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पीली बांध में इस बार पिछले सालों की तुलना में पानी का लेबल सात फिट अधिक, सिंचाई के पानी का नहीं होगा टोटा

Tue, 26 Dec 2017 11:58 PM IST
Updated Tue, 26 Dec 2017 11:58 PM IST
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पीली बांध में इस बार पिछले सालों की तुलना में पानी का लेबल सात फिट अधिक, सिंचाई के पानी का नहीं होगा टोटा
पीली बांध में भरपूर पानी, प्यासे नहीं रहेंगे खेत
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धामपुर।
किसानों को इस बार फसलों की सिंचाई के लिए पानी का टोटा नहीं रहेगा। पिछले सालों की तुलना में रेहड़ का पीली बांध 835 फीट के सापेक्ष 842 फीट लेबिल तक पानी से भरा गया है। डिवीजन के सभी 24 रजवाहों और 32 अल्पिकाओं की सिल्ट सफाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। 33 नहरों में विभाग की ओर से पानी को प्रवाहित कर अंतिम छोर तक पहुंचा दिया गया है।
अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर के एक्सईएन आरके शर्मा ने बताया कि जनपद बिजनौर और मुरादाबाद में उनके क्षेत्र में आने वाले सभी 24 रजवाहों और 32 अल्पिकाओं की सिल्ट सफाई का काम पूरा करा दिया है। इनकी सिल्ट सफाई पर करीब डेढ़ करोड़ की लागत आई है। नहरों और अल्पिकाओं की करीब 450 किमी लंबाई रही है। इन सभी रजवाहों और अल्पिकाओं में 89 हजार हेक्टेयर से ज्यादा कृषि क्षेत्रफल की सिंचाई होती है। वर्ष 2012 से सरकार ने किसानों के लिए निशुल्क आबपासी कर रखी है। किसानों से विभाग नहरों से सिंचाई करने के बदले कोई आबपासी नहीं ली जाती है। सिल्ट सफाई के कार्य का डीएम की ओर से गठित टीम में शामिल अधिकारियों ने निरीक्षण कर लिया है। इनमें से करीब 33 नहरों में पानी को छोड़ दिया गया है। बांध में रबी और खरीफ की फसलों की पर्याप्त सिंचाई के लिए पानी है।
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कई परियोजनाओं को सरकार से नहीं मिली मंजूरी
सिंचाई विभाग की ओर से बाढ़ नियंत्रण की तीन परियोजनाओं का प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया था। यह तीनों परियोजनाएं 59 करोड़ की हैं। लेकिन इन्हें मंजूरी नहीं मिल सकी है। इनमें गंगा के किनारे बसे गांव बालावाली से लेकर राजारामपुर में बाढ़ को रोकने का काम होना है। जिस पर करीब 53 करोड़ की लागत आनी है। यदि यह परियोजना समय से तैयार हो गई तो इस क्षेत्र के करीब 25 गांवों में हर साल आने वाली बाढ़ से छुटकारा मिल जाएगा। गांव इब्राहिमपुर में खो नदी की बाढ़ को रोकने को तीन करोड़ की लागत से काम होना है। 1.80 करोड़ की लागत से गांव तिपरजोत और 1.3 करोड़ की लागत से नाथाडोई, नंदगांव में बाढ़ से निपटने की योजना है।
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