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आजादी के 70 साल बाद सोलर लाइट से रोशन हुए एक दर्जन गांव
Updated Fri, 12 Jan 2018 11:29 PM IST
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सोलर लाइट से रोशन हुए एक दर्जन गांव
बिजनौर।
जिले के अनेक गांवों में आजादी के 70 साल बाद भी बिजली नहीं पहुंची है। ये गांव अधिकतर गंगापार या उन क्षेत्रों में हैं जहां विद्युत लाइन खींचना शासन की ओर से प्रतिबंधित है। नेडा ने इन गांवों को गोद लिया और गांववासियों को घर-घर सोलर लाइट के उपकरणों का तोहफा दिया है।
नेडा के परियोजना अधिकारी एसके सिंह के मुताबिक जिले के गांव हिम्मतपुर बेला, राम सहायवाला, कोटावाली, रामपुर टाटा, गंगाराम वाला, पुरुषोत्तमपुर, रामनगर, बिजरखाता, तकमियां मोहकमपुर सिंह, हल्दूखाता, जाफराबाद आदि गांव ऐसे हैं, जिनमें आजादी के बाद बिजली नहीं पहुंची थी। इन गांवों में आधा दर्जन से अधिक गांव गंगापार के हैं, अन्य गांव ऐसे है जहां से होकर बिजली लाइन नहीं खींची जा सकती है। ग्रामीणों की मांग के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी बिजली निगम ने नियम-उपनियमों को हवाला देते हुए गांव में बिजली पहुंचाने से हाथ खड़े देते थे। इस संबंध में सीडीओ डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने परियोजना अधिकारी नेडा समेत शासन स्तर पर इस बारे में बात की।
परियोजना अधिकारी के अनुसार नेडा ऐसे गांवों में रोशनी पहुंचाने का संकल्प लिया और घरों पर नि:शुल्क सोलर पावर सेट लगवाने का शुरू किया गया। एक दर्जन गांवों में सोलर लाइट लग चुकी हैं। अन्य गांवों में भी सोलर पावर सेट जल्द लग जाएंगे। छज्जू, विरेंद्र, हरपाल, सुखवा, आनंद आदि ने प्रशासन की इस पहल की प्रशंसा की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि अब उनके गांव में सड़क, शौचालय, नाली आदि पर भी तेजी से कार्य होगा। सीडीओ के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत गंगापार और दूरस्थ गांवों में शौचालय निर्माण का काम प्रशासन की ओर से जारी है। यदि कहीं से मांग आती है तो उसको प्राथमिका से पूरा किया जाएगा।
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अनुदान पर प्राप्त करें सोलर लाइट सेट
नेडा के परियोजना अधिकारी एसके सिंह के अनुसार जिले के ग्राम पंचायतों में सोलर लाइट लगवाई जा रही हैं। एक सोलर लाइट सेट 22,400 रुपये का है। जिस पर 15300 रुपये का अनुदान है। प्रथम आओ-प्रथम पाओ के आधार पर ग्राम पंचायतों को सोलर सेट दिए जा रहे है। 150 ग्राम पंचायतों में अनुदान पर सोलर सेट लग चुके हैं। अनुदान पर दिए जाने वाले सोलर सेटों की संख्या सीमित है। यदि कोई ग्रामीण निजी रूप से सोलर सेट लगवाना चाहता है तो पूरा भुगतान करके सेट लगवा सकता है।
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बिजनौर।
जिले के अनेक गांवों में आजादी के 70 साल बाद भी बिजली नहीं पहुंची है। ये गांव अधिकतर गंगापार या उन क्षेत्रों में हैं जहां विद्युत लाइन खींचना शासन की ओर से प्रतिबंधित है। नेडा ने इन गांवों को गोद लिया और गांववासियों को घर-घर सोलर लाइट के उपकरणों का तोहफा दिया है।
नेडा के परियोजना अधिकारी एसके सिंह के मुताबिक जिले के गांव हिम्मतपुर बेला, राम सहायवाला, कोटावाली, रामपुर टाटा, गंगाराम वाला, पुरुषोत्तमपुर, रामनगर, बिजरखाता, तकमियां मोहकमपुर सिंह, हल्दूखाता, जाफराबाद आदि गांव ऐसे हैं, जिनमें आजादी के बाद बिजली नहीं पहुंची थी। इन गांवों में आधा दर्जन से अधिक गांव गंगापार के हैं, अन्य गांव ऐसे है जहां से होकर बिजली लाइन नहीं खींची जा सकती है। ग्रामीणों की मांग के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी बिजली निगम ने नियम-उपनियमों को हवाला देते हुए गांव में बिजली पहुंचाने से हाथ खड़े देते थे। इस संबंध में सीडीओ डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने परियोजना अधिकारी नेडा समेत शासन स्तर पर इस बारे में बात की।
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परियोजना अधिकारी के अनुसार नेडा ऐसे गांवों में रोशनी पहुंचाने का संकल्प लिया और घरों पर नि:शुल्क सोलर पावर सेट लगवाने का शुरू किया गया। एक दर्जन गांवों में सोलर लाइट लग चुकी हैं। अन्य गांवों में भी सोलर पावर सेट जल्द लग जाएंगे। छज्जू, विरेंद्र, हरपाल, सुखवा, आनंद आदि ने प्रशासन की इस पहल की प्रशंसा की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि अब उनके गांव में सड़क, शौचालय, नाली आदि पर भी तेजी से कार्य होगा। सीडीओ के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत गंगापार और दूरस्थ गांवों में शौचालय निर्माण का काम प्रशासन की ओर से जारी है। यदि कहीं से मांग आती है तो उसको प्राथमिका से पूरा किया जाएगा।
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अनुदान पर प्राप्त करें सोलर लाइट सेट
नेडा के परियोजना अधिकारी एसके सिंह के अनुसार जिले के ग्राम पंचायतों में सोलर लाइट लगवाई जा रही हैं। एक सोलर लाइट सेट 22,400 रुपये का है। जिस पर 15300 रुपये का अनुदान है। प्रथम आओ-प्रथम पाओ के आधार पर ग्राम पंचायतों को सोलर सेट दिए जा रहे है। 150 ग्राम पंचायतों में अनुदान पर सोलर सेट लग चुके हैं। अनुदान पर दिए जाने वाले सोलर सेटों की संख्या सीमित है। यदि कोई ग्रामीण निजी रूप से सोलर सेट लगवाना चाहता है तो पूरा भुगतान करके सेट लगवा सकता है।