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रामपुर ठकरा का सीमांकन
Updated Thu, 18 Jan 2018 01:21 AM IST
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एक बीघा जमीन बनी दो जिलों का सिरदर्द
बिजनौर। गांव रामपुर ठकरा का प्रशासन फिर से सीमांकन कराएगा। प्रथम जांच में अब तक काफी जमीन ऐसी मिली हैं जिस पर किस जिले का स्वामित्व है यह पता नहीं चला है। इसकी जांच के लिए एसडीएम वीके सिंह ने टीम गठित कर दी है। टीम गांव रामपुर ठकरा में जाकर सीमांकन करेगी। इसी के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सीमांकन की कार्रवाई शुक्रवार से शुरू की जाएगी।
गांव रामपुर ठकरा की जमीन का मामला कई साल तक कोर्ट में चला। गांव की आबादी व किसानों द्वारा जोती जा रही करीब एक बीघा जमीन के स्वामित्व को लेकर यह केस चला था। गांव वाले और वन विभाग जमीन को अपना बता रहे थे। 21 दिसंबर 2016 को हाईकोर्ट की डबल बेंच ने गांव वालों के कब्जे को गलत बताते हुए जमीन खाली कराने के निर्देश वन विभाग को दिए थे। जबकि गांव वाले रामपुर ठकरा को मुजफ्फरनगर जिले मेें बताते आ रहे हैं। एसडीएम वीके सिंह ने इस मामले में फिर से सीमांकन कराने का फैसला लिया।
इस संबंध में मुजफ्फरनगर जिले की जानसठ तहसील की टीम से भी संपर्क किया गया है। बुधवार को एसडीएम, तहसील धर्मेंद्र सिंह व रेंजर सतीश कुमार गांव रामपुर ठकरा पहुंचे। वहां दोनों जिलों के नक्शों की जांच की गई। जांच में पाया गया कि खादर क्षेत्र का काफी हिस्सा ऐसा था जो दोनों जिलों के नक्शों में वहां की संपत्ति के रूप में दर्ज था। यह स्पष्ट नहीं हो रहा था कि वह हिस्सा किस जिले में है। एसडीएम वीके सिंह के अनुसार इस मामले में दोनों जिलों की सर्वे टीम को लगाया है। टीम दोनों जिलों की जमीन का सीमांकन करेगी। विशेष रूप से जो जमीन दोनों जिलों में नक्शों द्वारा दर्शाई जा रही है, उसका सीमांकन भी होगा।
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बिजनौर। गांव रामपुर ठकरा का प्रशासन फिर से सीमांकन कराएगा। प्रथम जांच में अब तक काफी जमीन ऐसी मिली हैं जिस पर किस जिले का स्वामित्व है यह पता नहीं चला है। इसकी जांच के लिए एसडीएम वीके सिंह ने टीम गठित कर दी है। टीम गांव रामपुर ठकरा में जाकर सीमांकन करेगी। इसी के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सीमांकन की कार्रवाई शुक्रवार से शुरू की जाएगी।
गांव रामपुर ठकरा की जमीन का मामला कई साल तक कोर्ट में चला। गांव की आबादी व किसानों द्वारा जोती जा रही करीब एक बीघा जमीन के स्वामित्व को लेकर यह केस चला था। गांव वाले और वन विभाग जमीन को अपना बता रहे थे। 21 दिसंबर 2016 को हाईकोर्ट की डबल बेंच ने गांव वालों के कब्जे को गलत बताते हुए जमीन खाली कराने के निर्देश वन विभाग को दिए थे। जबकि गांव वाले रामपुर ठकरा को मुजफ्फरनगर जिले मेें बताते आ रहे हैं। एसडीएम वीके सिंह ने इस मामले में फिर से सीमांकन कराने का फैसला लिया।
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इस संबंध में मुजफ्फरनगर जिले की जानसठ तहसील की टीम से भी संपर्क किया गया है। बुधवार को एसडीएम, तहसील धर्मेंद्र सिंह व रेंजर सतीश कुमार गांव रामपुर ठकरा पहुंचे। वहां दोनों जिलों के नक्शों की जांच की गई। जांच में पाया गया कि खादर क्षेत्र का काफी हिस्सा ऐसा था जो दोनों जिलों के नक्शों में वहां की संपत्ति के रूप में दर्ज था। यह स्पष्ट नहीं हो रहा था कि वह हिस्सा किस जिले में है। एसडीएम वीके सिंह के अनुसार इस मामले में दोनों जिलों की सर्वे टीम को लगाया है। टीम दोनों जिलों की जमीन का सीमांकन करेगी। विशेष रूप से जो जमीन दोनों जिलों में नक्शों द्वारा दर्शाई जा रही है, उसका सीमांकन भी होगा।
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