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सरकार की सख्ती के बाद आवंटित पोषाहार केंद्रों पर न रखे जाने का आरोप
Updated Tue, 28 Aug 2018 12:29 AM IST
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पोषाहार केंद्रों पर न रखे जाने का आरोप
धामपुर। मोहम्मदपुर सादा, अल्हैपुर और रायपुर मलूक न्याय पंचायत में शामिल अधिकांश गांवों के ग्रामीणों का आरोप है कि उनके पंचायतों में समन्वित बाल विकास विभाग की ओर से चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यकर्ता पोषाहार को केंद्रों पर रखने के स्थान पर अपने घरों में रख रही हैं। ब्लाक क्षेत्र के 299 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं, किशोरियों, तीन माह से लेकर तीन साल तक के बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए अलग अलग प्रकार का पोषाहार केंद्रों को भेजा जाता है। क्षेत्र के मुखराम सिंह, असलम, कुशलपाल सिंह, शौनाथ सिंह, गजेंद्र सिंह का कहना है कि उनके गांवों की आंगनबाड़ी अभी भी पहले की तरह से पोषाहार को अपने घर रखती हैं। कभी कभार पोषाहार का वितरण किया जा रहा है। जबकि केंद्र पर ही वितरण करने का प्रावधान है। सीडीपीओ हेमलता ने आरोपों को गलत बताया। ग्रामीणों ने एसडीएम से जांच की मांग की है।
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धामपुर। मोहम्मदपुर सादा, अल्हैपुर और रायपुर मलूक न्याय पंचायत में शामिल अधिकांश गांवों के ग्रामीणों का आरोप है कि उनके पंचायतों में समन्वित बाल विकास विभाग की ओर से चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यकर्ता पोषाहार को केंद्रों पर रखने के स्थान पर अपने घरों में रख रही हैं। ब्लाक क्षेत्र के 299 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं, किशोरियों, तीन माह से लेकर तीन साल तक के बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए अलग अलग प्रकार का पोषाहार केंद्रों को भेजा जाता है। क्षेत्र के मुखराम सिंह, असलम, कुशलपाल सिंह, शौनाथ सिंह, गजेंद्र सिंह का कहना है कि उनके गांवों की आंगनबाड़ी अभी भी पहले की तरह से पोषाहार को अपने घर रखती हैं। कभी कभार पोषाहार का वितरण किया जा रहा है। जबकि केंद्र पर ही वितरण करने का प्रावधान है। सीडीपीओ हेमलता ने आरोपों को गलत बताया। ग्रामीणों ने एसडीएम से जांच की मांग की है।