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रामपुर ठकरा की फसल होगी नीलाम
Updated Tue, 21 Nov 2017 12:19 AM IST
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रामपुर ठकरा में खड़ी फसल होगी नीलाम
बिजनौर। वन विभाग की जमीन पर बसे गांव रामपुर ठकरा को खाली कराने के लिए वन विभाग ने कमर कस ली है। वन विभाग अपनी 15 हेक्टेयर जमीन में खड़ी फसल को नीलाम कराएगा। इस संबंध में गांव वालों को भी अवगत करा दिया गया है।
गांव रामपुर ठकरा की जमीन का मामला कई साल तक कोर्ट में चला। गांव की आबादी और किसानों द्वारा जोती जा रही करीब एक हजार बीघा जमीन के स्वामित्व को लेकर यह केस चला था। गांव वाले और वन विभाग जमीन को अपना बता रहे थे। 21 दिसंबर 2016 को हाईकोर्ट की डबल बेंच ने गांव वालों के कब्जे को गलत बताते हुए जमीन खाली कराने के निर्देश वन विभाग को दिए थे। साथ ही हाईकोर्ट ने गांव वालों को फसल काटने के लिए जुलाई 2017 तक का समय दिया था। लेकिन गांव वालों ने खेतों में फसल बोना जारी रखा।
वन विभाग की जमीन पर अब भी गन्ना, धान, परमल, चारे की फसल खड़ी हैं। इस गांव की आबादी करीब एक हजार है। प्रशासन द्वारा गांव को खाली कराने की तैयारी काफी समय से चल रही थी। वन विभाग ने 18 सितंबर को अभियान चलाकर करीब 200 बीघा जमीन को खाली करा लिया था। गांव वालों को जमीन खाली करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया था। अब वन विभाग के अधिकारी जमीन को खाली कराने के लिए सख्त रवैया अख्तियार करने में जुट गए हैं। विभाग द्वारा उनकी 15 हेक्टेयर जमीन पर खड़ी फसल को नीलाम कराया जाएगा। डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन ने कहा कि फसल को नीलाम कराने की प्रक्रिया चल रही है।
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बिजनौर। वन विभाग की जमीन पर बसे गांव रामपुर ठकरा को खाली कराने के लिए वन विभाग ने कमर कस ली है। वन विभाग अपनी 15 हेक्टेयर जमीन में खड़ी फसल को नीलाम कराएगा। इस संबंध में गांव वालों को भी अवगत करा दिया गया है।
गांव रामपुर ठकरा की जमीन का मामला कई साल तक कोर्ट में चला। गांव की आबादी और किसानों द्वारा जोती जा रही करीब एक हजार बीघा जमीन के स्वामित्व को लेकर यह केस चला था। गांव वाले और वन विभाग जमीन को अपना बता रहे थे। 21 दिसंबर 2016 को हाईकोर्ट की डबल बेंच ने गांव वालों के कब्जे को गलत बताते हुए जमीन खाली कराने के निर्देश वन विभाग को दिए थे। साथ ही हाईकोर्ट ने गांव वालों को फसल काटने के लिए जुलाई 2017 तक का समय दिया था। लेकिन गांव वालों ने खेतों में फसल बोना जारी रखा।
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वन विभाग की जमीन पर अब भी गन्ना, धान, परमल, चारे की फसल खड़ी हैं। इस गांव की आबादी करीब एक हजार है। प्रशासन द्वारा गांव को खाली कराने की तैयारी काफी समय से चल रही थी। वन विभाग ने 18 सितंबर को अभियान चलाकर करीब 200 बीघा जमीन को खाली करा लिया था। गांव वालों को जमीन खाली करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया था। अब वन विभाग के अधिकारी जमीन को खाली कराने के लिए सख्त रवैया अख्तियार करने में जुट गए हैं। विभाग द्वारा उनकी 15 हेक्टेयर जमीन पर खड़ी फसल को नीलाम कराया जाएगा। डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन ने कहा कि फसल को नीलाम कराने की प्रक्रिया चल रही है।
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