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विधायक व भाजपा नेता विवाद मामले में नहीं हुई रिपोर्ट दर्ज
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विधायक और भाजपा नेता विवाद में अब तक दर्ज नहीं हुई रिपोर्ट
धामपुर। धामपुर डाक बंगले में भाजपा की बैठक के दौरान विधायक अशोक राणा और भाजपा किसान मोर्चा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष दुष्यंत चौहान के बीच हुए विवाद में दोनों ओर से अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। पुलिस दोनों तहरीरों की जांच में जुटी है। दुष्यंत चौहान ने चेतावनी दी है कि अगर तीन फरवरी तक मारपीट के मामले में विधायक के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे अपने समर्थकों के साथ आंदोलन करेंगे। विधायक अशोक राणा ने इसे उन्हें बदनाम करने की साजिश बताया है।
धामपुर डाक बंगले में बुधवार को विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान विधायक अशोक राणा और दुष्यंत चौहान में विवाद हो गया था। दुष्यंत चौहान का आरोप था कि विधायक ने अपने समर्थकों के साथ बैठक के दौरान उनके साथ मारपीट की। सिर में रिवाल्वर की बट मारी। विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट मांगने के विवाद में उन पर हमला किया गया। विधायक अशोक राणा के गनर पुनीत त्यागी ने आरोप लगाया कि दुष्यंत चौहान ने उनके साथ बदसलूकी करते हुए गाली गलौज और मारपीट की। दोनों ओर से धामपुर कोतवाली में तहरीर दे दी गई। अभी तक इस मामले में दोनों ओर से कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। पुलिस दोनों तहरीरों की जांच पड़ताल में जुटी है। इस घटना को लेकर भाजपा के नेता दो खेमों में बंटे हैं। एसपी संजीव त्यागी के मुताबिक दोनों तहरीरों की जांच के बाद कार्रवाई होगी।
वहीं, धामपुर क्षेत्र के विधायक अशोक राणा का कहना है कि लोनिवि के गेस्ट हाउस में बुधवार को विधान सभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की बैठक चल रही थी। इसमें वह भी शामिल थे। उन्होेंने अपने सरकारी गनर को आदेश दिया गया था कि बैठक में सुरक्षा की दृष्टि से कोई भी बाहरी व्यक्ति किसी भी हालत में शामिल नहीं होना चाहिए। कुछ बाहरी लोगों ने मीटिंग में जबरन शामिल होने का प्रयास किया। इनमें दुष्यंत चौहान भी शामिल था। गनर ने दुष्यंत रोकने का प्रयास किया तो उसने समर्थकों के साथ गनर से गाली गलौज कर मारपीट की। उनके ऊपर मारपीट करने के आरोप गलत हैं। राजनैतिक षड्यंत्र के तहत उनकी छवि को बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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धामपुर। धामपुर डाक बंगले में भाजपा की बैठक के दौरान विधायक अशोक राणा और भाजपा किसान मोर्चा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष दुष्यंत चौहान के बीच हुए विवाद में दोनों ओर से अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। पुलिस दोनों तहरीरों की जांच में जुटी है। दुष्यंत चौहान ने चेतावनी दी है कि अगर तीन फरवरी तक मारपीट के मामले में विधायक के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे अपने समर्थकों के साथ आंदोलन करेंगे। विधायक अशोक राणा ने इसे उन्हें बदनाम करने की साजिश बताया है।
धामपुर डाक बंगले में बुधवार को विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान विधायक अशोक राणा और दुष्यंत चौहान में विवाद हो गया था। दुष्यंत चौहान का आरोप था कि विधायक ने अपने समर्थकों के साथ बैठक के दौरान उनके साथ मारपीट की। सिर में रिवाल्वर की बट मारी। विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट मांगने के विवाद में उन पर हमला किया गया। विधायक अशोक राणा के गनर पुनीत त्यागी ने आरोप लगाया कि दुष्यंत चौहान ने उनके साथ बदसलूकी करते हुए गाली गलौज और मारपीट की। दोनों ओर से धामपुर कोतवाली में तहरीर दे दी गई। अभी तक इस मामले में दोनों ओर से कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। पुलिस दोनों तहरीरों की जांच पड़ताल में जुटी है। इस घटना को लेकर भाजपा के नेता दो खेमों में बंटे हैं। एसपी संजीव त्यागी के मुताबिक दोनों तहरीरों की जांच के बाद कार्रवाई होगी।
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वहीं, धामपुर क्षेत्र के विधायक अशोक राणा का कहना है कि लोनिवि के गेस्ट हाउस में बुधवार को विधान सभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की बैठक चल रही थी। इसमें वह भी शामिल थे। उन्होेंने अपने सरकारी गनर को आदेश दिया गया था कि बैठक में सुरक्षा की दृष्टि से कोई भी बाहरी व्यक्ति किसी भी हालत में शामिल नहीं होना चाहिए। कुछ बाहरी लोगों ने मीटिंग में जबरन शामिल होने का प्रयास किया। इनमें दुष्यंत चौहान भी शामिल था। गनर ने दुष्यंत रोकने का प्रयास किया तो उसने समर्थकों के साथ गनर से गाली गलौज कर मारपीट की। उनके ऊपर मारपीट करने के आरोप गलत हैं। राजनैतिक षड्यंत्र के तहत उनकी छवि को बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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