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सफाई कर्मचारियों ने की पदोन्नति की मांग
Updated Thu, 13 Dec 2018 12:17 AM IST
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सफाई कर्मचारियों ने दिया धरना
बिजनौर। पंचायती राज सफाईकर्मी संयुक्त मोर्चे के बैनर तले सफाई कर्मचारियों ने अनेक मांगों को लेकर विकास भवन प्रांगण में धरना दिया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम बृजेश कुमार को देकर मांगों पर कार्रवाई की मांग की।
विकास भवन में हुए धरने में जिलाध्यक्ष सुरेंद्रपाल सिंह ने कहा कि उन्हें सेवा करते हुए दस साल हो गए हैं लेकिन उनकी प्रोन्नति की कोई व्यवस्था नहीं है। सरकार कर्मचारियों से बंधुआ मजदूर की तरह काम ले रही है। केंद्र व प्रदेश सरकार के स्वच्छता अभियान को सफल करने वाले सफाई कर्मचारियों से पेरोल पर काम ले रही है। वेतन निकलवाने के लिए सफाई कर्मचारियों को ग्राम प्रधानों व सचिवों के घर के चक्कर काटने पड़ते हैं। इसके बाद सफाई कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और ज्ञापन दिया। ज्ञापन में उनका पदोन्नति का शासनादेश जारी कराने, सफाई कर्मी का पदनाम परिवर्तित कराने, 1900 ग्रेड पे का लाभ देने, पेरोल व्यवस्था समाप्त करके सेवा नियमावली बनाने, पुरानी पेंशन बहाल करने तथा न्यूनतम वेतनमान 26 हजार रुपये देने की मांग की। मांग पूरी न होने पर 21 दिसंबर को लखनऊ में प्रदर्शन करने तथा 2019 में परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। इस दौरान भूपेंद्रपाल सिंह, दीपक चौटाला, जोगेंद्र भारती, राजीव कुमार, रामेंद्र गोड़ियाल, कपिल रेड्डी, प्रदीप, संजीव, सुनील, अनिल शर्मा, रामकिशन आदि मौजूद रहे।
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बिजनौर। पंचायती राज सफाईकर्मी संयुक्त मोर्चे के बैनर तले सफाई कर्मचारियों ने अनेक मांगों को लेकर विकास भवन प्रांगण में धरना दिया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम बृजेश कुमार को देकर मांगों पर कार्रवाई की मांग की।
विकास भवन में हुए धरने में जिलाध्यक्ष सुरेंद्रपाल सिंह ने कहा कि उन्हें सेवा करते हुए दस साल हो गए हैं लेकिन उनकी प्रोन्नति की कोई व्यवस्था नहीं है। सरकार कर्मचारियों से बंधुआ मजदूर की तरह काम ले रही है। केंद्र व प्रदेश सरकार के स्वच्छता अभियान को सफल करने वाले सफाई कर्मचारियों से पेरोल पर काम ले रही है। वेतन निकलवाने के लिए सफाई कर्मचारियों को ग्राम प्रधानों व सचिवों के घर के चक्कर काटने पड़ते हैं। इसके बाद सफाई कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और ज्ञापन दिया। ज्ञापन में उनका पदोन्नति का शासनादेश जारी कराने, सफाई कर्मी का पदनाम परिवर्तित कराने, 1900 ग्रेड पे का लाभ देने, पेरोल व्यवस्था समाप्त करके सेवा नियमावली बनाने, पुरानी पेंशन बहाल करने तथा न्यूनतम वेतनमान 26 हजार रुपये देने की मांग की। मांग पूरी न होने पर 21 दिसंबर को लखनऊ में प्रदर्शन करने तथा 2019 में परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। इस दौरान भूपेंद्रपाल सिंह, दीपक चौटाला, जोगेंद्र भारती, राजीव कुमार, रामेंद्र गोड़ियाल, कपिल रेड्डी, प्रदीप, संजीव, सुनील, अनिल शर्मा, रामकिशन आदि मौजूद रहे।
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