहीं 11 अप्रैल को फिर से एक मोर घायल हालत में पड़ा मिला। दोनों ही मोर वन विभाग ने अपने कार्यालय सियाली जागीर में रख लिए। इनकी हालत में सुधार के लिए डाक्टरों से इलाज कराया गया, लेकिन शनिवार को दोनों ही मोर ने दम तोड़ दिया। इतना ही नहीं शनिवार को फिर से तीसरा मोर बाग में घायल मिला। तीन मोर घायल हालत में मिलने पर वन विभाग में हड़कंप मच गया। लोगों ने आशंका जताई है कि मोर का शिकार किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले इन जंगलों और बागों में काफी मोर हुआ करते थे लेकिन, अब इनकी संख्या काफी कम हो गई। सवाल यह उठता है कि आखिर मोर चले कहां गए। कहीं शिकारियों ने मार तो नहीं गिराया। अब एक ही सप्ताह में तीन मोर के घायल मिलने पर वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। वन विभाग के अधिकारी भी मोर का शिकार होने की बात स्वीकार कर रहे हैं।
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ढबारसी में राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत होना एक गंभीर मामला है। इसमें कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मोर की गिनती कराया जाना बेहद जरूरी है। इस तरह की घटनाओं पर कार्रवाई से पहले मोर की गिनती कराई जाएगी। वहीं मामले में वन्य जीव अधिनियम के तहत मामला दर्ज करते हुए जांच कराई जानी है।
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-एके सिंह, एसडीओ वन विभाग।
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