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राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान
Updated Wed, 27 Sep 2017 12:24 AM IST
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‘जनसूचना में मांगी जानकारी देने में विलंब न हो’
बिजनौर। राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने सभी जन सूचना एवं अपीलीय जन सूचना अधिकारियों को निर्देश दिए कि आरटीआई में मांगी गई सूचना की जानकारी पूर्ण मानक एवं गुणवत्ता से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उसमें अनावश्यक रूप से किसी भी स्थिति में विलंब नहीं होना चाहिए।
कलक्ट्रेट सभागार में उन्होंने कहा कि राज्य सूचना आयोग सूचना के अधिकार को निष्पक्षता और गुणवत्ता के साथ क्रियान्वित करने के लिए सजग और संकल्पित है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति इस अधिनियम का गलत प्रयोग कर किसी भी अधिकारी से एक ही सूचना बार-बार अलग-अलग तरीके से मांग कर परेशान करने का प्रयास करता है तो आयोग द्वारा ऐसे व्यक्ति को दंडित करने का भी अधिकार है। उन्होंने सभी अधिकारियों का आह्वान किया है कि यदि इस प्रकार की कोई शिकायत उन्हें किसी व्यक्ति से है तो उसको चिह्नित करें ताकि आयोग उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आयोग को भ्रमित कर किसी अधिकारी पर जुर्माना लगा दिया गया है तो अधिकारी स्वयं उपस्थित होकर उनके सामने अपना पक्ष रख सकता है, सही पाए जाने पर उसे दंड मुक्त किया जा सकता है।
कहा कि अपने विभागों में सूचना के अधिकार से संबंधित शिकायतों को लंबित न रखें और वादी को आयोग में आने के लिए मजबूर न करें। 28 सितंबर को उनकी अध्यक्षता में होने वाली जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में सभी अधिकारी सूचना के अधिकार से संबंधित प्रकरणों के साथ संबंधित बाबू के साथ उपस्थित रहें, ताकि उन पर विचार किया जा सके। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी, एडीएम वि/रा सुरेंद्रराम, एडीएम प्रशासन मदन सिंह गर्ब्याल, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट इंद्रजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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अधिकारियों पर लगाया 2.75 लाख का का जुर्माना
राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने बताया कि मंगलवार को सुनवाई के दूसरे दिन उनके सामने कुल 55 वाद प्रस्तुत किए गए। इनमें 12 वादों पर संबंधित अधिकारियों पर 2.75 लाख रुपये का दंड लगाया गया। 19 वाद वादी की संतुष्टि पर निस्तारित किए गए। आठ वादों पर संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस और क्षतिपूर्ति, 11 वादों में वादी को आपत्ति के लिए निर्देशित किया गया। अन्य प्रतिवादियों को सूचना देने के लिए समय उपलब्ध कराया गया है।
इन अधिकारियों पर लगा जुर्माना
आज जिन अधिकारियों पर सूचना आयुुक्त ने जुर्माना लगाया उनमें जन सूचना अधिकारी आयुक्त मुरादाबाद मंडल भी हैं। इन पर सूचना न देने पर 25 हजार रुपये जुर्माना रोपित किया गया है।
अन्य अधिकारी हैं -वाणिज्य कर के डिप्टी कमिश्नर मुरादाबाद पर 25 हजार , उप जिलाधिकारी बिलारी पर 25 हजार, जन सूचना अधिकारी आयुक्त मुरादाबाद मंडल पर 25 हजार रुपये, बेसिक शिक्षा अधिकारी बुलंदशहर 15 हजार, नगर निगम मुरादाबाद पर 25 हजार, एसएसपी मुरादाबाद पर 25 हजार, मुख्य चिकित्साधिकारी रामपुर पर 25 हजार, खंड विकास अधिकारी बिलारी पर 25 हजार, ग्राम विकास अधिकारी डिलारी पर 25 हजार, खंड विकास अधिकारी बिलारी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है।
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बिजनौर। राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने सभी जन सूचना एवं अपीलीय जन सूचना अधिकारियों को निर्देश दिए कि आरटीआई में मांगी गई सूचना की जानकारी पूर्ण मानक एवं गुणवत्ता से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उसमें अनावश्यक रूप से किसी भी स्थिति में विलंब नहीं होना चाहिए।
कलक्ट्रेट सभागार में उन्होंने कहा कि राज्य सूचना आयोग सूचना के अधिकार को निष्पक्षता और गुणवत्ता के साथ क्रियान्वित करने के लिए सजग और संकल्पित है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति इस अधिनियम का गलत प्रयोग कर किसी भी अधिकारी से एक ही सूचना बार-बार अलग-अलग तरीके से मांग कर परेशान करने का प्रयास करता है तो आयोग द्वारा ऐसे व्यक्ति को दंडित करने का भी अधिकार है। उन्होंने सभी अधिकारियों का आह्वान किया है कि यदि इस प्रकार की कोई शिकायत उन्हें किसी व्यक्ति से है तो उसको चिह्नित करें ताकि आयोग उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आयोग को भ्रमित कर किसी अधिकारी पर जुर्माना लगा दिया गया है तो अधिकारी स्वयं उपस्थित होकर उनके सामने अपना पक्ष रख सकता है, सही पाए जाने पर उसे दंड मुक्त किया जा सकता है।
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कहा कि अपने विभागों में सूचना के अधिकार से संबंधित शिकायतों को लंबित न रखें और वादी को आयोग में आने के लिए मजबूर न करें। 28 सितंबर को उनकी अध्यक्षता में होने वाली जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में सभी अधिकारी सूचना के अधिकार से संबंधित प्रकरणों के साथ संबंधित बाबू के साथ उपस्थित रहें, ताकि उन पर विचार किया जा सके। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी, एडीएम वि/रा सुरेंद्रराम, एडीएम प्रशासन मदन सिंह गर्ब्याल, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट इंद्रजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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अधिकारियों पर लगाया 2.75 लाख का का जुर्माना
राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने बताया कि मंगलवार को सुनवाई के दूसरे दिन उनके सामने कुल 55 वाद प्रस्तुत किए गए। इनमें 12 वादों पर संबंधित अधिकारियों पर 2.75 लाख रुपये का दंड लगाया गया। 19 वाद वादी की संतुष्टि पर निस्तारित किए गए। आठ वादों पर संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस और क्षतिपूर्ति, 11 वादों में वादी को आपत्ति के लिए निर्देशित किया गया। अन्य प्रतिवादियों को सूचना देने के लिए समय उपलब्ध कराया गया है।
इन अधिकारियों पर लगा जुर्माना
आज जिन अधिकारियों पर सूचना आयुुक्त ने जुर्माना लगाया उनमें जन सूचना अधिकारी आयुक्त मुरादाबाद मंडल भी हैं। इन पर सूचना न देने पर 25 हजार रुपये जुर्माना रोपित किया गया है।
अन्य अधिकारी हैं -वाणिज्य कर के डिप्टी कमिश्नर मुरादाबाद पर 25 हजार , उप जिलाधिकारी बिलारी पर 25 हजार, जन सूचना अधिकारी आयुक्त मुरादाबाद मंडल पर 25 हजार रुपये, बेसिक शिक्षा अधिकारी बुलंदशहर 15 हजार, नगर निगम मुरादाबाद पर 25 हजार, एसएसपी मुरादाबाद पर 25 हजार, मुख्य चिकित्साधिकारी रामपुर पर 25 हजार, खंड विकास अधिकारी बिलारी पर 25 हजार, ग्राम विकास अधिकारी डिलारी पर 25 हजार, खंड विकास अधिकारी बिलारी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है।