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राष्ट्रीय लोक अदालत में हुआ 5609 वादों का निस्तारण
Updated Mon, 10 Sep 2018 12:20 AM IST
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लोक अदालत में हुआ 5609 वादों का निस्तारण
बिजनौर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में लगी राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 5609 वादों का निस्तारण हुआ। निस्तारित वादों में न्यायालय में लंबित 2892, बैंक ऋण वसूली के 169 व राजस्व के 2548 वाद शामिल हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव जज राकेश सिंह के अनुसार जिला जज रमेश तिवारी ने 20 वादों का निस्तारण किया। सिविल के दस वादों में जिला जज ने 44 लाख 45 हजार 974 रुपये की समझौता राशि स्वीकृत की। मोटर दुर्घटना के दो वादों में जिला जज ने आठ लाख 40 हजार का प्रतिकर दिलाया। एडीजे राजकुमार बंसल ने मोटर दुर्घटना के दो वादों में सात लाख रुपये, एडीजे सुनील कुमार ने छह वादों का निस्तारण करते हुए मोटर दुर्घटना के दो वादों में दस लाख 95 हजार रुपये का प्रतिकर दिलाया।
सर्वाधिक वादों का निस्तारण सीजेएम उदयवीर सिंह ने किया। उन्होंने 813 वादों का निस्तारण करते हुए एक लाख 86 हजार 290 रुपये की जुर्माना राशि वसूली। लोक अदालत में फौजदारी के 2671 वादों का निस्तारण कर तीन लाख 42 हजार 440 रुपये का जुर्माना वसूला गया। प्रीलिटिगेशन बैंक मामलों में ऋण से जुड़े 169 वादों का निस्तारण हुआ। एक करोड़ 14 लाख 83 हजार 689 रुपये की बैंक ऋण की धनराशि ऋण के समझौते के आधार पर वसूली गई।
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बिजनौर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में लगी राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 5609 वादों का निस्तारण हुआ। निस्तारित वादों में न्यायालय में लंबित 2892, बैंक ऋण वसूली के 169 व राजस्व के 2548 वाद शामिल हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव जज राकेश सिंह के अनुसार जिला जज रमेश तिवारी ने 20 वादों का निस्तारण किया। सिविल के दस वादों में जिला जज ने 44 लाख 45 हजार 974 रुपये की समझौता राशि स्वीकृत की। मोटर दुर्घटना के दो वादों में जिला जज ने आठ लाख 40 हजार का प्रतिकर दिलाया। एडीजे राजकुमार बंसल ने मोटर दुर्घटना के दो वादों में सात लाख रुपये, एडीजे सुनील कुमार ने छह वादों का निस्तारण करते हुए मोटर दुर्घटना के दो वादों में दस लाख 95 हजार रुपये का प्रतिकर दिलाया।
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सर्वाधिक वादों का निस्तारण सीजेएम उदयवीर सिंह ने किया। उन्होंने 813 वादों का निस्तारण करते हुए एक लाख 86 हजार 290 रुपये की जुर्माना राशि वसूली। लोक अदालत में फौजदारी के 2671 वादों का निस्तारण कर तीन लाख 42 हजार 440 रुपये का जुर्माना वसूला गया। प्रीलिटिगेशन बैंक मामलों में ऋण से जुड़े 169 वादों का निस्तारण हुआ। एक करोड़ 14 लाख 83 हजार 689 रुपये की बैंक ऋण की धनराशि ऋण के समझौते के आधार पर वसूली गई।
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