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समितियों के बकाएदार नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
Updated Sun, 17 Sep 2017 12:52 AM IST
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बिजनौर। सहकारी समितियों के बकाएदार किसान चुनाव में भाग नहीं ले सकेंगे। जिले की समितियों में करीब साठ हजार बकाएदार किसान हैं। बकाएदारों को 23 अक्टूबर तक बकाया पैसा जमा करना जरूरी है। इस बार समितियों के भूमिहीन सदस्य भी चुनाव लड़ सकेंगे। प्रथम चरण में प्राइमरी समितियों के चुनाव हैं। सहकारिता विभाग बकाएदारों की समीक्षा में लगा है।
सहायक निबंधक कार्यालय के अनुसार जिले में 96 प्राइमरी समिति हैं। इनमें 63 किसान सेवा सहकारी समिति,27 साधन सहकारी समिति तथा छह क्षेत्रीय समिति हैं। जिले की इन समितियों में करीब एक लाख 46 हजार सदस्य हैं। समितियों में दो तरह के सदस्य होते हैं। पहले भूमिधारक तथा दूसरे भूमिहीन सदस्य हैं। पूर्व में भूमिहीन सदस्यों को चुनाव का अधिकार प्राप्त नहीं था। शासन ने इस बार यह प्रतिबंध समाप्त कर दिया है। समिति के डायरेक्टर का चुनाव छह नवंबर तथा चेयरमैन, वाइस चेयरमैन व संस्थाओं के डेलीगेट का चुनाव सात नवंबर को प्रस्तावित है। जो व्यक्ति निर्वाचन की तिथि से 45 दिन पहले 120 रुपये शुल्क देकर सदस्य बन जाएगा , वह चुनाव में भाग ले सकेगा। समिति के पुराने सदस्य का कम से कम एक सौ रुपये का शेयर समिति में होना जरूरी है।
कासमपुर गढी समिति में सबसे अधिक सदस्य, चुनाव में आरक्षण रहेगा लागू
बिजनौर। जिले की किसान सेवा सहकारी समिति कासमपुरगढ़ी सबसे अधिक सदस्यों वाली समिति है। इस समिति में करीब दस हजार सदस्य हैं। मिलक जहागीराबाद सबसे छोटी समिति है। इस समिति में मात्र 458 सदस्य हैं। प्रत्येक समिति से नौ डायरेक्टर चुने जाने हैं। इनमें एक एससी, एक बीसी , दो महिला सदस्य तथा पांच सामान्य सदस्य होते हैं।
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सहायक निबंधक कार्यालय के अनुसार जिले में 96 प्राइमरी समिति हैं। इनमें 63 किसान सेवा सहकारी समिति,27 साधन सहकारी समिति तथा छह क्षेत्रीय समिति हैं। जिले की इन समितियों में करीब एक लाख 46 हजार सदस्य हैं। समितियों में दो तरह के सदस्य होते हैं। पहले भूमिधारक तथा दूसरे भूमिहीन सदस्य हैं। पूर्व में भूमिहीन सदस्यों को चुनाव का अधिकार प्राप्त नहीं था। शासन ने इस बार यह प्रतिबंध समाप्त कर दिया है। समिति के डायरेक्टर का चुनाव छह नवंबर तथा चेयरमैन, वाइस चेयरमैन व संस्थाओं के डेलीगेट का चुनाव सात नवंबर को प्रस्तावित है। जो व्यक्ति निर्वाचन की तिथि से 45 दिन पहले 120 रुपये शुल्क देकर सदस्य बन जाएगा , वह चुनाव में भाग ले सकेगा। समिति के पुराने सदस्य का कम से कम एक सौ रुपये का शेयर समिति में होना जरूरी है।
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बिजनौर। जिले की किसान सेवा सहकारी समिति कासमपुरगढ़ी सबसे अधिक सदस्यों वाली समिति है। इस समिति में करीब दस हजार सदस्य हैं। मिलक जहागीराबाद सबसे छोटी समिति है। इस समिति में मात्र 458 सदस्य हैं। प्रत्येक समिति से नौ डायरेक्टर चुने जाने हैं। इनमें एक एससी, एक बीसी , दो महिला सदस्य तथा पांच सामान्य सदस्य होते हैं।
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