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असलाह बाबू की अलमारी से चार नहीं आठ थानों की हुई थी फाइल गायब
Updated Sat, 13 Jan 2018 11:50 PM IST
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असलाह बाबू की अलमारी से आठ थानों फाइल गायब
बिजनौर। आठ दिन पहले असलाह बाबू की अलमारी से चार थानों की नहीं बल्कि आठ थानों की फाइल गायब हुई थीं। अफसरों की जांच में यह बात खुलकर आई है। फाइल किस मकसद से चोरी र्हुइं यह पता नहीं चला है। फाइल चोरी का शक एक लिपिक पर है। नोएडा में भी इस लिपिक की तैनाती के दौरान फाइल गायब हुई थीं।
आठ दिन पहले कलक्ट्रेट के असलाह लिपिक सुधीर शर्मा की आलमारी से बिजनौर, स्योहारा, धामपुर और कोतवाली देहात की फाइल गायब मिली थी। फाइल गायब होने की शहर कोतवाली मेें रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एडीएम वित्त एवं राजस्व सुरेंद्र राम ने फाइलों के गायब होने की जांच की तो चार थानों की जगह आठ थानों की फाइल गायब मिलीं। फाइल गायब किस इरादे से की गई यह पता नहीं चला है।
फाइल गायब करने का शक एक लिपिक पर है। यह लिपिक पहले से ही सरकारी रिकार्ड गायब करने में माहिर बताया जाता है। नोएडा में तैनाती के दौरान भी इस लिपिक के रहते सरकारी रिकार्ड गायब मिला था। कई कर्मचारियों पर रिकार्ड गायब होने पर गाज गिर गई थी। पर इस लिपिक का तब भी कुछ नहीं बिगड़ा था। यह लिपिक बिजनौर अपना तबादला कराकर बच निकला था। गजब तो यह हुआ कि लिपिक के बारे में अब सब कुछ पता होते हुए भी लिपिक का प्रमोशन तक कर दिया गया। लिपिक अब बिजनौर में रहकर अपना खेल खेलने में जुटा है। एडीएम ने फाइल गायब होने की अपनी रिपोर्ट डीएम को भेज दी है।
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बिजनौर। आठ दिन पहले असलाह बाबू की अलमारी से चार थानों की नहीं बल्कि आठ थानों की फाइल गायब हुई थीं। अफसरों की जांच में यह बात खुलकर आई है। फाइल किस मकसद से चोरी र्हुइं यह पता नहीं चला है। फाइल चोरी का शक एक लिपिक पर है। नोएडा में भी इस लिपिक की तैनाती के दौरान फाइल गायब हुई थीं।
आठ दिन पहले कलक्ट्रेट के असलाह लिपिक सुधीर शर्मा की आलमारी से बिजनौर, स्योहारा, धामपुर और कोतवाली देहात की फाइल गायब मिली थी। फाइल गायब होने की शहर कोतवाली मेें रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एडीएम वित्त एवं राजस्व सुरेंद्र राम ने फाइलों के गायब होने की जांच की तो चार थानों की जगह आठ थानों की फाइल गायब मिलीं। फाइल गायब किस इरादे से की गई यह पता नहीं चला है।
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फाइल गायब करने का शक एक लिपिक पर है। यह लिपिक पहले से ही सरकारी रिकार्ड गायब करने में माहिर बताया जाता है। नोएडा में तैनाती के दौरान भी इस लिपिक के रहते सरकारी रिकार्ड गायब मिला था। कई कर्मचारियों पर रिकार्ड गायब होने पर गाज गिर गई थी। पर इस लिपिक का तब भी कुछ नहीं बिगड़ा था। यह लिपिक बिजनौर अपना तबादला कराकर बच निकला था। गजब तो यह हुआ कि लिपिक के बारे में अब सब कुछ पता होते हुए भी लिपिक का प्रमोशन तक कर दिया गया। लिपिक अब बिजनौर में रहकर अपना खेल खेलने में जुटा है। एडीएम ने फाइल गायब होने की अपनी रिपोर्ट डीएम को भेज दी है।
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