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जनसंपर्क और संसाधन जुटाने में जुटे भाकियू कार्यकर्ता
Updated Thu, 26 Apr 2018 12:13 AM IST
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दूसरे दिन भी नहीं हुई मालन की सफाई
नजीबाबाद। भारतीय किसान यूनियन की ओर से मालन नदी की सफाई के लिए उठाया गया कदम फिलहाल सार्थक होता नजर नहीं आ रहा। भाकियू द्वारा बुधवार को भी सफाई अभियान नहीं चलाया जा सका। उधर, नगरपालिका परिषद के कई नालों से गंदा पानी सीधे मालन नदी में डाला जा रहा है।
भारतीय किसान यूनियन ने 19 अप्रैल को मालन नदी की सफाई का अभियान शुरू किया था। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत एवं जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह की उपस्थिति में डीएम अटल राय, सीडीओ डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने सफाई अभियान की शुरुआत की थी। एसडीएम एसके सिंह, तहसीलदार सुरेश कुमार की देखरेख में पहले दिन जेसीबी मशीनें लगाकर मालन नदी पर नवनिर्मित पुल के नीचे से गांव शाहपुर के बीच नदी से मलबा निकाला गया था। इसके बाद सफाई अभियान फ्लॉप हो गया। 19 अप्रैल के बाद से आज तक कोई सफाई अभियान नहीं चला। भाकियू कार्यकर्ता किसानों से संपर्क करने और सफाई के लिए संसाधन जुटाने का दावा कर रहे हैं।
भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा कि उन्हें प्रशासन से जिस तरह के सहयोग की अपेक्षा थी, वह उन्हें नहीं मिल रहा। उधर, नदी क्षेत्र में दलदल अधिक होने से सफाई अभियान प्रभावित हो रहा है। दिगंबर सिंह ने कहा कि उन्होंने हिम्मत नहीं हारी है, जो जिम्मेदारी ली है, उसे पूरा कर ही दम लेंगे। दूसरी ओर, नगरपालिका परिषद के कई नालों से आबादी के गंदे पानी की निकासी मालन नदी में की जा रही है। रोजाना काफी मात्रा में गंदा पानी मालन नदी में मिलने से मालन नदी प्रदूषण मुक्त होने की उम्मीद नजर नहीं आ रही।
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वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का प्रस्ताव भेजा : ईओ
नजीबाबाद। नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि सीवर ट्रीटमेंट प्लान के अंतर्गत आबादी के गंदे पानी के शुद्धिकरण के बाद ही नदी में छोड़ने की योजना है। इसका प्रस्ताव सीएनडीएफ को भेजा जा चुका है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए हर्सवाड़ा और कोतवाली मार्ग पर जमीन तलाशी गई है। स्वीकृति मिलने पर काम शुरू किया जाएगा।
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नजीबाबाद। भारतीय किसान यूनियन की ओर से मालन नदी की सफाई के लिए उठाया गया कदम फिलहाल सार्थक होता नजर नहीं आ रहा। भाकियू द्वारा बुधवार को भी सफाई अभियान नहीं चलाया जा सका। उधर, नगरपालिका परिषद के कई नालों से गंदा पानी सीधे मालन नदी में डाला जा रहा है।
भारतीय किसान यूनियन ने 19 अप्रैल को मालन नदी की सफाई का अभियान शुरू किया था। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत एवं जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह की उपस्थिति में डीएम अटल राय, सीडीओ डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने सफाई अभियान की शुरुआत की थी। एसडीएम एसके सिंह, तहसीलदार सुरेश कुमार की देखरेख में पहले दिन जेसीबी मशीनें लगाकर मालन नदी पर नवनिर्मित पुल के नीचे से गांव शाहपुर के बीच नदी से मलबा निकाला गया था। इसके बाद सफाई अभियान फ्लॉप हो गया। 19 अप्रैल के बाद से आज तक कोई सफाई अभियान नहीं चला। भाकियू कार्यकर्ता किसानों से संपर्क करने और सफाई के लिए संसाधन जुटाने का दावा कर रहे हैं।
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भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा कि उन्हें प्रशासन से जिस तरह के सहयोग की अपेक्षा थी, वह उन्हें नहीं मिल रहा। उधर, नदी क्षेत्र में दलदल अधिक होने से सफाई अभियान प्रभावित हो रहा है। दिगंबर सिंह ने कहा कि उन्होंने हिम्मत नहीं हारी है, जो जिम्मेदारी ली है, उसे पूरा कर ही दम लेंगे। दूसरी ओर, नगरपालिका परिषद के कई नालों से आबादी के गंदे पानी की निकासी मालन नदी में की जा रही है। रोजाना काफी मात्रा में गंदा पानी मालन नदी में मिलने से मालन नदी प्रदूषण मुक्त होने की उम्मीद नजर नहीं आ रही।
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वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का प्रस्ताव भेजा : ईओ
नजीबाबाद। नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि सीवर ट्रीटमेंट प्लान के अंतर्गत आबादी के गंदे पानी के शुद्धिकरण के बाद ही नदी में छोड़ने की योजना है। इसका प्रस्ताव सीएनडीएफ को भेजा जा चुका है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए हर्सवाड़ा और कोतवाली मार्ग पर जमीन तलाशी गई है। स्वीकृति मिलने पर काम शुरू किया जाएगा।