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Bijnor News: मेडिकल अस्पताल के मन कक्ष से 1980 गोलियां गायब
Fri, 14 Jul 2023 12:45 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 14 Jul 2023 12:45 AM IST
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- गायब हुई रिस्पेरीडोन दवाई का सीजोफ्रेनिया बीमारी में होता है उपयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। बिजनौर मेडिकल अस्पताल के मन कक्ष से 1980 गोलियां गायब हो गई हैं। इसकी जानकारी तब हुई, जब सप्ताह में होने वाले दवाइयों के स्टॉक की जांच हुई। जिसके बाद गोलियां गायब होने की जानकारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को दी गई। फिलहाल गायब हुई दवाई का कुछ पता नहीं चला है।
मेडिकल अस्पताल के कमरा नंबर 42 में मन कक्ष संचालित हो रहा है। जिसमें मनोरोग विशेषज्ञ मानसिक रूप से बीमार मरीजों का इलाज करते हैं। इस कमरे में मानसिक बीमारियों से संबंधित कई तरह की दवाई रखी हुई है। इनमें से एक दवाई रिस्पेरीडोन है। जिसका उपयोग सीजोफ्रेनिया बीमारी की रोकथाम में किया जाता है। साइकेट्री नर्स राहुल कुमार भार्गव ने बताया कि हर सप्ताह दवाइयों की गिनती की जाती है। इस सप्ताह भी गिनती की गई। रिकॉर्ड के हिसाब से गिनती में रिस्पेरीडोन दवाई की 1980 गोलियां कम पाई गई। जिसके बाद इसकी जानकारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज सैन को दी गई है।
डॉ. मनोज सैन का कहना है कि दवाई कैसे गायब हुई, इसका अभी पता नहीं चला है। मामले की जांच कराई जा रही है। हालांकि जो दवाई गायब हुई हैं। वह जुलाई माह में ही एक्सपायर है। इसलिए अगर किसी मरीज को यह दवाई दी जाती है तो वह एक्सपायरी तारीख जरूर देख ले।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। बिजनौर मेडिकल अस्पताल के मन कक्ष से 1980 गोलियां गायब हो गई हैं। इसकी जानकारी तब हुई, जब सप्ताह में होने वाले दवाइयों के स्टॉक की जांच हुई। जिसके बाद गोलियां गायब होने की जानकारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को दी गई। फिलहाल गायब हुई दवाई का कुछ पता नहीं चला है।
मेडिकल अस्पताल के कमरा नंबर 42 में मन कक्ष संचालित हो रहा है। जिसमें मनोरोग विशेषज्ञ मानसिक रूप से बीमार मरीजों का इलाज करते हैं। इस कमरे में मानसिक बीमारियों से संबंधित कई तरह की दवाई रखी हुई है। इनमें से एक दवाई रिस्पेरीडोन है। जिसका उपयोग सीजोफ्रेनिया बीमारी की रोकथाम में किया जाता है। साइकेट्री नर्स राहुल कुमार भार्गव ने बताया कि हर सप्ताह दवाइयों की गिनती की जाती है। इस सप्ताह भी गिनती की गई। रिकॉर्ड के हिसाब से गिनती में रिस्पेरीडोन दवाई की 1980 गोलियां कम पाई गई। जिसके बाद इसकी जानकारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज सैन को दी गई है।
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डॉ. मनोज सैन का कहना है कि दवाई कैसे गायब हुई, इसका अभी पता नहीं चला है। मामले की जांच कराई जा रही है। हालांकि जो दवाई गायब हुई हैं। वह जुलाई माह में ही एक्सपायर है। इसलिए अगर किसी मरीज को यह दवाई दी जाती है तो वह एक्सपायरी तारीख जरूर देख ले।
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