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एसडीएम, नूरपुर विधायक ने सीमावर्ती गांवों का दौरा किया
Updated Tue, 20 Feb 2018 12:04 AM IST
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नजीबाबाद । उत्तराखंड में शामिल होने की मांग उठा रहे सीमावर्ती गांव के ग्रामीणों को समस्याओं से निजात दिलाने की मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन ने कवायद शुरू की है। एसडीएम और नूरपुर विधायक के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की टीम ने विकास सुविधाओं से वंचित गांव का दौरा कर समस्याएं सुनीं।
नजीबाबाद तहसील की ग्राम पंचायत मोटाढाक सहित सीमावर्ती गांव के लोग बिजली, पानी, संपर्क मार्ग सहित कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। डेढ़ दशक से अधिक अवधि से उत्तराखंड में शामिल करने की मांग उठा रहे ग्रामीणों को अब उत्तर प्रदेश शासन ने उन्हें मूलभूत आवश्यकताएं उपलब्ध कराने की कवायद शुरू की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीमावर्ती गांवों को विकास की किरण से वंचित होने का मुद्दा शासन स्तर पर पहुंचने के बाद नूरपुर के विधायक लोकेंद्र सिंह और प्रशासन को सीमावर्ती गांव की समस्याओं को जानने और उन्हें दूर करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को एसडीएम एसके सिंह, बीडीओ अनवर शेख, नूरपुर विधायक लोकेंद्र चौहान, वरिष्ठ भाजपा नेता राजीव अग्रवाल के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की टीम ने गांव मोटाढाक चतरूवाला, कौड़िया, जट्टीवाला क्षेत्र में पहुंचकर सीमावर्ती ग्रामीणों से उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने जट्टीवाला-बिजौरी संपर्क मार्ग खस्ताहाल होने, कौड़िया वन रेंज में वन विभाग की ओर से उन्हें आए दिन क्षेत्र छोड़ने के नोटिस देने, जल निगम और विद्युत निगम की लचर व्यवस्था सहित क्षेत्र को शासन की विकास योजनाओं का लाभ न मिलने, समस्याओं को लेकर 50 से 70 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय तक चक्कर काटने के बावजूद अधिकारियों द्वारा समस्याओं के प्रति उदासीन रुख अपनाने का आरोप लगाया। एसडीएम ने विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। सीमावर्ती गांव पहुंची टीम में लोनिवि के एक्सईएन सतन गुप्तऋषि, विद्युत निगम के एक्सईएन देवेंद्र कुमार, एसडीओ अशोक कुमार, बीईओ इशकलाल के अलावा राजस्व विभाग, वन विभाग, जल निगम सहित कई विभागों के अधिकारी शामिल थे। भाजपा की ओर से सतीश शर्मा, राजकुमार प्रजापति, महावीर सिंह भ्रमण में शामिल थे।
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नजीबाबाद तहसील की ग्राम पंचायत मोटाढाक सहित सीमावर्ती गांव के लोग बिजली, पानी, संपर्क मार्ग सहित कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। डेढ़ दशक से अधिक अवधि से उत्तराखंड में शामिल करने की मांग उठा रहे ग्रामीणों को अब उत्तर प्रदेश शासन ने उन्हें मूलभूत आवश्यकताएं उपलब्ध कराने की कवायद शुरू की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीमावर्ती गांवों को विकास की किरण से वंचित होने का मुद्दा शासन स्तर पर पहुंचने के बाद नूरपुर के विधायक लोकेंद्र सिंह और प्रशासन को सीमावर्ती गांव की समस्याओं को जानने और उन्हें दूर करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को एसडीएम एसके सिंह, बीडीओ अनवर शेख, नूरपुर विधायक लोकेंद्र चौहान, वरिष्ठ भाजपा नेता राजीव अग्रवाल के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की टीम ने गांव मोटाढाक चतरूवाला, कौड़िया, जट्टीवाला क्षेत्र में पहुंचकर सीमावर्ती ग्रामीणों से उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने जट्टीवाला-बिजौरी संपर्क मार्ग खस्ताहाल होने, कौड़िया वन रेंज में वन विभाग की ओर से उन्हें आए दिन क्षेत्र छोड़ने के नोटिस देने, जल निगम और विद्युत निगम की लचर व्यवस्था सहित क्षेत्र को शासन की विकास योजनाओं का लाभ न मिलने, समस्याओं को लेकर 50 से 70 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय तक चक्कर काटने के बावजूद अधिकारियों द्वारा समस्याओं के प्रति उदासीन रुख अपनाने का आरोप लगाया। एसडीएम ने विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। सीमावर्ती गांव पहुंची टीम में लोनिवि के एक्सईएन सतन गुप्तऋषि, विद्युत निगम के एक्सईएन देवेंद्र कुमार, एसडीओ अशोक कुमार, बीईओ इशकलाल के अलावा राजस्व विभाग, वन विभाग, जल निगम सहित कई विभागों के अधिकारी शामिल थे। भाजपा की ओर से सतीश शर्मा, राजकुमार प्रजापति, महावीर सिंह भ्रमण में शामिल थे।
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