{"_id":"597a3a584f1c1b43118b4781","slug":"201501182552-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेराई समय से पूरी करने को बनेगी मिलों की पेराई क्षमता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेराई समय से पूरी करने को बनेगी मिलों की पेराई क्षमता
Updated Fri, 28 Jul 2017 12:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समय से पेराई के लिए मिलों की क्षमता बढ़ेगी
बिजनौर।
जिले में गन्ने का रकबा और उत्पादन बढ़ने के बाद अब शुगर मिलों की पेराई क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। इससे गन्ने की पेराई समय से होगी। गन्ना विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
ट्रैंच विधि से बुआई के चलते जिले में गन्ने के उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है। बीते सत्र में जिले में रिकॉर्ड नौ करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई हुई थी। जिले में दो लाख 12 हजार हेक्टेअर जमीन में गन्ना खड़ा है। शुगर मिलों की कम क्षमता के कारण सीजन हर बार मई तक खत्म होता है। इससे किसानों को दिक्कत होती है। डीसीओ ओपी सिंह का कहना है कि शुगर मिलों की क्षमता बढ़ने से किसानों को जल्दी-जल्दी गन्ना पर्ची मिलेंगी और गन्ना समय पर खत्म होगा।
मिल पेराई क्षमता प्रस्तावित
स्योहारा 01 लाख 1.10 लाख
धामपुर 1.02 1.20 लाख
बुंदकी 51 हजार 60 हजार
नजीबाबाद 25 हजार 30 हजार
बिजनौर 21 हजार 26 हजार
चांदपुर 30 हजार 36 हजार
बरकातपुर 54 हजार 65 हजार
अफजलगढ़ 50 हजार 60 हजार
(क्विंटल प्रतिदिन)
विज्ञापन
बिजनौर।
जिले में गन्ने का रकबा और उत्पादन बढ़ने के बाद अब शुगर मिलों की पेराई क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। इससे गन्ने की पेराई समय से होगी। गन्ना विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
ट्रैंच विधि से बुआई के चलते जिले में गन्ने के उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है। बीते सत्र में जिले में रिकॉर्ड नौ करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई हुई थी। जिले में दो लाख 12 हजार हेक्टेअर जमीन में गन्ना खड़ा है। शुगर मिलों की कम क्षमता के कारण सीजन हर बार मई तक खत्म होता है। इससे किसानों को दिक्कत होती है। डीसीओ ओपी सिंह का कहना है कि शुगर मिलों की क्षमता बढ़ने से किसानों को जल्दी-जल्दी गन्ना पर्ची मिलेंगी और गन्ना समय पर खत्म होगा।
विज्ञापन
मिल पेराई क्षमता प्रस्तावित
स्योहारा 01 लाख 1.10 लाख
धामपुर 1.02 1.20 लाख
बुंदकी 51 हजार 60 हजार
नजीबाबाद 25 हजार 30 हजार
बिजनौर 21 हजार 26 हजार
चांदपुर 30 हजार 36 हजार
बरकातपुर 54 हजार 65 हजार
अफजलगढ़ 50 हजार 60 हजार
(क्विंटल प्रतिदिन)